‘मन की बात’ में पीएम मोदी ने किया दुनियाभर में बढ़ रहे भारतीय संस्कृति के प्रभाव का जिक्र

In 'Mann Ki Baat' PM Modi mentioned the growing influence of Indian culture around the world

 

नई दिल्ली,  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को एक बार फिर दुनियाभर में भारतीय संस्कृति के बढ़ते प्रभाव के बारे में जानकारी दी। उन्होंने इटली, कनाडा और रूस के उदाहरण दिए, जहां भारतीय परंपराओं के प्रति जागरूकता और प्रशंसा लगातार बढ़ रही है।प्रधानमंत्री ने रविवार को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 125वें एपिसोड को संबोधित किया। उन्होंने कहा, “आप दुनिया में कहीं भी जाएं, आपको वहां भारतीय संस्कृति का प्रभाव जरूर मिलेगा। यह प्रभाव सिर्फ दुनिया के बड़े शहरों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसे छोटे शहरों में भी देखा जा सकता है।”इटली का उदाहरण देते हुए पीएम मोदी ने कहा, “इटली के एक छोटे से शहर कैंप-रोटोंडो में भी कुछ ऐसा ही देखने को मिला। वहां महर्षि वाल्मीकि की एक प्रतिमा का अनावरण किया गया। इस कार्यक्रम में स्थानीय मेयर समेत क्षेत्र की कई प्रमुख हस्तियां भी शामिल हुईं।”

पीएम ने कहा, “कैंप-रोटोंडो में रहने वाले भारतीय मूल के लोग महर्षि वाल्मीकि की प्रतिमा की स्थापना से बहुत खुश हैं। महर्षि वाल्मीकि के संदेश हम सभी को प्रेरित करते हैं।”प्रधानमंत्री मोदी ने कनाडा में हुए एक हालिया घटनाक्रम का भी जिक्र किया, जहां इस महीने की शुरुआत में मिसिसॉगा में भगवान श्रीराम की 51 फुट ऊंची प्रतिमा का अनावरण किया गया। उन्होंने कहा, “लोग इस आयोजन को लेकर बेहद उत्साहित थे। भगवान श्रीराम की भव्य प्रतिमा के वीडियो सोशल मीडिया पर खूब शेयर किए गए।”रूस की ओर इशारा करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रामायण के प्रति बढ़ते आकर्षण के बारे में बात की। उन्होंने कहा, “रामायण और भारतीय संस्कृति के प्रति यह प्रेम अब दुनिया के हर कोने तक पहुंच रहा है।

उन्होंने कहा कि रूस में एक प्रसिद्ध जगह है-व्लादिवोस्तोक। बहुत से लोग इसे एक ऐसी जगह के रूप में जानते हैं, जहां सर्दियों में तापमान -20 से -30 डिग्री सेल्सियस तक गिर जाता है। इस महीने की शुरुआत में व्लादिवोस्तोक में एक रामायण प्रदर्शनी का आयोजन किया गया था।प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इस महीने व्लादिवोस्तोक में एक अनूठी प्रदर्शनी आयोजित की गई। इसमें रूसी बच्चों ने रामायण के विभिन्न विषयों पर बनाई गई पेंटिंग्स का प्रदर्शन किया। वहां एक प्रतियोगिता भी आयोजित की गई। उन्होंने कहा, “दुनिया के विभिन्न हिस्सों में भारतीय संस्कृति के प्रति बढ़ती जागरूकता देखकर वाकई बहुत खुशी होती है।”

 

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