भारत की अस्मिता और गौरव का प्रतीक है अयोध्या का मंदिर: प्रो. योगेश सिंह

Ayodhya temple is a symbol of India's identity and pride: Prof. Yogesh Singh

वीएचपी के अंतरराष्ट्रीय कार्याध्यक्ष ने डीयू कुलपति को दिया रामलला प्राणप्रतिष्ठा कार्यक्रम का न्योता

नई दिल्ली, 14 जनवरी। विश्व हिन्दू परिषद के अंतरराष्ट्रीय कार्याध्यक्ष एडवोकेट आलोक कुमार ने दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. योगेश सिंह को राम लला प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम का न्योता दिया। रविवार को दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति आवास पर पहुंचकर उन्होंने कुलपति को अक्षत के साथ यह निमंत्रण दिया। निमंत्रण को सहर्ष स्वीकार करते हुए कुलपति ने कहा कि यह हम सबके लिए गर्व और सम्मान की बात है कि अयोध्या में भगवान राम के मंदिर में भगवान की प्राण प्रतिष्ठा हो रही है। कुलपति ने कहा कि इस कार्यक्रम को छोटे रूप में नहीं देखा जाए। भगवान हमारे मन में भी हैं, लेकिन जो भारत की अस्मिता है, उसके गौरव का प्रतीक है, वह भारत का अयोध्या का राम मंदिर है।

प्रो. योगेश सिंह ने कहा कि 22 जनवरी, 2024 भारत के इतिहास में लिखा जाने वाला वह दिन साबित होना है जिस दिन भारत की अस्मिता, भारत के संकल्प और भारत के वैभव को विश्व देखेगा। निमंत्रण पर खुशी जताते हुए कुलपति ने कहा, “आज राम लला प्राण प्रतिष्ठा निमंत्रण के लिए विश्व हिन्दू परिषद के अंतरराष्ट्रीय कार्याध्यक्ष एडवोकेट आलोक कुमार जी आए हैं। मैं अपने आप को बहुत ही सौभाग्यशाली महसूस करता हूं कि उन्होंने मुझे यहां आकार निमंत्रण दिया है। इसके लिए मैं हृदय से उनका बहुत-बहुत आभार प्रकट करता हूँ।” कुलपति ने कहा कि दिल्ली विश्वविद्यालय हर तरीके से इस मुहिम से जुड़ा हुआ है और हम सब के लिए यह बहुत ही सम्मान की बात है। इस अवसर पर दक्षिणी दिल्ली परिसर के निदेशक श्री प्रकाश सिंह, रजिस्ट्रार डॉ. विकास गुप्ता, प्रॉक्टर प्रो. रजनी अब्बी, एसओएल की निदेशक प्रो. पायल मागो, कल्चर काउंसिल के चेयरपर्सन अनूप लाठर, डूटा अध्यक्ष प्रो. अजय कुमार भागी आदि सहित अनेकों गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

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