जनता की उम्मीदों और चुनावी घोषणापत्र को पूरा करने में नाकाम साबित हुईं बीजेपी-जेजेपी- हुड्डा
BJP-JJP proved unsuccessful in fulfilling public expectations and election manifesto: Hooda

बलराम शर्मा
रोहतक, 22 जनवरीः बीजेपी-जेजेपी जनता की उम्मीदों और अपने चुनावी घोषणापत्र को लागू करने में पूरी तरह विफल साबित हुई हैं। यही वजह है कि आज कोई भी वर्ग इस गठबंधन सरकार से खुश नहीं है। ये कहना है पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा का। हुड्डा आज रोहतक बार काउंसिल के कार्यक्रम में शिरकत करने पहुंचे थे। इस मौके पर पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि हरियाणा में चुनाव के लिए कांग्रेस पूरी तरह तैयार है। पार्टी पिछले 5 साल से लगातार जनता के बीच जा रही है। कांग्रेस सदन से लेकर सड़क तक जनता की आवाज उठा रही है। लेकिन बीजेपी-जेजेपी सत्ता सुख भोगने में लगी है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में आने वाली सरकार कांग्रेस की होगी और कांग्रेस अपने घोषणापत्र में किए गए हर एक वादे को पूरा करेगी। जबकि बीजेपी-जेजेपी ने चुनावी घोषणाओं के नाम पर सिर्फ जनता के साथ धोखा किया है। बुजुर्गों को 5100 पेंशन, 75% नौकरियों में आरक्षण, एमएसपी की गारंटी, किसानों की डबल आय, हर परिवार को पक्का मकान देने जैसे तमाम वादे झूठ साबित हुए। इतना ही नहीं कांग्रेस कार्यकाल के दौरान चलाई गई कल्याणकारी योजनाओं को भी इस सरकार ने बंद कर दिया। गरीबों को 100 गज के मुफ्त प्लॉट, गरीब परिवारों के बच्चों को वजीफा और राशन डिपो से हर परिवार को 35 किलो अनाज, दाल, चीनी व नमक देने की योजनाओं को बंद कर दिया गया है। फैमिली आईडी और क्रीमी लेयर की लिमिट को 8 लाख से घटकर 6 लाख करके पिछड़ा वर्ग का आरक्षण छीन लिया गया। बेरोजगारी से त्रस्त युवा आज प्रदेश व देश छोड़कर पलायन कर रहे हैं। बड़ी तादाद में नौजवान नशे और अपराध के दलदल में फंस रहे हैं।
राम मंदिर को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में हुड्डा ने कहा कि भगवान राम सभी की आस्था के प्रतीक हैं। सबसे पहले राम मंदिर के दरवाजे राजीव गांधी जी ने खोले थे। केंद्र में कांग्रेस सरकार थी राजीव गाँधी जी प्रधामंत्री थे । इन्हीं के शासन के दौरान सालों से बंद पड़े मंदिर के दरवाज़े खोले गए थे। राजीव गांधी ने बीर बहादुर सिंह के साथ तालमेल कर मंदिर के ताले खुलवाए और जिसके बाद 9 नवंबर, 1989 में अयोध्या में शिलान्यास हुआ। भगवान राम को किसी पार्टी से नहीं जोड़ना चाहिए, वह सबके लिए पूजनीय व श्रद्धा के केंद्र हैं।
