बिहार में 1.59 फीसदी मतदाता की चुकी है मौत जबकि 2.2 फीसदी स्थाई रूप से कर गए हैं प्रवास- निर्वाचन आयोग
1.59 percent of voters in Bihar have died while 2.2 percent have migrated permanently - Election Commission

नई दिल्ली, भारत के निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने कहा है कि बिहार में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान अब तक 83.66 फीसदी भरे हुए गणना फार्म प्राप्त हो चुके हैं। आयोग ने यह भी दावा किया है कि अब तक प्राप्त आंकड़ों के अनुसार में बिहार में 1.59 फीसदी मतदाता मृत पाए गए हैं। जबकि 2.2 फीसदी स्थायी रूप से स्थानांतरित हो गए हैं और 0.73 फीसदी व्यक्ति एक से अधिक स्थानों पर मतदाता के रूप में पंजीकृत पाए गए हैं। निर्वाचन आयोग ने सोमवार को जारी अपने बयान में कहा कि राज्य में कुल 7,89,69,844 मतदाताओं में से 6,60,67,208 मतदाताओं का गणना फार्म प्राप्त हो चुका है जो कि 83.66 फीसदी है जबकि यह फार्म जमा करने के लिए अभी 11 दिन और शेष हैं।
आयोग ने कहा है कि गणना फार्म एकत्र करने के साथ ही इसे एकीकृत ईसीआईएनईटी पर भी अपलोड किया जा रहा है। आयोग के मुताबितक ईसीआईएनईटी पर 5.74 करोड़ से अधिक फॉर्म अपलोड किए जा चुके हैं। आयोग ने कहा है कि अब तक के आंकड़ों से यह स्पष्ट है कि बिहार में 1.59 फीसदी मतदाता मृत पाए गए हैं, 2.2 फीसदी स्थायी रूप से स्थानांतरित हो गए हैं और 0.73 फीसदी व्यक्ति एक से अधिक स्थानों पर मतदाता के रूप में नामांकित पाए गए हैं। आयोग ने कहा है कि इसलिए, 88.18 फीसदी मतदाता या तो पहले ही अपना गणना फार्म जमा कर चुके हैं या उनकी मृत्यु हो गई है या वे एक ही स्थान पर अपना नाम बरकरार रखे हुए हैं या अपने पिछले निवास स्थान से स्थायी रूप से स्थानांतरित हो गए हैं। आयोग ने कहा है कि अब केवल 11.82 फीसदी मतदाता ही अपने भरे हुए ईएफ जमा करने के लिए शेष बचे हैं और उनमें से कई ने आने वाले दिनों में दस्तावेजों के साथ अपने गणना फॉर्म जमा करने के लिए समय मांगा है।बयान के मुताबिक भारत के निर्वाचन आयोग यह सुनिश्चित करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहा है कि कोई भी पात्र मतदाता छूट न जाए और बाकी बचे मतदाता भी अपना गणना फार्म जमा करा दें। आयोग ने कहा है कि मतदाता सूची का गहण पुनरीक्षण अभियान में लगभग 1 लाख बीएलओ जल्द ही घर-घर जाकर अपने तीसरे दौर के दौरे शुरू करेंगे। उनके प्रयासों को सभी राजनीतिक दलों द्वारा नियुक्त 1.5 लाख बूथ स्तरीय एजेंट (बीएलए) द्वारा बढ़ाया जा रहा है, जिनमें से प्रत्येक प्रतिदिन 50 गणना फार्म प्रमाणित और जमा कर सकता है। यह सुनिश्चित करने के लिए कि कोई भी पात्र शहरी मतदाता, ईआर (मतदाता सूची) से छूट न जाए, बिहार के सभी 261 शहरी स्थानीय निकायों (यूएलबी) के सभी 5,683 वार्डों में विशेष शिविर भी लगाए जा रहे हैं।समाचार पत्रों में विज्ञापन आयोग ने कहा है कि जो मतदाता अस्थायी रूप से राज्य से बाहर चले गए हैं, उनके लिए समाचार पत्रों में विज्ञापन और ऐसे मतदाताओं से सीधे संपर्क के माध्यम से यह सुनिश्चित करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं कि वे समय पर अपने ईएफ भर सकें और उनका नाम 1 अगस्त, 2025 को प्रकाशित होने वाले ड्राफ्ट मतदाता सूची में भी शामिल हो। आयोग ने कहा है कि ऐसे मतदाता ईसीआईनेट ऐप के माध्यम से या https://voters.eci.gov.in पर ऑनलाइन फॉर्म के माध्यम से अपने मोबाइल फोन का उपयोग करके (एसआईआर दिशानिर्देशों के पैरा 3(डी) के अनुसार) आसानी से ऑनलाइन ईएफ भर सकते हैं। वे अपने फॉर्म संबंधित बीएलओ को अपने परिवार के सदस्यों के माध्यम से या व्हाट्सएप या इसी तरह के किसी भी ऑनलाइन माध्यम से भेज सकते हैं। नवीनतम तकनीक और डिजिटलीकरण के उपयोग की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए, ईसीआई द्वारा हाल ही में लॉन्च किया गया ईसीआईनेट प्लेटफॉर्म, एक एकीकृत प्लेटफॉर्म है जो पहले के 40 विभिन्न ईसीआई एप्लिकेशन को समाहित करता है, को भी बिहार एसआईआर अभ्यास के सभी पहलुओं के लिए तैनात किया गया है और यह कुशलतापूर्वक चल रहा है।
