स्टारलिंक को उपग्रह इंटरनेट सेवा का लाइसेंस जारी, स्पेक्ट्रम आवंटन मानक भी तैयारः सिंधिया

Starlink issued license for satellite internet service, spectrum allocation standards also ready: Scindia

 

नई दिल्ली, अरबपति एलन मस्क की कंपनी स्टारलिंक को भारत में उपग्रह आधारित इंटरनेट सेवा शुरू करने के लिए एकीकृत लाइसेंस मिल गया है और इसके साथ ही स्पेक्ट्रम आवंटन के लिए एक नीतिगत ढांचे को भी अंतिम रूप दे दिया गया है।दूरसंचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। देश में पहली मोबाइल कॉल के 30 वर्ष पूरे होने के अवसर पर यह घोषणा की गई।सिंधिया ने कहा, ”स्टारलिंक को भारत में उपग्रह इंटरनेट सेवा शुरू करने के लिए एकीकृत लाइसेंस दिया गया है। स्पेक्ट्रम आवंटन और गेटवे निर्माण के लिए नीतिगत ढांचा तैयार कर लिया गया है ताकि सेवा शुरू करने में कोई बाधा न हो।”गेटवे संरचना उपग्रह से डेटा को भारत में लाने और भारत के इंटरनेट ढांचे से जोड़ने के लिए जरूरी होगी।भारती समूह समर्थित यूटेलसैट वनवेब और जियो एसईएस को भी उपग्रह आधारित संचार सेवाएं शुरू करने के लिए स्पेक्ट्रम आवंटन का इंतजार है।सिंधिया ने कहा कि पिछले 11 वर्षों में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत की डिजिटल यात्रा एक हद तक असाधारण रही है।उन्होंने कहा, ”दूरदराज के गांवों से लेकर महानगरों तक डिजिटल पहुंच ने नागरिकों को सशक्त बनाया है और भारत को सस्ती एवं समावेशी प्रौद्योगिकी का वैश्विक अगुवा बना दिया है।”उन्होंने बताया कि देश में अब 1.2 अरब टेलीफोन कनेक्शन हैं और इंटरनेट ग्राहक 286 प्रतिशत बढ़कर 97 करोड़ तक पहुंच चुके हैं। ब्रॉडबैंड उपयोग भी 2014 की तुलना में 1,450 प्रतिशत बढ़कर अब 94.4 करोड़ हो गया है।

दूरसंचार मंत्री ने कहा कि मोबाइल डेटा की दर में 96.6 प्रतिशत की गिरावट के साथ भारत वैश्विक स्तर पर सबसे सस्ता डेटा प्रदान करने वाला देश बन गया है।उन्होंने कहा कि सरकारी दूरसंचार कंपनी बीएसएनएल का दोबारा अपने कदम मजबूती से जमाना एक बड़ी उपलब्धि रही है।सिंधिया ने कहा, ”18 वर्षों में पहली बार बीएसएनएल ने लगातार दो वर्षों तक शुद्ध लाभ दर्ज किया है। इसने 83,000 से अधिक 4जी नेटवर्क स्थल स्थापित किए हैं, जिनमें से 74,000 पहले ही चालू हो चुके हैं।”दूरसंचार मंत्री ने कहा कि देश के 99.6 प्रतिशत जिलों तक 5जी नेटवर्क कवरेज हो चुका है और 4.74 लाख 5जी टावरों के माध्यम से 30 करोड़ उपभोक्ता इसका लाभ ले रहे हैं। प्रति व्यक्ति मासिक 5जी डेटा खपत 32 जीबी है जो दुनिया में सबसे अधिक है।दूरसंचार उद्योग संगठन सेल्युलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सीओएआई) के महानिदेशक एस पी कोचर ने इस अवसर पर कहा, ”भारत अब दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा दूरसंचार बाजार है। आज एक औसत भारतीय उपभोक्ता प्रतिमाह 21 जीबी से अधिक डेटा का उपयोग करता है।”

 

 

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