जून में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में वृद्धि, रोजगार दर में भी बढ़ोतरी
Growth in manufacturing sector in June, employment rate also increased

नई दिल्ली. भारत के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर का पर्चेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (पीएमआई) बढ़कर 58.3 हो गया जबकि मई में यह 57.5 था. एचएसबीसी के जारी डेटा के मुताबिक मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र ने बीते महीने आई गिरावट के मुकाबले इस बार बढ़ोतरी दर्ज की है. इस पर इंटीग्रेटेड चैम्बर्स ऑफ़ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (आईसीसीआई) के जनरल सेक्रेटरी और राउरकेला इंस्टिट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट स्टडीज के सेक्रेटरी डॉ. आर्य पटनायक कहते है कि वित्त वर्ष 2023-24 के दौरान मैन्युफैक्चरिंग और बेसिक इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्रों के अच्छे प्रदर्शन की वजह से जीडीपी में वृद्धि दर्ज की गई थी. मौजूदा वित वित्त वर्ष में भी मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में वृद्धि देखी जा रही है और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर ने मांग की जबरदस्त स्थितियों के बलबूते अपनी स्थिति बेहतर की है. मांग बढ़ने से नए ऑर्डर, आउटपुट और खरीदारी के स्तर में भी विस्तार हुआ है.
आपको बता दें पीएमआई सूचकांक में 50 से ऊपर का स्तर बढ़त और इससे कम गिरावट को माना जाता है. यह आंकड़े बीते 19 साल से अधिक समय से एकत्रित किए जा रहे हैं और कंपनियों ने इस बार तब से अब तक रोजगार की दर को सर्वाधिक बढ़ाया है मसलन रोजगार दर में रिकॉर्ड बढ़त हुई है. मई से ही लागत का दबाव घटने लगा था, फिर भी बीते दो वर्षों में यह सर्वाधिक था. इससे कंपनियों को उत्पाद की बिक्री मूल्य में इजाफा करना पड़ा था और मई 2022 के बाद कंपनियों ने उत्पाद का दाम सबसे ज्यादा बढ़ाया. सर्वेक्षण में कहा गया है कि भारत के मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र ने मई में आई वृद्धि की गिरावट को कुछ दुरुस्त किया. इससे पीएमआई में इजाफा हुआ है. यह दीर्घकालिक औसत से करीब पांच अंक ज्यादा है. जून के आंकड़ों के अनुसार जबरदस्त मांग की वजह से नए ऑर्डर, आउटपुट और खरीदारी के स्तर में भी इजाफा हुआ है. सर्वेक्षण के मुताबिक, उपभोक्ता सामान उद्योग का प्रदर्शन मजबूत था जबकि मध्यवर्ती और निवेश सामान श्रेणी में भी पर्याप्त वृद्धि देखी गई. सर्वेक्षण के अनुसार जून माह में भारत के मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र की बिक्री में अच्छी बढ़त दर्ज हुई. अच्छी मांग, उच्च निर्यात मात्रा और सफल विज्ञापनों ने मांग में इजाफा किया.
