अब बीबीए-बीसीए में भी आर्थिक रूप से कमजोर मेधावी छात्राओं को मिलेगी स्कॉलरशिप
Now economically weak meritorious girl students will get scholarship in BBA-BCA too

नई दिल्ली. देश की बेटियों के लिए एक अच्छी खबर है. इंजीनियरिंग के बाद अब मोदी सरकार मैनेजमेंट और कंप्यूटर एप्लीकेशन के क्षेत्र में भी बेटियों की भागीदारी बढ़ाएगी. इन सेक्टर में बेटियों की भागीदारी और रुझान को बढ़ाने के
लिए उन्हें स्कॉलरशिप देकर मदद की जाएगी. बीबीए, बीसीए और बीएमएस प्रोग्राम की आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की मेधावी छात्राओं को यह स्कॉलरशिप दिया जाएगा. इस योजना पर सालाना 7.5 करोड़ रुपये खर्च होंगे. इस पर देश में शिक्षा के क्षेत्र में एक अग्रणी थिंक टैंक सेंटर फॉर एजुकेशन ग्रोथ एंड रिसर्च (सीईजीआर) के डायरेक्टर रविश रोशन कहते हैं कि शैक्षणिक सत्र 2024-25 से बीबीए, बीसीए और बीएमएस प्रोग्राम में दाखिले भी एआईसीटीई के तहत ही होंगे. आपको बता दें एआईसीटीई पहली बार आगामी सत्र से बीबीए, बीसीए और बीएमएस प्रोग्राम को पढ़ाने की मंजूरी दे रहा है. अभी
तक यह तीनों प्रोग्राम को पढ़ाने की मंजूरी विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) से मिलती थी. इसलिए एआईसीटीई से मान्यता प्राप्त कॉलेजों की छात्राओं को इस स्कॉलरशिप का लाभ मिलेगा. डायरेक्टर, सीईजीआर कहते हैं कि इंजीनियरिंग में अतिरिक्त सीटें और स्कॉलरशिप मिलने से छात्राओं की संख्या में काफी बढ़ी है. इसी कारण अब मैनेजमेंट और कंप्यूटर एप्लीकेशन के क्षेत्र में बेटियों की भागीदारी बढ़ाने पर मोदी सरकार का जोर है. बेटियों को इन क्षेत्रों में उच्च शिक्षा से जोड़े रखने के लिए स्कॉलरशिप सबसे बेहतर माध्यम है इसलिए आगामी सत्र 2024 से बीबीए, बीसीए और बीएमएस की आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की 3000 से अधिक मेधावी छात्राओं को स्कॉलरशिप दी जाएगी. इसमें छात्राओं को सालाना 25 हजार रुपये दिए जाएंगे. इस स्कॉलरशिप योजना
का मकसद तकनीकी और प्रबंधन शिक्षा में बेटियों की क्षमता को निखारना है. अभी तक इंजीनियरिंग क्षेत्र में बेटियों की संख्या बढ़ाने के लिए प्रगति योजना में स्कॉलरशिप दी जाती है. इसमें 50 हजार रुपये सालाना स्कॉलरशिप मिलती है.
