आदेश की अवहेलना पर आईओ और एसएचओ पर 20-20 हजार का जुर्माना

IO and SHO fined Rs 20,000 each for disobeying the order

 

 

 

नई दिल्ली, रोहिणी जिला अदालत ने आदेश की अवहेलना करने पर जांच अधिकारी (आईओ) और थानाध्यक्ष (एसएचओ) की लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाया है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश शिवाजी आनंद की अदालत ने कहा कि अधिकारियों का यह रवैया न्यायिक प्रक्रिया के प्रति उदासीनता को दर्शाता है। अदालत ने दोनों पर 20-20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। यह मामला हत्या से जुड़ा हुआ है। जिसकी प्राथमिकी थाना बेगमपुर में साल 2022 में दर्ज की गई थी। आरोपी के अधिवक्ता रवि दराल ने बताया कि आईओ पिछली तीन तारीखों से नहीं आ रहे हैं। आईओ की लापरवाही के कारण जमानत लंबित है। अब पुलिस के पास वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए भी पेश होने का विकल्प है, लेकिन वे पेश नहीं हो रहे हैं।बार-बार सुनवाई में रहे अनुपस्थित : मामले में 26 जुलाई 2025 को अदालत ने स्पष्ट किया था कि जांच अधिकारी की व्यक्तिगत मौजूदगी आवश्यक है। इसके बावजूद एक अगस्त को आईओ की ओर से कोई पेश नहीं हुआ। इसके बाद अदालत ने आईओ और एसएचओ दोनों को आठ अगस्त को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का निर्देश दिया था, लेकिन उस दिन भी कोई उपस्थित नहीं हुआ। 19 अगस्त को सुनवाई हुई तो इंस्पेक्टर अजय आईओ की ओर से अदालत में पेश हुए, लेकिन वह अदालत द्वारा पूछे गए सवालों का जवाब देने में असमर्थ रहे। अदालत ने माना कि फिर से आदेश की अवहेलना की गई है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि इस रवैये को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। अब मामले की अगली सुनवाई 23 अगस्त को होगी।

 

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