भारत में सबसे बड़ी बंदरगाह परियोजनाओं में से एक होगी ‘वधावन’: आईसीसीआई
Wadhawan will be one of the largest port projects in India: ICCI
-महाराष्ट्र में 76,220 करोड़ रुपये की वधावन बंदरगाह परियोजना को कैबिनेट की मंजूरी
-वधावन में बनने वाला यह बंदरगाह दुनिया के टॉप 10 बंदरगाहों में से एक होगा
-वधावन बंदरगाह परियोजना को मंजूरी मिलने से आर्थिक प्रगति को मिलेगा बढ़ावा

नई दिल्ली. मोदी कैबिनेट ने अपनी दूसरी बैठक में महाराष्ट्र में 76,220 करोड़ रुपये की वधावन बंदरगाह परियोजना (वधावन पोर्ट प्रोजेक्ट) को मंजूरी दे दी है. यह फैसला महीनों के विचार-विमर्श के बाद लिया गया है. इस पर इंटीग्रेटेड चैम्बर्स ऑफ़ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (आईसीसीआई) के वाईस प्रेजिडेंट और एएसएम ग्रुप ऑफ़ इंस्टीटूट्स के चेयरमैन डॉ. संदीप पचपांडे कहते है कि यह भारत में सबसे बड़ी बंदरगाह परियोजनाओं में से एक होगी. आगामी भारत-मध्य पूर्व-यूरोप कॉरिडोर (आईएमईसी) और अंतर्राष्ट्रीय उत्तर-दक्षिण परिवहन कॉरिडोर (आईएनएसटीसी) के लिए प्रवेश द्वार बंदरगाह के रूप में काम करने की उम्मीद है. आपको बता दें केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 7,453 करोड़ रुपये की वायबिलिटी गैप फंडिंग (वीजीएफ) योजना को मंजूरी देकर देश की पहली ऑफशोर विंड पावर परियोजनाओं की योजना भी शुरू की है. अन्य निर्णयों में खरीफ फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में 5 से 12.7 फीसदी की वृद्धि शामिल है. वाईस प्रेजिडेंट, आईसीसीआई कहते हैं कि महाराष्ट्र के वधावन बंदरगाह परियोजना को मंजूरी मिलने से आर्थिक प्रगति को बढ़ावा मिलेगा. इसके जरिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे.
इस बंदरगाह परियोजना का निर्माण वधावन पोर्ट प्रोजेक्ट लिमिटेड (वीपीपीएल) करेगी जो जवाहरलाल नेहरू पोर्ट अथॉरिटी (जेएनपीए) और महाराष्ट्र मैरीटाइम बोर्ड (एमएमबी) की विशेष उद्देश्यीय इकाई (एसपीवी) है. इसमें जेएनपीए की 74 फीसदी और एमएमबी की 26 फीसदी हिस्सेदारी है. वधावन में बनने वाला यह बंदरगाह दुनिया के टॉप 10 बंदरगाहों में से एक होगा।
वधावन पोर्ट को सभी मौसमों में काम करने वाला ग्रीनफील्ड डीप ड्राफ्ट प्रमुख बंदरगाह के रूप में विकसित किया जाएगा. परियोजना की लागत में सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मोड में मुख्य बुनियादी ढांचे, टर्मिनलों और अन्य वाणिज्यिक बुनियादी ढांचे का विकास शामिल होगा. इस बंदरगाह से कनेक्टिविटी स्थापित करने के लिए, कैबिनेट ने सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय द्वारा बंदरगाह और राष्ट्रीय राजमार्गों के बीच सड़क कनेक्टिविटी की स्थापना और मौजूदा रेल नेटवर्क और आगामी समर्पित रेल फ्रेट कॉरिडोर के लिए रेल लिंकेज को भी मंजूरी दे दी है. वाईस प्रेजिडेंट, आईसीसीआई कहते हैं कि विश्व स्तरीय समुद्री टर्मिनल सुविधाएं पीपीपी को बढ़ावा देंगी और दक्षताओं और आधुनिक तकनीकों का लाभ उठाते हुए अत्याधुनिक टर्मिनल्स बनाएंगी, जो फार ईस्ट, यूरोप, पश्चिम एशिया, अफ्रीका और अमेरिका के बीच अंतरराष्ट्रीय शिपिंग लाइनों पर चलने वाले मेनलाइन मेगा जहाजों को संभालने में सक्षम होंगी. बंदरगाह के प्रस्ताव के अनुसार, पूरे प्रोजेक्ट में सरकार 38,000 करोड़ रुपये का निवेश करेगी, जबकि लगभग बराबर राशि उन निजी क्षेत्र के खिलाड़ियों से मांगी जाएगी जो नौ टर्मिनलों के लिए बोली जीतेंगे.
