सांध्यकालीन महाआरती में धार्मिक और सामाजिक संस्थाओं ने की शिरकत, कलाकार मंजू अरोड़ा द्वारा भजन संध्या की दी प्रस्तुति
Religious and social institutions participated in the evening Mahaarti, artist Manju Arora presented Bhajan Sandhya

कुरुक्षेत्र 16 नवंबर संत बाबा हरजीत सिंह यूके वाले ने कहा कि धर्मक्षेत्र कुरुक्षेत्र का एक पौराणिक और आध्यात्मिक इतिहास रहा है। इस धरा पर जहां भगवान श्रीकृष्ण ने मोह ग्रस्त अर्जुन को गीता का ज्ञान दिया वहीं पवित्र ग्रंथ गीता के श्लोकों ने मानवता को आध्यात्मिक ज्ञान प्रदान किया है। इसके साथ-साथ अनेक महान संतों के पैर इस धरा पर पड़े। कई महान संत व गुरु इस धरा पर पहुंचे है। इसलिए इस धरा के स्मरण मात्र से ही मनुष्य को अपने पापों से मुक्ति मिलती है और पुण्य की प्राप्ति होती है। इसके साथ-साथ ब्रह्मसरोवर का भी कुरुक्षेत्र के इतिहास में एक धार्मिक और पौराणिक इतिहास है। उन्होंने कहा कि विभिन्न अवसरों पर इस तीर्थ के सरोवर में स्नान करने से पापों से मुक्ति मिलती है।
शहर की सामाजिक और धार्मिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने रविवार को देर सायं ब्रह्मसरोवर पुरुषोत्तमपुरा बाग में महोत्सव के गीता महाआरती कार्यक्रम में भाग लिया। इससे पहले संत बाबा हरजीत सिंह यूके वाले, केडीबी के मानद सचिव उपेन्द्र सिंघल, नानकसर बगथला से बाबा गुलाब सिंह, शिव शक्ति मंदिर सभा सेक्टर 7, मंदिर सेक्टर 2, धोबी समाज, सुनार समाज, ब्रहामण समाज के प्रतिनिधियों, स्वामी शिवधाम, आरएसएस से प्रदीप शर्मा, समीर कौशिक, भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष सुशील राणा, ब्रहामण समाज के अध्यक्ष पवन शर्मा,क्षत्रिय सुनार सभा के राम कुमार, यूनिवर्सिटी धरोहर से डा. कुलदीप सिंह सहित अन्य गणमान्य लोगों ने अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव पर ब्रह्मसरोवर की महाआरती और पूजा-अर्चना की तथा दीपशिखा प्रज्वलित कर विधिवत रुप से महाआरती का शुभारम्भ भी किया। इस महाआरती का गुणगान पंडित बलराम गौतम, पंडित सोमनाथ शर्मा, गोपाल कृष्ण गौतम, अनिल व रुद्र ने किया। इस कार्यक्रम के अंत में केडीबी की तरफ से सभी मेहमानों स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।
रविवार को अंबाला से भजन गायक मंजू अरोड़ा ने बेहतरीन भजनों की प्रस्तुति देकर सबको भावविभोर कर दिया। इस मौके पर केडीबी सदस्य विजय नरुला, डा. एमके मोदगिल, कैप्टन अमरजीत सिंह, अशोक रोशा, डा. ऋषिपाल मथाना, मेला प्राधिकरण के सदस्य डा. अवनीत वडैच, सौरभ चौधरी, डा. अलकेश मोदगिल, राजेश शांडिल्य, डा. संदीप छाबड़ा, रोशन बेदी, संजय चौधरी, जितेंद्र अहलावत, हरमेश सिंह, प्रधान गुरनाम सिंह सैनी सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे।
