स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस
Notice of no-confidence motion against Speaker Om Birla
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला
युवराज शांडिल्य
नई दिल्ली, 10 फरवरी: संसदीय लोकतंत्र के इतिहास में आज का दिन एक अभूतपूर्व घटना का साक्षी बना। संसद के बजट सत्र के दौरान जारी गतिरोध के बीच, संयुक्त विपक्ष ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव (No-Confidence Motion) का नोटिस आधिकारिक रूप से सौंप दिया। कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई के नेतृत्व में दिए गए इस नोटिस पर 118 विपक्षी सांसदों के हस्ताक्षर हैं, जिनमें डीएमके, एनसीपी (शरद पवार), और आरजेडी के सदस्य शामिल हैं।
विपक्ष का मुख्य आरोप है कि अध्यक्ष महोदय सदन के संचालन में निष्पक्षता नहीं बरत रहे हैं। विशेष रूप से, नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान बोलने की अनुमति न देने और 8 विपक्षी सांसदों के निलंबन को लेकर विपक्ष ने कड़ा ऐतराज जताया है। नोटिस में कहा गया है कि अध्यक्ष का पद “संविधान का रक्षक” होता है, लेकिन हालिया फैसलों ने इस पद की गरिमा को ठेस पहुंचाई है।
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने इस कदम की निंदा करते हुए इसे “हताशा भरा कदम” बताया। उन्होंने कहा कि विपक्ष के पास न तो तर्क हैं और न ही संख्या बल, इसलिए वे संवैधानिक संस्थाओं पर हमला कर रहे हैं। नियमों के मुताबिक, इस प्रस्ताव को स्वीकार करने के लिए सदन में 50 सदस्यों के समर्थन की आवश्यकता होगी। यदि इसे स्वीकार किया जाता है, तो अध्यक्ष को चर्चा के दौरान पीठासीन अधिकारी की कुर्सी छोड़नी होगी।
