प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम “मन की बात” में 25 जनवरी 2025 को स्टार्टअप इंडिया के महत्व
Prime Minister Narendra Modi in his monthly radio program "Mann Ki Baat" on 25 January 2025 talked about the importance of Startup India
, इसके विस्तार और देशभर में इसकी सफलता के बारे में बात की। उन्होंने विशेष रूप से छोटे शहरों और गांवों में स्टार्टअप्स के बढ़ते प्रभाव पर ध्यान केंद्रित किया और महिला उद्यमिता के योगदान को सराहा। यह कार्यक्रम पिछले कुछ वर्षों में भारत में बदलाव और नवाचार के संकेत के रूप में देखा जा रहा है, और प्रधानमंत्री ने यह संदेश दिया कि स्टार्टअप इंडिया अब केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं है, बल्कि छोटे और दूसरे तथा तीसरे श्रेणी के शहरों में भी इसका प्रसार हो रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि स्टार्टअप्स से जुड़ी कुछ नई और चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों जैसे अपशिष्ट प्रबंधन, गैर-नवीकरणीय ऊर्जा, जैव प्रौद्योगिकी और लॉजिस्टिक्स में बड़ी संख्या में स्टार्टअप्स सामने आए हैं।
प्रधानमंत्री मोदी की प्रमुख बातें
प्रधानमंत्री मोदी ने इस कार्यक्रम के दौरान कहा कि पिछले एक साल में स्टार्टअप पंजीकरण में नगालैंड जैसे राज्य में 200 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। उन्होंने यह भी कहा कि स्टार्टअप्स के लिए हमारे छोटे शहरों का योगदान बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि इनमें से आधे से अधिक स्टार्टअप्स का नेतृत्व महिलाएं कर रही हैं। इस सफलता का बड़ा श्रेय हमारे देश की महिलाओं को जाता है, जो छोटे शहरों और गांवों से निकलकर अब बड़े स्टार्टअप्स चला रही हैं। यह एक सकारात्मक बदलाव है, जो न केवल महिलाओं को स्वतंत्रता और अवसर प्रदान करता है, बल्कि भारत के आर्थिक विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान देता है।
प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि अब स्टार्टअप्स केवल बड़े शहरों जैसे दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु या पुणे तक ही सीमित नहीं रह गए हैं। भारत के छोटे शहर जैसे अंबाला, हिसार, कांगड़ा, चेंगलपट्टु, बिलासपुर, ग्वालियर और वाशिम जैसे स्थान भी स्टार्टअप के केंद्र बन गए हैं। ये शहर अब नवाचार और उद्यमिता के केंद्र बन रहे हैं, जहां युवा उद्यमी अपने व्यवसायों की शुरुआत कर रहे हैं। यह देश में स्टार्टअप संस्कृति के लिए एक महत्वपूर्ण बदलाव को दर्शाता है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि यह देखा गया है कि स्टार्टअप्स के लिए सबसे अधिक विकास उन क्षेत्रों में हो रहा है, जो पारंपरिक नहीं हैं। अपशिष्ट प्रबंधन, गैर-नवीकरणीय ऊर्जा, जैव प्रौद्योगिकी और लॉजिस्टिक्स ऐसे क्षेत्र हैं, जिनमें स्टार्टअप्स की संख्या तेजी से बढ़ रही है। ये क्षेत्र पारंपरिक नहीं हैं, लेकिन हमारे युवा उद्यमी इन क्षेत्रों में नए और अभिनव विचारों के साथ सफलता की ओर बढ़ रहे हैं। इससे यह सिद्ध होता है कि हमारे युवाओं का दृष्टिकोण पारंपरिक विचारधाराओं से आगे है और वे अपनी सोच और कार्यों से समाज और देश को एक नई दिशा दे रहे हैं।
स्टार्टअप इंडिया की सफलता
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जब 10 साल पहले स्टार्टअप्स के बारे में बात की जाती थी, तो लोग इसकी गंभीरता नहीं समझते थे। उन्हें यह सब मजाक लगता था और लोग कहते थे कि इससे कुछ नहीं होने वाला है। लेकिन अब जब हम एक दशक के बाद देखते हैं, तो हम देख सकते हैं कि इस क्षेत्र में कितनी बड़ी सफलता हासिल की गई है। देशभर में अब लाखों स्टार्टअप्स संचालित हो रहे हैं, और यह भारत के लिए गर्व की बात है।उन्होंने इस परिवर्तन को स्टार्टअप इंडिया की सफलता के रूप में देखा। इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी कहा कि स्टार्टअप्स केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं रहे, बल्कि छोटे शहरों में भी इसका प्रसार हुआ है। इससे यह साबित होता है कि अब देशभर में नवाचार की भावना है और यह हर क्षेत्र और हर शहर में फैल रही है।प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि स्टार्टअप्स के बढ़ते प्रसार के कारण भारत में न केवल आर्थिक विकास हो रहा है, बल्कि यह समाज के अन्य वर्गों के लिए भी अवसर पैदा कर रहा है। विशेष रूप से महिलाओं के लिए यह एक बड़ा अवसर है, जो अब अपने व्यवसाय चला रही हैं और स्टार्टअप्स के क्षेत्र में अपना स्थान बना रही हैं। मोदी ने यह भी बताया कि छोटे शहरों में महिलाओं का नेतृत्व अब एक आदर्श बन रहा है, जो अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
महिला उद्यमिता
प्रधानमंत्री मोदी ने विशेष रूप से महिला उद्यमिता के महत्व पर बल दिया। उन्होंने बताया कि छोटे शहरों में स्टार्टअप्स का नेतृत्व अब महिलाएं कर रही हैं। यह एक सकारात्मक बदलाव है, क्योंकि यह न केवल महिलाओं को समान अवसर प्रदान करता है, बल्कि यह समाज में उनके योगदान को भी स्वीकार करता है। महिलाएं अब न केवल अपने परिवार की देखभाल कर रही हैं, बल्कि वे अब कारोबार चला रही हैं और नए विचारों के साथ समाज में बदलाव ला रही हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि यह देखा जा रहा है कि छोटे शहरों के स्टार्टअप्स में महिला उद्यमियों की संख्या बढ़ रही है। उन्हें इस बात की गर्व है कि महिलाएं अब उद्यमिता के क्षेत्र में अपनी पहचान बना रही हैं। यह बदलाव देश के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है और यह दिखाता है कि महिलाएं किसी भी क्षेत्र में पुरुषों से पीछे नहीं हैं।
