इलेक्ट्रॉनिक्स की मैन्युफैक्चरिंग में आई तेजी, चीन का दबदबा होगा खत्म: आईसीसीआई

Electronics manufacturing has increased, China's dominance will end: ICCI

इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग हब बनने की राह पर भारत
-चीन व अन्य देशों से इलेक्ट्रॉनिक्स कम इम्पोर्ट कर रहा भारत
-अब भारत में ही बनाए जा रहे इलेक्ट्रॉनिक्स प्रोडक्ट के कई महत्वपूर्ण कंपोनेंट
-इलेक्ट्रॉनिक्स के इम्पोर्ट में आई 40 फीसदी की गिरावट
-चिप निर्माण में निर्भरता घटाना चाहती है भारत सरकार

 

नई दिल्ली. भारत में लोकल लेवल पर इलेक्ट्रॉनिक्स की मैन्युफैक्चरिंग हर साल बढ़ रही है. भारत अब चीन व अन्य देशों से इलेक्ट्रॉनिक्स कम इम्पोर्ट कर रहा है और ज्यादातर इलेक्ट्रॉनिक्स प्रोडक्ट खुद बना रहा है. इलेक्ट्रॉनिक्स प्रोडक्ट के कई महत्वपूर्ण कंपोनेंट अब भारत में ही बनाए जा रहे हैं. इनमें चार्जर, एडाप्टर, मैकेनिक्स, वाइब्रेटर मोटर्स और प्लास्टिक पार्ट्स शामिल हैं. कॉमर्स मिनिस्ट्री के आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2023-24 में अप्रैल से जनवरी की अवधि में स्मार्टफोन जैसे पूरी तरह से असेंबल किए गए इलेक्ट्रॉनिक्स के इम्पोर्ट में 40 फीसदी की गिरावट आई है. इस पर इंटीग्रेटेड चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (आईसीसीआई) के वाइस प्रेसिडेंट डॉ. संदीप पचपांडे कहते है कि हाल के सालों में भारत में स्मार्टफोन उत्पादन में वृद्धि हुई है. यह वृद्धि सरकार की उत्पादन-लिंक्ड प्रोत्साहन (पीएलआई) स्कीम के कारण हुई है, जो निर्माताओं को भारत में ही स्मार्टफोन के कंपोनेंट का उत्पादन करने के लिए प्रोत्साहित करती है. वहीं स्मार्टफोन के लिए प्लास्टिक के हिस्सों, जैसे बैक कवर, GSM एंटीना और कैमरा लेंस, के इम्पोर्ट में वित्त वर्ष 24 के पहले 10 महीनों के दौरान वॉल्यूम में 33 फीसदी और वैल्यू में 26.5 फीसदी की कमी आई है. हाल के बजट में केंद्र सरकार ने चार्जर एडाप्टर पर आयात शुल्क 15 फीसदी से घटाकर 10 फीसदी कर दिया है. इसका मकसद लोकल प्रोडक्ट को बढ़ावा देना और देश में चार्जर एडाप्टर की कीमतें कम करना है. वहीं आंकड़ों की माने तो इस फैसले का असर दिखने लगा है. अप्रैल से जनवरी 2024 तक चार्जर एडाप्टर के इम्पोर्ट में 72 फीसदी की भारी कमी देखी गई है. पिछले साल, कैमरा मॉड्यूल, डिस्प्ले असेंबली और बैटरी पैक जैसे महंगे इलेक्ट्रॉनिक्स आइटम का इम्पोर्ट बड़ी मात्रा में हुआ था, हालांकि, बेहतर एक्सपोर्ट कम्पटीशन के लिए, भारत में इन उपकरणों के मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ाने की आवश्यकता है. साल 2023 में कैमरा मॉड्यूल की इम्पोर्ट मात्रा में 2.3 फीसदी की वृद्धि हुई, जबकि मूल्य में 5.3 फीसदी की कमी आई. बैटरी पैक की आयात मात्रा में 12 फीसदी की वृद्धि हुई, जबकि मूल्य में 13 फीसदी की गिरावट आई. वाइस प्रेसिडेंट, आईसीसीआई कहते हैं कि सेमीकंडक्टर के इम्पोर्ट में भी वृद्धि देखी गई. यह वृद्धि प्रीमियम इलेक्ट्रॉनिक सामानों की बढ़ती मांग और उच्च वेफर लागत के कारण हुई. भारत सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में ताइवान और चीन का दबदबा खत्म करने को तैयार है. चिप निर्माण में भारत सरकार निर्भरता घटाना चाहती है. इसमें एजुकेशन इंडस्ट्री भी बढ़ा सहयोग कर सकती है. सेमीकंडक्टर इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेज का एक अहम हिस्सा होता है. आज की दुनिया में सेमीकंडक्टर का इस्तेमाल कार से लेकर मोबाइल फोन तक में होते हैं.

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