डिब्रूगढ़ में श्री श्री 1008 आदिनाथ जिनबिंब पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महा महोत्सव एवं विश्व शांति महायज्ञ का पंचम दिवस , आयोजित हुए अनेक कार्यक्रम
Fifth day of Sri Sri 1008 Adinath Jina idol Panch Kalyanak Pratishtha Maha Mahotsav and World Peace Maha Yagna in Dibrugarh

डिब्रूगढ़ के श्री दिगंबर जैन समाज , ग्राहम बाजार के तत्वाधान में शहर के खलिहामारी स्थित एनविक लॉन में गत 30 जनवरी से शुरू हुए श्री श्री 1008 आदिनाथ जिनबिंब पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महामहोत्सव एवं विश्व शांति महायज्ञ का आज 3 फरवरी को पंचम दिवस ” केवलज्ञान कल्याणक ” के रूप में मनाया गया | जिसके तहत प्रातः 5.30 बजे से जापयानुष्ठान, अभिषेक, शांतिधारा, नित्य पूजन, तपकल्याणक पूजन , मुनि श्री अरिजीत सागर जी के प्रवचन,
दोपहर के वक्त दीक्षार्थी प्रवेश, मंत्र संस्कार, नासिक्य निर्माण, अंकेन्यास, अधिवासन विधि, नेत्रोन्मीलन, प्राण प्रतिष्ठा, सुरिमंत्र, केवलज्ञान उत्पत्ति उसके बाद समोशरण रचना, चतुर्निल देवों का आगमन, समोशरण से दिव्य ध्वनि, जिज्ञासा समाधान, 46 दीपों से समोशरण की आरती तथा संध्या के वक्त गाजे बाजे के साथ आरती का जुलूस निकाला गया | आज की संध्याकालीन आरती का सौभाग्य विमल कुमार विकास कुमार सोगानी , गुवाहाटी, इटानगर परिवार वाले को प्राप्त हुआ | श्री जी की 108 दीपों से महाआरती की गई | शास्त्र सभा, अतिथि सत्कार तथा सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया | जिसमें समाज की बहुओं द्वारा मंगलाचरण नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति, बड़ी बच्चियों का ग्रुप डांस , पाठशाला के बच्चों की प्रस्तुति,बच्चियों का ग्रुप डांस , बहन-बेटियों के द्वारा एक अदभुत प्रस्तुति तथा महिलाओं का भक्ति नृत्य आदि शामिल था | आज संपूर्ण दिन के नाश्ते, भोजन व अल्पाहार के पुण्यार्जक बनने का सौभाग्य मेसर्स चांदमल अशोक कुमार अजय कुमार गंगवाल परिवार, डिब्रूगढ़ को मिला |
आगामी कल 4 फरवरी, मंगलवार को इस छह दिवसीय पंचकल्याणक महामहोत्सव का समापन दिवस है |
कल का दिन ” मोक्षकल्याणक ” के रूप में मनाया जाएगा | जिसमें
प्रातः 5.30 बजे से जाप्यानुष्ठान,
जिनाभिषेक, शांतिधारा, नित्य पूजन, केवलज्ञान कल्याणक पूजन, प्रातः 7.40 बजे से कैलाश पर्वत से मोक्षगमन , अग्नि कुमार देवों द्वारा संस्कार, प्रातः 8.25 बजे नवीन वेदी पर श्रीजी की स्थापना | प्रातः 09:31 बजे समस्त परम प्रतिष्ठित, चैतन्यमयी एवं दिव्य जिनबिंबों की मंगलमय, श्रीफलदायी एवं महामंगलकारी नगर परिभ्रमण यात्रा का शोभायमान एवं भव्य आयोजन संपन्न होगा। यह ऐतिहासिक, चिरस्मरणीय एवं अनुपम रथयात्रा, जो श्रद्धा, भक्ति, वैराग्य एवं वैभव के अद्वितीय संगम को प्रतिबिंबित करेगी, नगर के पवित्रतम मार्गों से होते हुए डिब्रूगढ़ के ग्राहम बाजार मंदिर जी के प्रथम तल्ले पर स्थित श्री आदिनाथ जिनालय में विराजमान करने हेतु श्रीविहार करेगी।
जहां नवनिर्मित, पावनतम, पुण्यवर्धक एवं चैतन्यपूर्ण वेदी में महापूजन, मंत्रों के गुंजन, सुरसरिता एवं अनहद निनाद के मध्य श्री जिनबिंबों की अर्चना, प्रतिष्ठापना एवं पुण्यार्पण संपन्न होगी। विश्व शांति महायज्ञ, पुण्याहवाचन, उत्सव प्रतिमा जी का, 108 कलशों से अभिषेक, शांतिधारा, मुनिश्री अरिजीत सागर के आशीर्वचन,आभार तथा विसर्जन के साथ कार्यक्रम का समापन होगा | कल अंतिम दिवस के कार्यक्रमों में समस्त धर्मानुरागी, पुण्यार्थी एवं श्रद्धालु बंधुओं से सात्त्विक, मंगलकारी इस दिव्य, अनुपम एवं अनंत पुण्यदायी महोत्सव में अपनी श्रद्धा, समर्पण एवं धर्मनिष्ठा के साथ सहभागी बनने एवं इस सिद्धिप्रदायक, मोक्षदायिनी एवं विलक्षण आध्यात्मिक पुण्यप्राप्ति के साक्षी बनकर अपने जीवन को धन्य करने का आग्रह आयोजकों द्वारा किया गया है | यह जानकारी श्री श्री 1008 आदिनाथ जिनबिंब पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महामहोत्सव आयोजन समिति के प्रचार – प्रचार विभाग के सदस्य क्रमशः पंकज गोधा तथा मोतीलाल पांड्या द्वारा संयुक्त रूप से दी गई है |
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