सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी: ‘डिजिटल फ्रॉड डकैती जैसा, केंद्र बनाए SOP’

Supreme Court's strict comment: 'Digital fraud is like robbery, Centre makes SOP'


नई दिल्ली, 10 फरवरी:

युवराज शांडिल्य

देश में बढ़ते साइबर अपराधों और डिजिटल धोखाधड़ी के मामलों पर आज सुप्रीम कोर्ट ने गंभीर चिंता व्यक्त की। एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए, शीर्ष अदालत ने डिजिटल फ्रॉड को आधुनिक युग की “डकैती” करार दिया। न्यायालय ने कहा कि आम नागरिक अपनी मेहनत की कमाई एक झटके में ऑनलाइन ठगों के हाथों गंवा रहे हैं, और मौजूदा तंत्र इसे रोकने में विफल साबित हो रहा है।

जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने केंद्र सरकार और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) को निर्देश दिया कि वे पीड़ितों के लिए एक मानकीकृत संचालन प्रक्रिया (SOP) तैयार करें। कोर्ट ने कहा, “जब किसी के खाते से पैसा निकलता है, तो जिम्मेदारी केवल पीड़ित की नहीं हो सकती। बैंकों और दूरसंचार कंपनियों को भी जवाबदेह बनाना होगा।”

अदालत ने यह भी सुझाव दिया कि पुलिस थानों में विशेष साइबर सेल की संख्या बढ़ाई जाए और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संचालित हो रहे सिंडिकेट्स से निपटने के लिए एक केंद्रीय एजेंसी को नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाए। इस मामले की अगली सुनवाई चार सप्ताह बाद होगी, जिसमें सरकार को अपनी कार्ययोजना पेश करनी होगी।

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