केंद्र सरकार के सतत सहयोग से हरियाणा की विकास गति को मिली नई रफ्तार

With the continuous support of the central government, the development pace of Haryana has gained a new momentum.

चंडीगढ़ / नई दिल्ली, केंद्र सरकार द्वारा राज्यों को बढ़े हुए वित्तीय हस्तांतरण, पूंजीगत सहायता और बड़े पैमाने पर अवसंरचना निवेश के माध्यम से निरंतर एवं मज़बूत सहयोग प्रदान किया जा रहा है। हरियाणा इन प्रयासों का एक प्रमुख लाभार्थी बनकर उभरा है, जहाँ रेलवे, सड़क, विमानन, शहरी परिवहन, स्वास्थ्य, शिक्षा, ऊर्जा और सामाजिक कल्याण जैसे क्षेत्रों में तीव्र एवं सर्वांगीण विकास देखने को मिला है। यह सहयोग राज्य की आर्थिक सुदृढ़ता और दीर्घकालीन विकास की दिशा में निर्णायक सिद्ध हुआ है।

बढ़े हुए केंद्रीय हस्तांतरण से वित्तीय स्थिति सुदृढ़

विगत वर्षों में हरियाणा को प्राप्त केंद्रीय हस्तांतरण में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जिससे राज्य की वित्तीय स्थिरता और सार्वजनिक निवेश की क्षमता मज़बूत हुई है। वित्त वर्ष 2026–27 के लिए हरियाणा को कर हिस्सेदारी (Tax Devolution) के रूप में ₹20,772 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जबकि वर्ष 2025–26 में ₹9,792 करोड़ की अनुदान सहायता (Grants-in-Aid) प्रदान की गई। वर्ष 2014 से 2026 के बीच राज्य को कुल ₹1.06 लाख करोड़ कर हिस्सेदारी के रूप में तथा ₹78,345 करोड़ अनुदान सहायता के रूप में प्राप्त हुए हैं, जिसने विकास कार्यों को निरंतर गति प्रदान की है।

ब्याज-मुक्त ऋणों से पूंजीगत निवेश को बढ़ावा

अवसंरचना विकास को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से केंद्र सरकार राज्यों को 50 वर्ष की अवधि के लिए ब्याज-मुक्त ऋण के रूप में विशेष पूंजीगत सहायता प्रदान कर रही है, जिसका पूरा ब्याज केंद्र सरकार वहन करती है। यह सहायता वित्त आयोग की सिफारिशों से अतिरिक्त है। हरियाणा को वर्ष 2020–21 से जनवरी 2026 तक कुल ₹5,196 करोड़ की सहायता प्राप्त हुई है, जिससे बड़े पैमाने की पूंजीगत परियोजनाओं के क्रियान्वयन और दीर्घकालीन विकास को मजबूती मिली है।

रेलवे अवसंरचना का अभूतपूर्व आधुनिकीकरण

हरियाणा में रेलवे अवसंरचना के क्षेत्र में ऐतिहासिक विस्तार हुआ है। वर्ष 2009–14 के दौरान औसत वार्षिक रेलवे बजट ₹315 करोड़ था, जो 2024–25 में बढ़कर ₹3,383 करोड़ हो गया—यह 11 गुना से अधिक वृद्धि को दर्शाता है। नई रेलवे लाइनों और विद्युतीकरण में भी तेज़ी आई है। मार्च 2023 में हरियाणा का 100 प्रतिशत रेलवे विद्युतीकरण पूरा किया गया। वर्तमान में ₹15,875 करोड़ की लागत से 1,195 किमी लंबाई की 14 रेलवे परियोजनाएँ प्रगति पर हैं। इसके अतिरिक्त, वर्ष 2014 से अब तक 508 रेलवे फ्लाईओवर और अंडरब्रिज बनाए गए हैं। पश्चिमी समर्पित माल ढुलाई कॉरिडोर के 306 किमी रेवाड़ी–मदार खंड का जनवरी 2021 में लोकार्पण किया गया, जबकि राज्य के 34 रेलवे स्टेशनों को ‘अमृत स्टेशन’ के रूप में पुनर्विकसित किया जा रहा है।

शहरी परिवहन और मेट्रो नेटवर्क का विस्तार

हरियाणा के चार एनसीआर शहरों—गुरुग्राम, फरीदाबाद, बहादुरगढ़ और बल्लभगढ़—में मेट्रो सेवाएँ संचालित हैं। वर्ष 2014 के बाद 7 किमी रैपिड मेट्रो चालू की गई, जबकि 28.5 किमी नई मेट्रो लाइन निर्माणाधीन है। 4 जनवरी 2025 को प्रधानमंत्री द्वारा दिल्ली मेट्रो फेज-IV के अंतर्गत 26.5 किमी लंबे रिठाला–कुंडली खंड की आधारशिला रखी गई। इसके अतिरिक्त, ₹5,450 करोड़ की गुरुग्राम मेट्रो रेल परियोजना से शहरी आवागमन और अधिक सुगम होगा।

सड़क, राष्ट्रीय राजमार्ग और एक्सप्रेसवे का तेज़ विकास

30 जून 2025 तक हरियाणा में 3,347 किमी से अधिक राष्ट्रीय राजमार्गों का निर्माण किया गया है। द्वारका एक्सप्रेसवे (हरियाणा खंड) और रेवाड़ी बाईपास जैसी प्रमुख परियोजनाएँ क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मज़बूत कर रही हैं। भारतमाला परियोजना के अंतर्गत राज्य में चार ग्रीनफील्ड कॉरिडोर विकसित किए जा रहे हैं। कुल 1,058 किमी राष्ट्रीय राजमार्ग कॉरिडोर के लिए ₹44,570 करोड़ की स्वीकृति दी गई है।

विमानन, पर्यटन और सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा

उड़ान योजना के अंतर्गत हरियाणा में तीन नई हवाई सेवाएँ शुरू की गई हैं। अप्रैल 2025 में हिसार हवाई अड्डे पर ₹410 करोड़ से अधिक की लागत से नए टर्मिनल भवन की आधारशिला रखी गई। पर्यटन क्षेत्र में PRASHAD योजना के तहत ₹48.53 करोड़ और स्वदेश दर्शन योजना के तहत ₹77 करोड़ से अधिक की परियोजनाओं को मंज़ूरी दी गई है। ज्योतिसर अनुभव केंद्र और ‘पंचजन्य’ जैसे सांस्कृतिक प्रोजेक्ट राज्य की विरासत और धार्मिक पर्यटन को नई पहचान दे रहे हैं।

शिक्षा, स्वास्थ्य और ऊर्जा अवसंरचना में निवेश

शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी बड़े निवेश किए गए हैं। करनाल में महाराणा प्रताप बागवानी विश्वविद्यालय की स्थापना ₹700 करोड़ से अधिक की लागत से की जा रही है। रेवाड़ी में ₹1,650 करोड़ की लागत से AIIMS तथा फरीदाबाद में ₹6,000 करोड़ की लागत से 2,600 बेड वाला अमृता अस्पताल विकसित किया गया है। ऊर्जा क्षेत्र में 800 मेगावाट ताप विद्युत इकाई, संपीडित बायोगैस संयंत्र और मुंद्रा–पानीपत कच्चा तेल पाइपलाइन जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाएँ शामिल हैं।

जनकल्याणकारी योजनाओं की व्यापक पहुँच और सामाजिक सुरक्षा

केंद्र सरकार की प्रमुख जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ हरियाणा के नागरिकों तक बड़े पैमाने पर पहुँचा है, जिससे सामाजिक सुरक्षा, वित्तीय समावेशन, स्वास्थ्य सुविधा और आजीविका के अवसर सुदृढ़ हुए हैं। जनवरी 2026 तक राज्य में प्रधानमंत्री जन-धन योजना के अंतर्गत 1.09 करोड़ से अधिक खाते खोले गए हैं, जिससे गरीब और वंचित वर्ग औपचारिक बैंकिंग प्रणाली से जुड़ा है। प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना के तहत 54.2 लाख से अधिक तथा प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के अंतर्गत 1.26 करोड़ से अधिक लोगों का बीमा किया गया है। अटल पेंशन योजना के अंतर्गत 19.1 लाख से अधिक नागरिकों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन का लाभ मिल रहा है।

आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के अंतर्गत ₹81 हजार करोड़ से अधिक के ऋण वितरित किए गए हैं, जबकि प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत 2.32 लाख से अधिक रेहड़ी-पटरी वालों को स्वरोज़गार के लिए ऋण सहायता प्रदान की गई है। कृषि क्षेत्र में 11.1 लाख से अधिक किसान क्रेडिट कार्ड जारी किए गए हैं और प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत 16 लाख से अधिक किसानों को प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण के माध्यम से सहायता दी गई है।

स्वास्थ्य और पोषण सुरक्षा के क्षेत्र में आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत 1.38 करोड़ से अधिक आयुष्मान कार्ड बनाए गए हैं, जबकि जन औषधि योजना के तहत राज्य में 485 से अधिक जन औषधि केंद्र कार्यरत हैं, जो किफायती दवाएँ उपलब्ध करा रहे हैं। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के अंतर्गत 11.1 लाख से अधिक एलपीजी कनेक्शन प्रदान किए गए हैं, जिससे स्वच्छ ईंधन की पहुँच बढ़ी है। जल जीवन मिशन के अंतर्गत 30.4 लाख से अधिक ग्रामीण परिवारों को नल से जल आपूर्ति सुनिश्चित की गई है।

खाद्य सुरक्षा के क्षेत्र में प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के अंतर्गत 1.26 करोड़ से अधिक लाभार्थियों को निःशुल्क खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा रहा है। इन सभी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से हरियाणा में समावेशी विकास को गति मिली है और समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक सरकारी लाभ सुनिश्चित हुए हैं।

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