सहकारिता आंदोलन को मजबूत करने के लिए प्रसंघ ने उठाए हैं कई कदम : योगेश शर्मा

The association has taken many steps to strengthen the cooperative movement: Yogesh Sharma

बैठक में कई पूर्व निदेशकों ने सदस्यता ना रद्द करने और ओटीएस के तहत डबल स्कीम लाने का मुद्दा रखा

प्रसंघ के प्रबंधक ने आम सभा की बैठक में रखा पिछले तीन सालों का लेखा जोखा
बैठक में रजिस्ट्रार सहकारी समितियां की प्रतिनिधि के रूप में शामिल हुई कविता धनखड़

अश्विनी वालिया
पंचकूला  हरियाणा स्टेट कोऑपरेटिव हाउसिंग फेडरेशन के प्रबंधक निदेशक योगेश शर्मा ने कहा कि आवास प्रसंघ ने सहकारिता आंदोलन को मजबूत करने के लिए कई प्रयास किए हैं। प्रसंघ के सदस्यों की जिम्मेवारी है कि वह आवास प्रसंघ के इन प्रयासों को मजबूती प्रदान करें ताकि आने वाले समय में हरियाणा स्टेट कोऑपरेटिव हाउसिंग फेडरेशन के कार्यों को और गति देने के लिए नई योजनाएं लाई जाएं। इसके अंतर्गत प्रसंघ सदस्यों को कम ब्याज पर ऋण देना और अतिदेय सदस्यों के लिए ओटीएस स्कीम लाना है ताकि सदस्यों और प्रसंघ के बीच इनबैलेंस को दूर किया जा सके और आवास प्रसंघ की अच्छी वसूली हो सके। वे आवास प्रसंघ की 29वीं आम सभा की बैठक में प्रदेश भर से आए हुए सहकारी भवन निर्माण समितियां के सदस्यों को संबोधित कर रहे थे। इससे पूर्व एमडी योगेश शर्मा ने अतिरिक्त रजिस्ट्रार कविता धनखड़, एलआईसी प्रतिनिधि अशोक ठाकुर, कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे बाबू राम तुषार का गुलदस्ता भेंट कर स्वागत किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता बाबूराम तुषार ने की, जबकि कार्यक्रम में विशेष अतिथि के तौर पर रजिस्टर सहकारी समितियां हरियाणा की प्रतिनिधि अतिरिक्त रजिस्ट्रार कविता धनखड़ और भारतीय जीवन बीमा निगम के प्रतिनिधि अशोक ठाकुर वशिष्ठ अतिथि के रूप में मौजूद रहे। आवास प्रसंघ के प्रबंध निदेशक राजेश कौशिक ने प्रदेश भर से आए सहकारी समितियों के सदस्यों का स्वागत किया और उन्होंने  प्रसंघ के पिछले तीन साल के कार्यों का लेखा-जोखा प्रस्तुत किया।
महासभा को संबोधित करते हुए प्रबंध निदेशक योगेश शर्मा ने बैठक में रखे गए चारों एजेंडों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि हरियाणा आवास प्रसंघ सदस्यों को फायदा पहुंचने के लिए नई-नई स्कीम लेकर आ रहा है। उन्होंने खुलासा किया कि ओटीएस स्कीम के तहत समिति सदस्यों और प्रसंघ के बीच आए इनबैलेंस को दूर किया जाा सके। इसके अलावा ओटीएस स्कीम में कई बदलाव किए जाएंगे। उन्होंने सदस्यों के सम्मुख बैठक में रखे गए एजेंडों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि प्रसंघ ने वर्ष 2023 के दौरान एफडी, सेविंग और रि इनवेस्टमेंट के तहत प्रसंघ ने 83 करोड़ 29 लाख 55 हजार 397 रुपये बैंक में जमा किए हैं। 30 करोड़ 13 लाख 26 हजार 311 रुपये ऋण के रूप में दिए हैं। सदस्यों से प्रसंघ ने 146 करोड़ 61 लाख 18 हजार 464 रुपये ब्याज के रूप में वसूल करने हैं। इसके अलावा उन्होंने बैंक की अन्य उपलब्धियों को भी सदस्यों के सम्मुख रखा। उन्होंने बैठक में आए सभी सदस्यों से अपील की कि वे प्रसंघ द्वारा लाई जाने वाली ओटीएस स्कीम के तहत वसूली करने में अपना सहयोग करें।
इस मौके पर आवास प्रसंघ के पूर्व निदेशक ईश्वर सिंह ने कई सुझाव रखे और कहा कि सहकारी समितियों को मजबूत करने के लिए कई कदम उठाने की जरूरत है। उन्होंने मुख्य रूप से ओटीएस स्कीम को लेकर भी कई सुझाव दिए। पूर्व निदेशक भारत सिंह ने आवास प्रसंघ द्वारा प्रदेश भर में कई सहकारी भवन से समितियों को बंद करने पर ऐतराज जताते हुए कहा कि से सहकारिता आंदोलन को ठेस पहुंचेगी। उन्होंने इस मौके पर कई महत्वपूर्ण सुझाव भी रखे और कहा कि अगर आवास प्रसंघ को जिंदा रखना है तो आवास प्रसंघ के लिए नई योजनाएं लानी होगी और कम रेट पर सदस्यों को ब्याज देना होगा।
पूर्व निदेशक प्रवीण बत्रा ने भी कहीं महत्वपूर्ण सुझाव रखे और कहा कि वे पहले भी पिछली बैठकों में कई सुझाव रख चुके हैं, लेकिन इन सुझावों पर कोई अमल नहीं गया। अगर विभाग वास्तव में गंभीर है तो वह  सदस्यों द्वारा रखे गए सुझावों को अमली जामा पहनाने का काम करें। जींद से आए एक सदस्य जयकिशन ने आडिट फीस कम करने का मुद्दा उठाया। बैठक में सभी सदस्यों ने मुख्य रूप से ओटीएस स्कीम के तहत डबल स्कीम लाने का मुद्दा उठाया। सदस्यों का सुझाव था कि डबल स्कीम के तहत ही प्रसंघ की अच्छी वसूली हो सकती है और भविष्य में प्रसंघ कम ब्याज पर ऋण देने की स्थिति में होगा।
सदस्यों के सुझावों का  जवाब देते हुए प्रबंध निदेशक योगेश शर्मा ने कहा कि उनके सुझाव स्वागत योग हैं और इन सभी सुझावों को आज की महासभा की कार्रवाई में शामिल किया जाएगा और सरकार को एक विस्तृत रिपोर्ट भेज कर मांग की जाएगी कि सहकारी भवन निर्माण समितियों के लिए विशेष स्कीम की स्वीकृति दी जाए, ताकि प्रसंघ की अच्छी वसूली हो और सहकारिता आंदोलन को भी मजबूती मिले। महासभा की अध्यक्षता कर रहे बाबू राम तुषार ने सदस्यों के सुझावों का स्वागत किया और कहा कि इन सभी सुझावों को आज की महासभा की बैठक में शामिल किया जाए। तभी सहकारिता आंदोलन को मजबूती मिलेगी।  महासभा के अंत में प्रसंघ के प्रबंधक राजेश कौशिक ने बैठक में आए सभी सदस्यों का आभार जताया।
इस मौके पर प्रदेशभर से सहकारी समितियों के सदस्यों के अलावा प्रसंघ के सहायक घनश्याम सिंह यादव, विकास अधिकारी चंद्र सिंह, हरि भगवान, रघुवीर सिंह आदि मौजूद रहे।
फोटो संख्या – प्रसंघ के एमडी योगेश शर्मा अतिरिक्त रजिस्ट्रार सहकारी समितियां कविता धनखड़ को गुलदस्ता भेंट कर स्वागत करते हुए

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