” वीरांगना सती साधनी “

" Heroic Sati Sadhni "

” वीरांगना सती साधनी ” ( सती साधनी दिवस , 20 अप्रैल पर विशेष )
हे सुतिया रानी ! तूने हारकर भी ना वरण किया दुश्मनों का..
और कूद पड़ी तू, ऐ धरमध्वजपाल की लाडली चंद्रगिरी के पहाड़ से…
दे दी जान, पर ना वरण किया दुश्मनों का..
ताकता रह गया आहोम गवर्नर सादियाखोवा गोहाँई..
तू वरण कर गई मौत को,
और हो गई सती लगा मौत को गले |
हे साधनी ! तुझे नमन है
तू अमर है,
इतिहास के पन्नों में
सुनहरे अक्षरों में..
लिखा तेरा नाम अमिट है..
अमर है तेरा नाम..
” हे सती साधनी “
तुम्हें नमन है |
तुम्हें नमन है |
स्वरचित रचना :-
मुरारी केडिया
खलिहामारी , डिब्रूगढ़ ( असम )
You might also like