राष्ट्रीय लोक अदालत में किया 4991 मामलों का निपटारा
4991 cases settled in National Lok Adalat
मामलों का निपटारा करते हुए 10 करोड़ 59 लाख 94 हजार 439 रुपए के सेटलमेंट के आदेश किए पारित, राष्ट्रीय लोक अदालत के लिए कुरुक्षेत्र, शाहबाद व पिहोवा में किया गया था पीठ का गठन

अश्विनी वालिया
कुरुक्षेत्र 9 मार्च जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव एवं सीजेएम नितिन राज ने कहा कि डीएलएसए की तरफ से न्यायालय परिसर कुरुक्षेत्र, शाहाबाद और पिहोवा में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। इस राष्ट्रीय लोक अदालत में विभिन्न विषयों के कुल 13711 मामले आए थे, जिनमें से 4991 मामलों का मौके पर ही निपटारा किया गया। इनमें प्री-लिटिगेशन के बैंक रिकवरी के 6872 मामले उठाए गए, जिनमें से 133 मामलों का निपटारा किया गया है और इन मामलों में 54 लाख 46 हजार 688 रुपए की सेटलमेंट पास की गई है।
सीजेएम नितिन राज ने कहा कि न्यायालय में लंबित पोस्ट-लिटिगेशन के मामलों में बैंक रिकवरी के 33 मामलों में से 15 मामलों का निपटारा करके 7 लाख 21 हजार, 651 रुपए की सेटलमेंट की गई। इसी प्रकार क्रिमिनल कंपाउंडेबल ऑफ सेंस के 253 मामलों में 78 मामलों में 6 लाख 24 हजार 100 रुपए, एमएसीटी केस के 174 मामलों में से 84 मामलों का निपटारा करते हुए 9 करोड़ 27 लाख 12 हजार की सेटलमेंट, विवाह सम्बन्धी मामलों में 102 में से 36 मामलों, एनआई एक्ट अंडर-138 के 365 में से 101 मामलों की सेटलमेंट, अन्य सिविल केस के 525 में से 86 मामलों की सेटलमेंट, अन्य केसों में 1149 मामलों में से 220 मामलों का निपटारा करते हुए 1 लाख 90 हजार व रेवेन्यू के 4238 मामलों में से 4238 मामलों का निपटारा किया गया है।
उन्होंने कहा कि इस राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 13711 मामलों में से 4991 मामलों का निपटारा करते हुए कुल 10 करोड़ 59 लाख 94 हजार 439 रुपए की सेटलमेंट की गई है। इन मामलों में अपराधिक, सिविल, बैंक रिकवरी, वाहन दुर्घटनाएं, बिजली पानी से संबंधित, श्रम विवादों, वैवाहिक झगड़ो के मामलों का निपटारा किया गया है। इन कैसो का अधिक से अधिक निपटारा करने के लिए न्यायाधीश आशु कुमार जैन, न्यायाधीश अमरनिंद्र शर्मा, न्यायाधीश हरलीन ए शर्मा, न्यायाधीश सतीश कुमार, न्यायाधीश शेर सिंह, न्यायाधीश अंजली नरवाल, न्यायाधीश रजत वर्मा, न्यायाधीश उपेंद्रा सिंह, परमानेंट लोक अदालत (पब्लिक यूटीलिटी सर्विस) के चेयरमैन प्रवीण गुप्ता की पीठों का गठन किया गया था।
