दिल्ली उच्च न्यायालय ने हत्या के आरोपी को परिस्थितियों के मद्देनजर दी जमानत
Delhi High Court granted bail to murder accused considering the circumstances

नई दिल्ली,दिल्ली उच्च न्यायालय ने हत्या के मामले के एक आरोपी को जमानत दे दी है। दरअसल इस आरोपी के खिलाफ पहले गैरइरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया था। लेकिन दो महीने बाद पीड़ित की मौत हो गई और गैरइरादतन हत्या के मुकदमे को हत्या में तब्दील कर दिया गया। न्यायमूर्ति जसमीत सिंह की पीठ के समक्ष आरोपी के वकील रवि दराल ने दलील पेश की कि यह मामला आपसी मारपीट का था। पीड़ित की मौत घटना के दो महीने बाद सैप्टिक(इन्फेकशन) होने की वजह से हुई। इसलिए सीधे हत्या का आरोप उचित नहीं है। वहीं पीठ ने मामले की सुनवाई के दौरान पाया कि यह घटन 3 अक्तूबर 2020 को हुई थी। इस मामले के मुख्य गवाहों के बयान अदालत में दर्ज हो चुके हैं। आरोपी दीपांकर तीन साल पांच महीने से जेल में है। ऐसे में यदि आरोपी को जमानत दी जाती है तो इससे मुकदमे की सुनवाई पर फर्क नहीं पड़ेगा। हालांकि पीठ ने आरोपी को कई तरह की हिदायत दी है। वह जमानत अवधि के दौरान किसी गवाह व पीड़ित पक्ष से संपर्क नहीं करेगा। स्थानीय थाने में हाजिरी लगाएगा। साथ ही मामले के जांच अधिकारी को अपना मोबाइल नम्बर व अपना पता देगा। जिससे उसकी लोकेशन का पुलिस को पता चलता रहेगा। इसके अतिरिक्त पीठ ने आरोपी को दस हजार रुपये का मुचलका एवं इतने ही रुपये मूल्य का जमानती संबंधित अदालत में पेश करने के निर्देश दिए हैं। पेश मामला आनन्द पर्वत थाने का है। दो पक्षों में आपस में भिड़त हुई। पीड़ित को बुरी तरह लात-घुसों से मारा गया। इससे पीड़ित गंभीर रुप से जख्मी हो गया। उपचार के दौरान 23 दिसंबर 2020 को पीड़ित की अस्पताल के उपचार के दौरान मौत हो गई। पीड़ित की मौत के बाद गैरइरादतन हत्या के मुकदमे को हत्या में तब्दील कर दिया गया। आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
