कांग्रेस सत्ता प्राप्ति के लिए उत्तर दक्षिण भारतीयों में वैमनस्य पैदा कर रही है: डा. के. लक्ष्मण
तेलंगाना विधान सभा चुनाव में भाजपा ने 2018 से दुगना मत प्रतिशत हासिल किया: डा. लक्ष्मण
जैसे जल बिन मछली नहीं रह सकती, वैसे सत्ता बिन कांग्रेस का हाल होता है: डा. लक्ष्मण

नई दिल्ली: 15 दिसंबर:- भारतीय जनता पार्टी ओबीसी मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवम भाजपा संसदीय बोर्ड सदस्य राज्य सभा सांसद डा.के.लक्ष्मण ने कहा है कि कांग्रेस सत्ता प्राप्ति हेतु उत्तर दक्षिण भारतीय लोगों में वैमनस्य पैदा कर रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का सत्ता के बिना वैसा ही हाल हो जाता है जैसे मछली का बिना जल के हो जाता है। डा. लक्ष्मण आज नई दिल्ली में प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर लोक सभा सांसद एवम ओबीसी मोर्चा के राष्ट्रीय महासचिव डा.संगम लाल गुप्ता भी साथ थे। डा. लक्ष्मण ने कहा कि राजस्थान, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ की करारी हार के बाद उत्तरी भारत के लोगों के बारे में कांग्रेस के नेताओं द्वारा अनाप शनाप बोलकर उत्तर भारतीयों में चिंगारी भड़काने का प्रयास किया है। राहुल गांधी के नजदीकी और कांग्रेस के प्रमुख नेता प्रवीण चक्रवर्ती ने अपने ट्वीट में दक्षिणी भारतीय लोगों को उत्तर भारतीयों से सुपीरियर बता कर दोनो के बीच खाई खोदने का प्रयास किया है जिसमे कांग्रेस कभी कामयाब नहीं हो सकती। यह बयान देना कि उत्तर भारत में साक्षरता कम होने, महिला श्रम शक्ति में कम भागीदारी,हिंदी का अधिक उपयोग, अधिक जनसंख्या, मांस खाने के प्रति कम सहनशीलता के कारण लोग भाजपा को वोट देना पसंद करते हैं से उनके मानसिक स्तर को जाना जा सकता है।
डा. लक्ष्मण ने कहा कि कुछ माह पहले राहुल गांधी के दूसरे सबसे करीबी, कांग्रेस महासचिव रणदीप सुरजेवाला ने भी भाजपा के मतदाताओं को कोसते हुए उन्हे राक्षस बताया था। सुरजेवाला द्वारा भाजपा के समर्थकों और वोटरों को राक्षस बताना सुरजेवाला की घटिया मानसिकता को दर्शाता है। डा. लक्ष्मण ने कहा कि देश के 45 प्रतिशत मतदाताओं ने प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में भाजपा का समर्थन किया है, इनमे जनजातीय बंधु, महादलित और गरीब लोग भी रिकॉर्ड संख्या में शामिल हैं। कांग्रेस व इनके सहयोगी दलों के नेताओं द्वारा ऐसे बयान देना उन मतदाताओं का अपमान है।
इस समय में उत्तर दक्षिण विभाजकता को हवा देने का कारण क्या हो सकता है? इसका आह्वाहन करने वाली कांग्रेस नई बोतल में पुरानी आर्य द्रविड़ शराब पुनः परोसना चाहती है। जिसे यह सत्ता वापसी की गारंटी मानती है। कांग्रेस किसी न किसी प्रकार से सत्ता चाहती है चाहे उसे दंगे करवाने पड़े, चाहे उत्तर दक्षिण के बीच वैमनस्य पैदा करना पड़े। कांग्रेस सत्ता के बगैर ऐसे तड़फती है जैसे जल बिना मछली। डा. लक्ष्मण ने कहा कि कांग्रेस के सहयोगी दल द्रमुक के सांसद सदस्य सेंथिल कुमार ने संसद में उत्तरी प्रदेशों का गोमूत्र प्रदेशों के रूप में कुत्सित वर्णन करने के बाद उसके खिलाफ तीखी प्रतिक्रिया आने पर उन्हें माफी मांगनी पड़ी। आजकल कांग्रेस ही नहीं उसके चहेते पिछलग्गू पत्रकारों एवम तथाकथित बुद्धिजीवियों ने भी उत्तर दक्षिण में विभेद करने की ठानी हुई है जिसमे ये प्रचारित करते है कि दक्षिण जागरूक है जबकि उत्तर बहुत पीछे है। इन तथाकथित पत्रकारों और बुद्धिजीवियों को भी देश की जनता पहचान चुकी है और आगामी लोकसभा चुनाव में उत्तर दक्षिण, पूर्व पश्चिम की जनता कांग्रेस एवम इसके सहयोगी दलों का सूपड़ा साफ करेगी और नरेंद्र मोदी तीसरी बार विशाल बहुमत से प्रधानमंत्री बनेंगे।
डा. लक्ष्मण ने कहा कि दक्षिणी राज्यों एवम उत्तर पूर्वी राज्यों के चुनावों में बेहतर प्रदर्शन किया है। जहां उत्तर पूर्व के 6 राज्यों में भाजपा गठबंधन की सरकारें हैं वहीं दक्षिण में तेलंगाना में 2 उप चुनाव में भाजपा ने जीत हासिल की थी तथा हैदराबाद निगम चुनाव में 48 पार्षद जीतकर आए थे जबकि कांग्रेस के केवल 2 पार्षद ही जीत पाए। उन्होंने बताया कि तेलंगाना के 2018 के विधान सभा चुनाव में जहां बीजेपी को एक ही सीट पर जीत मिली थी वहीं 2023 चुनाव में 8 सीटों पर जीत हासिल की। डा. लक्ष्मण ने बताया कि तेलंगाना विधान सभा के 2018 के चुनाव में भाजपा ने 7 प्रतिशत मत हासिल किए, वही 2023 के चुनाव में लगभग 14 प्रतिशत मत हासिल किए। इस तरह गत चुनाव की अपेक्षा इस चुनाव में दुगने वोट भाजपा ने हासिल किए हैं। डा. लक्ष्मण ने जोर देकर कहा कि आगामी लोकसभा चुनाव में दक्षिण के लोग कांग्रेस व उसके सहयोगी दलों को मुंह तोड़ जवाब देंगे और दक्षिण राज्यों में रिकॉर्ड मत प्राप्त करके भाजपा ज्यादा से ज्यादा सीटों पर विजय हासिल करेगी।
डा. राजबीर आर्य
राष्ट्रीय मीडिया सह प्रमुख
भारतीय जनता पार्टी ओबीसी मोर्चा
