सरकार ने लोकसभा में वाणिज्य पोत परिवहन विधेयक, 2024 पेश किया
Government introduces Merchant Shipping Bill, 2024 in Lok Sabha

नई दिल्ली,सरकार ने मंगलवार को लोकसभा में वाणिज्य पोत परिवहन विधेयक, 2024 पेश किया जिसमें अंतरराष्ट्रीय व्यापार के अवसरों का विस्तार करने, जहाजों के स्वामित्व के लिए पात्रता मापदंड बढ़ाने और भारतीय टन भार में वृद्धि के लिए प्रावधान हैं। केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने विभिन्न मुद्दों पर विपक्षी दलों के सदस्यों के हंगामे के बीच सदन में विधेयक पेश किया।यह विधेयक, वाणिज्य पोत परिवहन अधिनियम, 1958 में संशोधन के लिए लाया गया है।कांग्रेस सदस्य मनीष तिवारी और तृणमूल कांग्रेस सांसद सौगत राय ने इस विधेयक को प्रस्तुत करने की सरकार की विधायी क्षमता पर सवाल उठाया।
सोनोवाल ने कहा कि वाणिज्य पोत परिवहन विधेयक (मर्चेंट शिपिंग बिल), 2024 संवैधानिक प्रावधानों के तहत लाया जा रहा है और विधिक मामलों तथा विधायी मामलों के विभाग ने इसका समर्थन किया है।विधेयक के उद्देश्यों और कारणों में कहा गया है कि हाल के वर्षों में वाणिज्य पोत परिवहन या मर्चेंट शिपिंग उद्योग में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण परिवर्तन अनुभव किए गए हैं जिससे इस क्षेत्र को विभिन्न चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।इसमें कहा गया कि इन चुनौतियों पर ध्यान देने तथा कारोबार में सुगमता बढ़ाने के लिए 1958 के कानून में सुधार आवश्यक हो गए हैं जिनमें प्रचालन दक्षता में सुधार, अनुपालन बोझ को कम करना, वैश्विक पोत परिवहन बाजार में भारत की उपस्थिति को मजबूत करने के लिए भारतीय ध्वज के अधीन टन भार की गुणवत्ता और मात्रा बढ़ाना तथा समुद्री प्रदूषण रोकना आदि शामिल हैं। विधेयक के उद्देश्यों के अनुसार इन सभी के मद्देनजर वाणिज्य पोत परिवहन अधिनियम, 1958 का निरसन करना और उभरती हुई अर्थव्यवस्था के रूप में भारत की अपेक्षाओं को पूरा करने के लिए एक सम-सामयिक, भविष्योन्मुखी तथा गतिशील कानून अर्थात वाणिज्य पोत परिवहन विधेयक, 2024 को लाना आवश्यक हो गया है।उक्त विधेयक में जहाजों के स्वामित्व के लिए पात्रता मापदंड बढ़ाने और भारतीय ध्वज के अधीन टन भार में वृद्धि करना शामिल है।इसमें समुद्री दुर्घटनाओं की जांच और तटीय व्यापार में लगे जहाजों की सुरक्षा आदि का प्रस्ताव भी है।
