76वें गणतंत्र दिवस पर दिल्ली के कर्तव्य पथ पर दिखी समृद्ध हरियाणा की तस्वीर
Picture of prosperous Haryana seen on Delhi's path of duty on 76th Republic Day
‘समृद्ध हरियाणा: विरासत और विकास’ के थीम पर तैयार हरियाणा की झांकी की गई प्रदर्शित
भगवान श्री कृष्ण के गीता के ज्ञान से लेकर आधुनिकता के साथ स्पोर्ट्स पावर हरियाणा की दिखी झलक
हरियाणा के पैरालंपियन खिलाड़ी रहे आकर्षण का केंद्र, पीएम मोदी ने भी हाथ हिलाकर स्वीकार किया खिलाड़ियों का अभिवादन
‘हर की भूमि, जय-जय हरियाणा…’ गीत पर लोक कलाकारों ने लोक संस्कृति की छटा बिखेरी

बलराम शर्मा
नई दिल्ली, 26 जनवरी। गणतंत्र दिवस पर आज दिल्ली के कर्तव्य पथ पर हरियाणा की झांकी में प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत के साथ समृद्धि और स्पोर्ट्स पॉवर के रूप में उभर रहे हरियाणा की तस्वीर दिखाई दी। झांकी पर खड़े पैरालंपिक खिलाड़ी दर्शकों के आकर्षण का केन्द्र रहे। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने भी इन खिलाड़ियों का हाथ हिलाकर अभिवादन स्वीकार किया। इन खिलाड़ियों में पद्मश्री पुरुस्कार के लिए इस वर्ष चुने गए हरविंदर सिंह को देखकर दर्शक उत्साहित नज़र आए और पूरे जोश के साथ ‘जय हरियाणा’ के नारे लगा रहे थे। झांकी पर हरविंदर सिंह के अलावा नितेश कुमार, अरुणा तंवर और तरुण ढिल्लों मौजूद थे, जो कि देश के लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा के स्रोत हैं।
सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग हरियणा द्वारा तैयार की गई प्रदेश की झांकी में सांस्कृतिक विरासत के तौर पर भगवान श्री कृष्ण द्वारा अर्जुन के माध्यम से सम्पूर्ण मानवता को दिए गए श्रीमद्भगवद गीता के संदेश की जन्मस्थली हरियाणा के समृद्ध व विकसित प्रदेश बनने की गाथा रविवार को दिल्ली में 76वें गणतंत्र दिवस परेड में दिखाई दी। ‘समृद्ध हरियाणा: विरासत और विकास’ के थीम पर तैयार इस झांकी में जहां एक ओर राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के तौर पर गीता के ज्ञान को दर्शाया गया है, वहीं दूसरी ओर आईटी के प्रयोग से फसल का ब्यौरा भरते और अपनी उपज का भाव देखते किसान के साथ खेलों में स्पोर्टस पावर के तौर पर उभरते हरियाणा की झलक भी दिखाई दी। झांकी के अंतिम भाग में पब्लिक-प्राईवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) के अनूठे शहरीकरण मॉडल के रूप में विकसित हुए गुरुग्राम की गगनचुंबी ईमारतों का समूह भी नजर आया। हरियाणा का गुरुग्राम देश के प्रमुख आईटी सॉफ्टवेयर निर्यातकों में से एक है।
विकसित हरियाणा की तस्वीर को प्रदर्शित कर रही झांकी ने सभी को अपनी ओर आकर्षित किया और संदेश दिया कि आधुनिक युग में हरियाणा आज औद्योगिक निवेश के लिए पहली पसंद बना हुआ है।
*कर्तव्य पथ पर दिखी हरियाणवी संस्कृति की धूम*
हरियाणा की झांकी के साथ दोनों तरफ हरियाणवी पारम्परिक वेशभूषा में नारी शक्ति हरियाणवी नृत्य करती नजर आई। इस दौरान कर्तव्य पथ पर ‘हर की भूमि, जय-जय हरियाणा उज्ज्वल इसका वर्तमान और गौरवमयी इतिहास पुराना, देश की खातिर अन्न उपजाते, किसानों की कर्म धरा, नारी का सम्मान और पूजन हरियाणा की परम्परा, हम सीमा के सजग प्रहरी, खेलों में भी अव्वल आते, ओलम्पिक में सबसे ज्यादा पदक जीतकर हम ही लाते, भारत का परचम लहराते, खाकर दूध-दही का खाना’ का गीत गुंजायमान हुआ।
हरियाणावासियों के लिए यह गर्व की बात है कि हरियाणा की झांकी को लगातार चौथी बार राष्ट्रीय स्तर पर गणतंत्र दिवस परेड में भाग लेने का मौका मिला। गत वर्ष हरियाणा ने ‘मेरा परिवार मेरी पहचान’ के थीम पर तैयार झांकी में हर परिवार का डाटा एकत्रित कर सरकारी योजनाओं का लाभ हर व्यक्ति तक पहुंचाने, प्रदेश में डिजिटलाइज़ेशन से हो रहे बदलावों का देश व दुनिया के सामने सजीव चित्रण किया था।
