‘फिच’ ने भी भारतीय अर्थव्यवस्था का लोहा माना : आईसीसीआई
'Fitch' also considered the iron of Indian economy: ICCI
फिच ने बढ़ाया भारत के लिए जीडीपी ग्रोथ का अनुमान, चीन का किया कम

नई दिल्ली. भारतीय अर्थव्यवस्था में मजबूत प्रसार जारी रहने का अनुमान फिच रेटिंग्स ने लगाया है. जहां एक ओर वैश्विक क्रेडिट रेटिंग एजेंसी (फिच) ने भारत के लिए जीडीपी ग्रोथ का अनुमान लगाया है, तो वहीं चीन की जीडीपी ग्रोथ को कम किया गया है. भारत की जीडीपी ग्रोथ रेट पर इंटीग्रेटेड चैम्बर्स ऑफ़ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (आईसीसीआई) के वाईस प्रेजिडेंट डॉ. संदीप पचपांडे कहते है कि भारत के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि का अनुमान वित्त वर्ष 2025 के लिए बढ़ाकर 7 फीसदी कर दिया गया है. इससे पहले के एजेंसी ने 6.5 फीसदी वृद्धि का अनुमान लगाया था. कारोबारियों और ग्राहकों का भरोसा टिकाऊ स्तर पर बरकरार रहने के बीच घरेलू मांग, खासकर निवेश अर्थव्यवस्था की वृद्धि का मुख्य चालक होगा. रेटिंग एजेंसी के मुताबिक कम अवधि के हिसाब से वृद्धि, अर्थव्यवस्था की अनुमानित क्षमता को पीछे छोड़ देगी. ऐसे में वित्त वर्ष 2025 में वृद्धि दर में बड़ा सुधार होगा. वाईस प्रेजिडेंट, आईसीसीआई कहते है कि जीडीपी ग्रोथ रेट को देखते हुए यह भी उम्मीद है कि चालू वित्त वर्ष में वृद्धि 7.8 प्रतिशत रहेगी, जो सरकार के 7.6 फीसदी वृद्धि के अनुमान से थोड़ा अधिक है. वहीं चीन को छोड़कर उभरते बाजारों खासकर भारत की स्थिति बेहतर है, जहां हम उम्मीद कर रहे हैं कि इस वित्त वर्ष में मार्च 2024 की समाप्ति तक वृद्धि दर 7.8 फीसदी पर पहुंच जाएगी और वित्त वर्ष 2025 में यह 7 फीसदी रहेगी. दोनों ही अनुमानों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है. आपको बता दें लगातार 3 तिमाहियों में वृद्धि दर 8 फीसदी से ऊपर रही है. वहीं फिच ने 2024 के लिए चीन का वृद्धि अनुमान घटाकर 4.5 फीसदी कर दिया है, जबकि पहले 4.6 फीसदी वृद्धि का अनुमान लगाया था. वाईस प्रेजिडेंट, आईसीसीआई कहते है कि भारत में प्रमुख महंगाई तेजी से गिर रही है, जिससे खाद्य कीमतों की गतिविधियों का पता चलता है और जिनकी हिस्सेदारी भारत के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक में करीब आधी है. भारतीय रिजर्व बैंक ने खुदरा महंगाई 4 प्रतिशत रखने का लक्ष्य रखा है, जो 2 से 6 फीसदी की सीमा का मध्य बिंदु है. उम्मीद हैं कि कैलेंडर वर्ष के अंत तक प्रमुख महंगाई तेजी से घटकर 4 फीसदी के करीब आएगी, और खाद्य वस्तुओं में उतार चढ़ाव घटेगा. ऐसे में रिजर्व बैंक 2024 की दूसरी छमाही में ही ब्याज दर में कटौती कर सकता है. सरकार के पूंजीगत व्यय में तेजी और मजबूत घरेलू खपत को देखते हुए मूडीज रेटिंग्स ने भी कैलेंडर वर्ष 2024 के लिए भारत का वृद्धि अनुमान बढ़ाकर 6.8 प्रतिशत कर दिया था, मूडीज पहले 6.1 प्रतिशत वृद्धि का अनुमान लगाया था.
