2025 में हरियाणा सत्ता का सबसे मजबूत स्तंभ बने राजेश खुल्लर
Rajesh Khullar became the strongest pillar of Haryana power in 2025
नायब सैनी सरकार के ‘साइलेंट पावर सेंटर’, प्रशासन से लेकर राजनीति तक निर्णायक भूमिका

आईएएस अधिकारी राजेश खुल्लर
बलराम शर्मा, चंडीगढ़ 31 दिसम्बर । हरियाणा की राजनीति और प्रशासन में वर्ष 2025 का सबसे प्रभावशाली चेहरा यदि किसी को माना जा रहा है, तो वह हैं सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी राजेश खुल्लर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की सरकार (पार्ट-2) में चीफ प्रिंसिपल सेक्रेटरी (CPS) के रूप में वे न केवल प्रशासनिक तंत्र की धुरी बने हुए हैं, बल्कि सत्ता के संचालन में एक निर्णायक शक्ति के रूप में उभरे हैं।
राजेश खुल्लर वह नाम हैं, जो भले ही सार्वजनिक मंचों पर कम दिखाई देता हो, लेकिन सरकार के हर बड़े निर्णय, रणनीति और प्रशासनिक संतुलन में उनकी मौजूदगी स्पष्ट महसूस की जा रही है। मनोहर लाल सरकार में ‘चाणक्य’ की भूमिका निभा चुके खुल्लर, 13 मार्च 2024 के बाद नायब सैनी सरकार में भी उसी प्रभावी शैली के साथ सक्रिय हैं।
सत्ता और प्रशासन के बीच सेतु
सीएमओ का संचालन, मंत्रियों-विधायकों के साथ समन्वय, बोर्ड-निगमों के अध्यक्षों को संतुलित भूमिका देना और जमीनी प्रशासन को दिशा देना—राजेश खुल्लर की कार्यशैली को सत्ता और प्रशासन के बीच सेतु के रूप में देखा जा रहा है। सरकार के भीतर यह माना जाता है कि कई जटिल फाइलें और संवेदनशील निर्णय खुल्लर की समझ और हस्तक्षेप के बिना संभव नहीं हो पाते।
सत्ता पक्ष के साथ-साथ विपक्ष के विधायक भी यह स्वीकार करते हैं कि खुल्लर की सबसे बड़ी ताकत संवाद है। वे हर व्यक्ति की बात सुनते हैं और समाधान खोजने का प्रयास करते हैं। यही कारण है कि उन्हें ऐसा अधिकारी माना जाता है, जो किसी को निराश नहीं लौटाता।
संकट में निर्णायक फैसले
पिछले कुछ वर्षों में जब-जब सरकार पर राजनीतिक या प्रशासनिक दबाव बढ़ा, तब-तब राजेश खुल्लर द्वारा लिए गए निर्णय सरकार के लिए लाभकारी सिद्ध हुए। पर्दे के पीछे रहकर रणनीति तैयार करना, परिस्थितियों का आकलन करना और सही समय पर निर्णायक कदम उठाना उनकी पहचान बन चुकी है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मिशन 2024 के दौरान भाजपा की रणनीतिक वापसी में भी खुल्लर की भूमिका अहम रही। भले ही चुनावी संदेश दिल्ली भाजपा नेतृत्व के माध्यम से जनता तक पहुँचा हो, लेकिन उस रणनीति की प्रशासनिक रिसर्च और जमीनी व्यावहारिकता में खुल्लर का योगदान निर्णायक माना जाता है।
अनुभव का विशाल दायरा
1988 बैच के आईएएस अधिकारी रहे राजेश खुल्लर ने हरियाणा और केंद्र सरकार में कई महत्वपूर्ण पदों पर सेवाएं दी हैं। वे अतिरिक्त मुख्य सचिव (राजस्व एवं आपदा प्रबंधन), वित्त आयुक्त, केंद्रीय वित्त मंत्रालय में संयुक्त सचिव, गुरुग्राम-फरीदाबाद के नगर आयुक्त तथा रोहतक और सोनीपत के उपायुक्त रह चुके हैं।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी उनका अनुभव उल्लेखनीय रहा है। सितंबर 2020 में उन्हें विश्व बैंक, वाशिंगटन डीसी में तीन वर्षों के लिए कार्यकारी निदेशक नियुक्त किया गया, जहाँ उन्होंने भारत का प्रतिनिधित्व किया। इस वैश्विक अनुभव का लाभ आज भी हरियाणा प्रशासन को मिल रहा है।
सेवानिवृत्ति के बाद भी चर्चा के केंद्र में
राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज है कि सेवानिवृत्ति के बाद भी राजेश खुल्लर को हरियाणा में कोई और महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। उनकी प्रशासनिक दक्षता, राजनीतिक समझ और मिलनसार स्वभाव उन्हें अन्य अधिकारियों से अलग बनाता है।
क्यों खास हैं राजेश खुल्लर
मुख्यमंत्री के सबसे भरोसेमंद रणनीतिकार
सत्ता और विपक्ष—दोनों में स्वीकार्यता
जटिल परिस्थितियों में व्यावहारिक निर्णय
प्रशासनिक अनुभव के साथ राजनीतिक संतुलन
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काम करने का अनुभव
वर्ष 2025 में राजेश खुल्लर केवल एक अधिकारी नहीं, बल्कि हरियाणा की सत्ता और प्रशासन के सबसे मजबूत स्तंभ के रूप में स्थापित हो चुके हैं। यही कारण है कि उन्हें आज राज्य का ‘साइलेंट पावर सेंटर’ कहा जा रहा है।
