मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लगाना प्रधानमंत्री, गृहमंत्री की सामूहिक विफलता का प्रतीक: गौरव गोगोई
Imposition of President's rule in Manipur a symbol of collective failure of Prime Minister, Home Minister: Gaurav Gogoi

नई दिल्ली, कांग्रेस नेता गौरव गोगोई ने मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लगाये जाने को शनिवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और पूर्वोत्तर में भाजपा नेतृत्व की ‘सामूहिक विफलता का प्रतीक’ करार दिया।जातीय हिंसा से प्रभावित मणिपुर में बृहस्पतिवार को राष्ट्रपति शासन लगा दिया गया था और विधानसभा को निलंबित कर दिया गया था। उससे कुछ दिन पहले ही मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था।गोगोई ने शनिवार को ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लगाना प्रधानमंत्री, गृह मंत्री तथा पूर्वोत्तर में पार्टी नेतृत्व की सामूहिक विफलता का प्रतीक है।’’लोकसभा में कांग्रेस के उपनेता गोगोई ने यह भी कहा कि मणिपुर में स्थायी शांति और सुलह के लिए अब भी कोई रोडमैप नहीं है।उन्होंने कहा, ‘‘इसलिए यह कहा जा सकता है कि राष्ट्रपति शासन केवल इसलिए लगाया गया है, क्योंकि (मणिपुर की) प्रदेश भाजपा पूरी तरह से अव्यवस्थित है। मणिपुर और भारत के लोग इससे बेहतर के हकदार हैं।’’मई 2023 में शुरू हुई जातीय हिंसा में इम्फाल घाटी में बहुसंख्यक मेइती समुदाय और आसपास की पहाड़ियों में रहने वाले कुकी-जो आदिवासी समूहों के बीच क्रूर झड़पें हुईं, जिसमें 250 से अधिक लोगों की मौत हो गई और हजारों लोग विस्थापित हो गए।
