भगवान वाल्मीकि जी की शिक्षाएं समाज को समानता, सद्भाव और मानवता के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती हैं – मुख्यमंत्री
The teachings of Lord Valmiki ji inspire the society to walk on the path of equality, harmony and humanity - Chief Minister

नई दिल्ली , 25 अक्टूबर -हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने अमृतसर स्थित भगवान वाल्मीकि तीर्थ स्थल पर पहुंचकर भगवान वाल्मीकि जी को नमन किया और माथा टेककर देश एवं प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि, शांति और कल्याण की कामना की। तीर्थ स्थल पर पहुंचने पर लोगों ने मुख्यमंत्री का जोरदार स्वागत किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने भगवान वाल्मीकि जयंती के पावन पर्व पर देश एवं प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि भगवान वाल्मीकि जी का जीवन और उनकी शिक्षाएं संपूर्ण मानवता के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उनकी शिक्षाएं समाज में समानता, सद्भाव, भाईचारे और नैतिक मूल्यों को मजबूत करने का संदेश देती हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान वाल्मीकि जी द्वारा रचित रामायण भारतीय संस्कृति, आदर्श जीवन मूल्यों और मानवीय संवेदनाओं का अनुपम ग्रंथ है। भगवान वाल्मीकि जी के विचार हमें सत्य, धर्म, कर्तव्य और मानवता के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हैं। उनकी शिक्षाएं आज भी समाज को एकजुट करने और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने जरूरतमंद लाभार्थियों को ट्राई साइकिलें भी वितरित कीं। उन्होंने कहा कि जरूरतमंद लोगों को सहायता प्रदान करना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के अवसर उपलब्ध करवाना समाज के प्रति हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। दिव्यांगजनों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करवाकर उनके जीवन को सुगम बनाना तथा उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान वाल्मीकि जी की शिक्षाओं को अपने जीवन में अपनाते हुए हमें समाज के प्रत्येक वर्ग के सम्मान, कल्याण और उत्थान के लिए मिलकर कार्य करना चाहिए। यही भगवान वाल्मीकि जी के प्रति सच्ची श्रद्धा और सम्मान है।
