महिला सशक्तीकरण और उद्यमिता को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने का सशक्त माध्यम बनेगा दीपावली मेला : प्रो. मुरलीमनोहर पाठक
Deepawali Mela will be a powerful medium to take women empowerment and entrepreneurship to new heights: Prof. Murali Manohar Pathak
विधायक सतीश उपाध्याय ने कहा—महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता से सशक्त होगा समाज; श्री लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय में ‘कौशल एवं उद्यमिता दीपावली मेले’ का भव्य आयोजन

नई दिल्ली, 5 नवंबर 2026 श्री लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, नई दिल्ली में महिला अध्ययन केंद्र के तत्वावधान में ‘कौशल एवं उद्यमिता दीपावली मेले’ का भव्य आयोजन उत्साह एवं उल्लास के वातावरण में संपन्न हुआ। मेले का उद्देश्य महिला सशक्तीकरण, कौशल विकास, उद्यमिता और आर्थिक आत्मनिर्भरता को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ स्वदेशी उत्पादों एवं भारतीय सांस्कृतिक परंपराओं को बढ़ावा देना रहा। इस अवसर पर विश्वविद्यालय परिसर में दीपावली के उत्सवी वातावरण के बीच रचनात्मकता, हुनर और उद्यमशीलता का सुंदर समन्वय दिखाई दिया।कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति प्रो. मुरलीमनोहर पाठक ने कहा कि कौशल, सृजनात्मकता और उद्यमशीलता किसी भी समाज की आर्थिक प्रगति के महत्वपूर्ण आधार हैं। महिलाओं में प्रतिभा और सामर्थ्य की कोई कमी नहीं है; आवश्यकता है उन्हें उचित अवसर, प्रशिक्षण और प्रोत्साहन उपलब्ध कराने की। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन महिलाओं को अपने कौशल को पहचानने, उसे व्यावहारिक स्वरूप देने तथा आत्मनिर्भर उद्यमी के रूप में आगे बढ़ने का मंच प्रदान करते हैं। भारतीय ज्ञान परंपरा में नारी को सृजन, शक्ति और समृद्धि का प्रतीक माना गया है। इसलिए महिला सशक्तीकरण को केवल सामाजिक दायित्व तक सीमित न रखकर उसे आर्थिक स्वावलंबन और राष्ट्र निर्माण से जोड़ना आवश्यक है। उन्होंने महिला अध्ययन केंद्र के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय शिक्षा के साथ-साथ विद्यार्थियों और समाज में कौशल, नवाचार तथा उद्यमिता की भावना विकसित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री सतीश उपाध्याय, विधायक, मालवीय नगर विधानसभा क्षेत्र, दिल्ली ने कहा कि महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता परिवार, समाज और राष्ट्र—तीनों की मजबूती का आधार है। आज महिलाएँ अपनी प्रतिभा, परिश्रम और नवाचार के बल पर उद्यमिता के क्षेत्र में नई पहचान स्थापित कर रही हैं। ऐसे मेले उन्हें अपने उत्पादों और कौशल को प्रदर्शित करने, बाजार से जुड़ने तथा स्वरोजगार की संभावनाओं को साकार करने का अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि स्वदेशी उत्पादों को प्रोत्साहन देना और स्थानीय प्रतिभाओं को आर्थिक अवसर उपलब्ध कराना आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को मजबूत करता है। श्री उपाध्याय ने विश्वविद्यालय द्वारा महिला सशक्तीकरण एवं उद्यमिता को प्रोत्साहित करने के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की और कहा कि इस प्रकार की पहल समाज में सकारात्मक परिवर्तन की प्रेरक बनती हैं।विशिष्ट अतिथि श्रीमती गरिमा शर्मा, संस्थापक, यस मैडम (Yes Madam), दिल्ली ने अपने उद्बोधन में कहा कि किसी भी महिला को सफल उद्यमी बनाने में उसके कौशल के साथ आत्मविश्वास, उचित मार्गदर्शन और बाजार तक पहुँच की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उन्होंने महिलाओं को अपनी क्षमताओं पर विश्वास रखते हुए नए अवसरों का लाभ उठाने तथा उद्यमिता के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।सारस्वत अतिथि श्रीमती सुषमा सिंह, पूर्व अध्यक्ष, उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग ने कहा कि महिला सशक्तीकरण का वास्तविक अर्थ महिलाओं को सामाजिक सम्मान के साथ आर्थिक रूप से स्वतंत्र और निर्णय लेने में सक्षम बनाना है। कौशल विकास एवं स्वरोजगार के अवसर महिलाओं को आत्मविश्वास प्रदान करते हैं और उन्हें अपने परिवार तथा समाज के विकास में अधिक प्रभावी भूमिका निभाने के योग्य बनाते हैं।विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो. पवन कुमार शर्मा ने कहा कि कौशल विकास और उद्यमिता वर्तमान समय की महत्वपूर्ण आवश्यकताएँ हैं। उच्च शिक्षा संस्थानों का दायित्व केवल शैक्षणिक ज्ञान प्रदान करना ही नहीं, बल्कि विद्यार्थियों और समाज को व्यावहारिक कौशल, नवाचार तथा स्वरोजगार के लिए भी तैयार करना है। इस दिशा में महिला अध्ययन केंद्र की पहल सराहनीय है।वित्ताधिकारी श्री संतोष श्रीवास्तव ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि आर्थिक आत्मनिर्भरता सामाजिक प्रगति का महत्वपूर्ण आधार है। महिलाओं की प्रतिभा और कौशल को आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने वाले ऐसे आयोजन उनके लिए नए अवसरों के द्वार खोलते हैं। उन्होंने इस आयोजन को महिला उद्यमिता को प्रोत्साहित करने की सार्थक पहल बताया।महिला अध्ययन केंद्र की संयोजिका एवं निदेशक प्रो. मीनू कश्यप ने अतिथियों का स्वागत करते हुए मेले के उद्देश्यों और केंद्र की गतिविधियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि महिला अध्ययन केंद्र का प्रयास महिलाओं की प्रतिभा को पहचान, मंच और अवसर उपलब्ध कराना है, ताकि वे अपने कौशल को उद्यमिता एवं आत्मनिर्भरता में परिवर्तित कर सकें। उन्होंने आयोजन को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी अतिथियों, विश्वविद्यालय प्रशासन, प्रतिभागियों एवं सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया।कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के समस्त पीठ प्रमुख, विभागाध्यक्ष, संकाय सदस्य, अधिकारी-कर्मचारी, शोधार्थी एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे। मेले ने महिला प्रतिभाओं, कौशल और उद्यमशीलता को प्रोत्साहित करने के साथ स्वावलंबन एवं स्वदेशी भावना का प्रेरक संदेश दिया। उत्साहपूर्ण सहभागिता के बीच आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

