पहलगाम हमले पर एफआईआर: एलओसी पार रची गई साजिश, धर्म पूछकर ली पर्यटकों की जान

FIR on Pahalgam attack: Conspiracy hatched across LoC, tourists killed after asking about their religion

 

नई दिल्ली, एफआईआर में लिखा है कि ये हमला एलओसी पार बैठे ‘मास्टर्स’ के इशारे पर हुआ। यानी पाकिस्तान की प्लानिंग थी। आर्मी की वर्दी में आए ये आतंकवादी साफ संदेश दे गए हैं कि अब धार्मिक नरसंहार खुलेआम होगा। ये सिर्फ एक आतंकी हमला नहीं था, वो सुनियोजित नरसंहार था। मजहब पूछकर गोलियां चलाई गईं। एफआईआर में दर्ज है कि आतंकियों ने पहले हिन्दू जोड़ों से धर्म पूछा, फिर सिर पर बंदूक रख दी। जो हिन्दू निकले, उन्हें वहीं ढेर कर दिया गया। बच्चों के सामने मां-बाप को मारा गया। कुछ को कलमा पढ़ने को मजबूर किया गया, जो नहीं पढ़ पाए, उन्हें मार दिया गया। कई लोगों को जबरन कपड़े उतरवाकर खतना देखा गया, और बिना खतना वाले यानी हिन्दू – मारे गए। जम्मू-कश्‍मीर पुलिस ने आतंकियों की जानकारी देने वालों को 20 लाख रुपये का इनाम देने की घोषणा की है।

पहलगाम में आतंकी हमले के बाद पूरे देश में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अलर्ट है। पर्यटन वाले राज्यों में भी विशेष निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। देश की राजधानी दिल्ली में भी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। ऐतिहासिक इमारतों और धार्मिक स्थलों के बाहर सुरक्षा में जवानों को तैनात किया गया है। पुलिस हर स्थिति पर नजर बनाए हुए है। इसके साथ ही पेट्रोलिंग भी की जा रही है। हमले के एक दिन बाद बुधवार शाम को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में सुरक्षा संबंधी कैबिनेट समिति (सीसीएस) की बैठक हुई। करीब ढाई घंटे चली बैठक में प्रधानमंत्री के अलावा सुरक्षा संबंधी कैबिनेट समिति में गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, विदेश मंत्री एस जयशंकर और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण शामिल हुए। सीतारमण अपनी आधिकारिक यात्रा को बीच में ही छोड़कर अमेरिका से वापस आ रही हैं। प्रधानमंत्री मोदी बुधवार को सऊदी अरब से सुबह-सुबह वापस आ गए। इससे पहले, अमित शाह ने पहलगाम के बैसरन का दौरा किया, जहां आतंकवादियों ने हमला किया था। साथ ही उन्होंने उस अस्पताल का भी दौरा किया जहां कुछ घायलों को भर्ती कराया गया।

 

 

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