मानव अधिकार मिशन के 15वें स्थापना दिवस पर महिला सशक्तिकरण एवं मानव अधिकार जागरूकता का भव्य आयोजन

Grand event of women empowerment and human rights awareness on the 15th foundation day of human rights mission


गाजियाबाद। मानव अधिकार मिशन के 15वें स्थापना दिवस के अवसर पर जिला गाजियाबाद इकाई द्वारा “मानव अधिकार एवं महिला अधिकार जागरूकता तथा महिला सशक्तिकरण” विषय पर एक भव्य एवं प्रेरणादायी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में समाज के विभिन्न वर्गों के गणमान्य नागरिकों, अधिवक्ताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं महिलाओं ने बड़ी संख्या में सहभागिता कर मानव अधिकारों और महिला सशक्तिकरण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि पूर्व राष्ट्रीय महिला आयोग अध्यक्ष एवं मानव अधिकार मिशन की संरक्षक ममता शर्मा रहीं। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों की रक्षा तभी संभव है जब महिलाएं शिक्षित, आत्मनिर्भर और अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हों। उन्होंने कहा कि आज महिलाओं ने शिक्षा, प्रशासन, राजनीति, न्यायपालिका, विज्ञान, खेल और उद्यमिता सहित हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है, लेकिन अभी भी समाज के अनेक वर्गों में महिलाओं को उनके अधिकारों से वंचित किया जाता है। ऐसे में जागरूकता और शिक्षा ही सबसे बड़ा सशक्तिकरण है। उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण केवल महिलाओं का विषय नहीं, बल्कि एक सशक्त, विकसित और संवेदनशील राष्ट्र के निर्माण का आधार है। उन्होंने महिलाओं से आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने, अन्य महिलाओं को भी जागरूक करने तथा समाज एवं राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। साथ ही उन्होंने मानव अधिकार मिशन द्वारा महिलाओं एवं जरूरतमंद वर्गों के लिए किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे संगठन समाज में सकारात्मक परिवर्तन के वाहक बनते हैं।
कार्यक्रम की अध्यक्षता मानव अधिकार मिशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. महेंद्र शर्मा ने की। उन्होंने संगठन की 15 वर्षों की गौरवशाली यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि मानव अधिकार मिशन ने मानव अधिकार संरक्षण, महिला सशक्तिकरण, शिक्षा, स्वास्थ्य, न्याय एवं सामाजिक सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किए हैं। उन्होंने कहा कि मिशन आज देशभर में लाखों लोगों के विश्वास और उम्मीद का केंद्र बन चुका है तथा बिना किसी सरकारी आर्थिक सहायता के केवल सेवा, समर्पण और सदस्यों के सहयोग के बल पर निरंतर जनहित में कार्य कर रहा है।
डॉ. शर्मा ने कहा कि मानव अधिकार केवल कानूनी विषय नहीं बल्कि प्रत्येक व्यक्ति की गरिमा, सम्मान और समान अवसरों से जुड़ा हुआ विषय है। उन्होंने कहा कि जब तक समाज के अंतिम व्यक्ति को न्याय, शिक्षा, स्वास्थ्य और सम्मान नहीं मिलेगा, तब तक वास्तविक विकास की कल्पना अधूरी रहेगी। उन्होंने संगठन द्वारा देश के विभिन्न राज्यों में किए जा रहे जनकल्याणकारी कार्यों, गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों की सहायता, महिलाओं के अधिकारों की रक्षा, बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य शिविरों, रक्तदान अभियानों तथा सामाजिक जागरूकता कार्यक्रमों का उल्लेख करते हुए कहा कि मानव अधिकार मिशन का उद्देश्य केवल समस्याओं को उठाना नहीं, बल्कि उनके समाधान के लिए सक्रिय प्रयास करना है।
उन्होंने महिला सशक्तिकरण पर विशेष जोर देते हुए कहा कि जिस समाज में महिलाओं को सम्मान और समान अवसर प्राप्त होते हैं, वही समाज प्रगति के नए आयाम स्थापित करता है। उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा, शिक्षा और आर्थिक आत्मनिर्भरता सुनिश्चित करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। डॉ. शर्मा ने संगठन के सभी पदाधिकारियों और सदस्यों का आह्वान किया कि वे मानव अधिकारों एवं महिला अधिकारों के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए गांव-गांव और शहर-शहर तक पहुंचें तथा समाज के कमजोर, वंचित और पीड़ित वर्गों की आवाज बनें। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले वर्षों में मानव अधिकार मिशन और अधिक व्यापक स्तर पर जनसेवा के नए कीर्तिमान स्थापित करेगा।
मानव अधिकार मिशन के राष्ट्रीय विधि सचिव निबरास अहमद ने महिलाओं को उनके कानूनी अधिकारों एवं सुरक्षा संबंधी प्रावधानों की विस्तृत जानकारी देते हुए जागरूक एवं सशक्त बनने का संदेश दिया। वहीं राष्ट्रीय महासचिव संजीव खत्री ने महिला अधिकारों, सामाजिक जागरूकता तथा संगठन की जनहितकारी गतिविधियों पर अपने विचार व्यक्त किए।
गाजियाबाद के वरिष्ठ अधिवक्ता पंडित दर्शन लाल गौड़ ने महिलाओं के संवैधानिक अधिकारों एवं मानव अधिकारों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि एक जागरूक और संवेदनशील समाज ही महिलाओं को सुरक्षित, सम्मानजनक और समान अवसर प्रदान कर सकता है।
इस अवसर पर महिला सशक्तिकरण, मानव अधिकार संरक्षण एवं सामाजिक जागरूकता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले व्यक्तियों को सम्मानित भी किया गया। सभी वक्ताओं ने महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा एवं अधिकारों की रक्षा के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया।
कार्यक्रम के समापन पर मानव अधिकार मिशन के पश्चिम उत्तर प्रदेश अध्यक्ष नेपाल सिंह सिसोदिया ने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए सभी अतिथियों, वक्ताओं, पदाधिकारियों, सदस्यों एवं सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने मानव अधिकार मिशन के उद्देश्यों को जन-जन तक पहुंचाने तथा महिला सशक्तिकरण एवं मानव अधिकार जागरूकता के लिए निरंतर कार्य करने का संकल्प दोहराया।
कार्यक्रम में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एम.एस. जन्मेदा, पश्चिम उत्तर प्रदेश उपाध्यक्ष मुकेश वर्मा, हर्षवर्धन अरोड़ा, डॉ. सतीश भारद्वाज, जिला महासचिव राजेंद्र सिंह चौहान, के.पी. सिंह, शिवकुमार शर्मा, बरखा सिंह, जया वी.के. तोमर, पुष्पेंद्र, सारिका, अपराजिता, रामचंद्र शर्मा सहित जिला बागपत की टीम एवं अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
मानवता, न्याय, समानता एवं महिला सम्मान के मूल्यों को सुदृढ़ करने तथा मानव अधिकारों की अलख जन-जन तक पहुंचाने के संकल्प के साथ कार्यक्रम का सफलतापूर्वक समापन हुआ।

You might also like