आम जनता को महंगाई से मिली राहत, रिटेल इंफ्लेशन मार्च में घटकर 4.85 फीसदी पर आईः आईसीसीआई
Common people got relief from inflation, retail inflation came down to 4.85% in March: ICCI
– महंगाई के मोर्चे पर आम जनता के लिए अच्छी खबर
– फरवरी में खुदरा महंगाई 5.09 फीसदी रही
– खाद्य वस्तुओं की महंगाई मार्च में 8.52 फीसदी रही
– मार्च 2023 में यह 5.66 फीसदी पर थी
– चालू वित्त वर्ष में खुदरा महंगाई 4.5 फीसदी रहने का अनुमान

नई दिल्ली. देश में महंगाई के मोर्चे पर आम जनता के लिए अच्छी खबर है. फरवरी के बाद अब मार्च में भी खुदरा महंगाई को लेकर लोगों को राहत मिली है. उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) पर आधारित महंगाई मार्च में सालाना आधार पर 0.24 फीसदी कम होकर 4.85 फीसदी पर आ गई। पिछले 5 महीने में खुदरा महंगाई दर का यह सबसे निचला स्तर है. इससे पहले, अक्टूबर 2023 में खुदरा महंगाई दर सबसे कम 4.87 प्रतिशत थी. इससे पहले उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) पर आधारित महंगाई फरवरी में सालाना आधार पर 1.35 फीसदी कम होकर 5.09 फीसदी पर आ गई थी. वहीं सीपीआई आधारित खुदरा महंगाई दर जनवरी में 5.1 फीसदी थी,. यह आंकड़े एनएसओ ने जारी किए हैं. इस पर इंटीग्रेटेड चैम्बर्स ऑफ़ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (आईसीसीआई) के वाइस प्रेसिडेंट व जेएनसीटी यूनिवर्सिटी के चांसलर डॉ. अनुपम चौकसे कहते हैं कि एक साल पहले फरवरी 2023 में यह 6.44 फीसदी थी. फरवरी में फूड बॉस्केट में खुदरा महंगाई 8.66 फीसदी थी, जो पिछले महीने के 8.3 फीसदी से थोड़ी ज्यादा थी. राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, मार्च में फूड बॉस्केट में महंगाई 8.52 प्रतिशत थी, जो फरवरी में 8.66 प्रतिशत थी। फरवरी में खुदरा महंगाई 5.09 फीसदी और एक साल पहले की समान अवधि यानी मार्च 2023 में यह 5.66 फीसदी पर थी। आपको बता दें सरकार ने रिजर्व बैंक को मंहगाई को दो फीसदी घट-बढ़ के साथ चार फीसदी के दायरे में रखने की जिम्मेदारी सौंपी है. वाइस प्रेसिडेंट, आईसीसीआई कहते हैं कि पिछले महीने, केंद्रीय बैंक ने चालू वित्त वर्ष (2023-24) के लिए सीपीआई आधारित महंगाई 5.4 फीसदी रहने का अनुमान लगाया था. जनवरी-मार्च तिमाही में 5 फीसदी दर्ज किया गया था. भारत का औद्योगिक उत्पादन सूचकांक जनवरी, 2024 में 3.8 फीसदी बढ़ा है. एनएसओ के आंकड़ों के मुताबिक, जनवरी, 2024 में विनिर्माण क्षेत्र का उत्पादन 3.2 फीसदी बढ़ा, जो एक साल पहले इसी महीने में 4.5 फीसदी बढ़ा था. केंद्रीय बैंक ने सामान्य मॉनसून मानकर चालू वित्त वर्ष के लिए खुदरा महंगाई 4.5 फीसदी रहने का अनुमान लगाया है. RBI ने भी अप्रैल-जून तिमाही में महंगाई 4.9 फीसदी और सितंबर तिमाही के लिए 3.8 फीसदी रहने का अनुमान लगाया है।
