मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने समालखा के साधना एवं ग्राम विकास केंद्र में लघु उद्योग भारती द्वारा आयोजित राष्ट्रीय अधिवेशन में की शिरकत
Chief Minister Naib Singh Saini attended the national convention organized by Small Industries India at the Sadhana and Village Development Centre of Samalakha.
एमएसएमई से ही आत्मनिर्भर अभियान को मिलेगी गति, युवा उद्यमी ही लिख सकते हैं विकसित भारत–विकसित हरियाणा की कहानी : नायब सिंह सैनी
रोजगार उपलब्ध करवाने में लघु उद्योगों की बड़ी भूमिका : केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल

बलराम शर्मा
नई दिल्ली, 15 सितंबर — हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत जैसे राष्ट्रीय अभियानों की सफलता में लघु उद्योगों की भूमिका सर्वोपरि है। 21वीं सदी का भारत जिस ऊंचाई और गति से आगे बढ़ रहा है, उसमें एमएसएमई का महत्वपूर्ण योगदान है। हरियाणा सरकार लघु उद्योगों के विकास के लिए विशेष योजनाएं और प्रोत्साहन नीतियां लागू कर रही है, ताकि उद्यमियों को अधिक से अधिक अवसर मिल सकें और वे बाजार प्रतिस्पर्धा में मजबूती से खड़े हो सकें।
मुख्यमंत्री सोमवार को जिला पानीपत के समालखा में आयोजित लघु उद्योग भारती के राष्ट्रीय अधिवेशन को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि समालखा में लघु उद्योग भारती के तीन दिवसीय औद्योगिक चिंतन से लघु उद्योगों के विकास की नई दिशा मिल सकेगी। ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से मार्गदर्शन प्राप्त कर युवा उद्यमी विकसित भारत –विकसित हरियाणा की कहानी लिखेंगे।
श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा का भौगोलिक क्षेत्र केवल 1.3 प्रतिशत है, लेकिन यह वर्ष 2024–25 के अग्रिम अनुमान के अनुसार राष्ट्रीय जीडीपी में 3.6 का प्रतिशत का योगदान दे रहा है। सकल राज्य घरेलू उत्पाद पिछले दशक में 10.8 प्रतिशत की दर से बढ़ा है। फरीदाबाद, पानीपत, यमुनानगर और अंबाला के अनधिकृत औद्योगिक क्षेत्र में चल रही हजारों एमएसएमई को राहत प्रदान की गई है और इस क्षेत्र में इनका लाभ भी मिलना शुरू हो गया है। प्रदेश में 10 नए आईएमटी विकसित करने की योजना बनाई गई है जिनमें से तीन नए आईएमटी राष्ट्रीय राजमार्गों पर विकसित करने के लिए भूमि प्राप्त की जा रही है। इनमें अंबाला, जींद और फरीदाबाद–पलवल आईएमटी शामिल हैं। इनके अलावा कोसली और नारायणगढ़ में भी आईएमटी के लिए जगह चिन्हित की गई है।
उन्होंने कहा कि सरकार ने व्यापार करने में आसानी के लिए 48 विभागों में 1100 से अधिक अनुपालनों के नियामक बोझ को कम किया है। विगत 11 वर्षों में प्रदेश में 7 लाख 66 हजार सूक्ष्म लघु व मध्यम उद्योग लगे हैं तथा इनमें 39 लाख लोगों को रोजगार भी मिला है। सिंगल रूफ क्लीयरेंस सिस्टम के तहत 230 से अधिक ऑनलाइन सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। आज हरियाणा निवेशकों और स्टार्टअप्स की पहली पसंद बन गया है। हरियाणा भारत में स्टार्टअप की संख्या में सातवें बड़े राज्य के रूप में उभरा है। वर्तमान में हरियाणा में 9100 से अधिक मान्यता प्राप्त स्टार्टअप हैं। प्रदेश में 19 यूनिकॉर्न कंपनियां हैं। उन्होंने कहा कि अगले चरण में स्टार्टअप में महिलाओं की भागीदारी 50 प्रतिशत से बढ़ाकर 60 प्रतिशत तक करने का लक्ष्य रखा गया है। प्रदेश में हरियाणा राज्य स्टार्टअप नीति के तहत 22 स्टार्टअप्स को एक करोड़ 14 लाख रुपए की वित्तीय सहायता भी प्रदान की गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्टार्टअप्स को वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए निजी निवेशकों के सहयोग से 2 हजार करोड़ रुपए का फंड ऑफ फंड्स भी स्थापित किया जा रहा है। ए.आई. आधारित स्टार्टअप को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। प्रदेश सरकार द्वारा ड्रोन प्रौद्योगिकी के लिए 10 करोड़ रुपए का स्टार्टअप फंड शुरू किया गया है और इसके लिए करनाल में 500 युवा किसानों को प्रशिक्षण भी प्रदान किया जा रहा है। प्रदेश में फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री की लगभग 28 हजार यूनिट लग चुकी हैं इसे और आगे बढ़ाने के लिए इस पर काम किया जा रहा है। एकीकृत मिनी फूड पार्क योजना पर भी ध्यान केंद्रित करते हुए इस पर 50 प्रतिशत की दर से पूंजी निवेश सब्सिडी प्रदान की जा रही है।
रोजगार उपलब्ध करवाने में लघु उद्योगों की बड़ी भूमिका : केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल
इस अवसर पर केंद्रीय ऊर्जा, आवासन एवं शहरी विकास मंत्री श्री मनोहर लाल ने कहा कि देश के विकास में उद्योगों का बड़ा योगदान है। लघु उद्योगों को सरकारी सहायता से गति प्रदान कर रोजगार के नए अवसर पैदा किया जा सकते हैं। केंद्र और राज्य सरकार उद्योग हितैषी नीतियों से भारत में नई औद्योगिक संस्कृति को बढ़ावा दे रही हैं। उन्होंने कहा कि देश में वर्षों बाद जीएसटी के इतने कम स्लैब बनाए गए हैं जो कि अपने आप में बहुत बड़ी उपलब्धि है। आज विभिन्न उद्योगों में महिलाएं आगे आ रही हैं। उन्होंने बड़ी-बड़ी कंपनियों में महिलाओं की भागीदारी और उनको आत्मनिर्भर बनाने की बात पर जोर देते हुए कहा कि छोटे-छोटे उद्योगों में महिलाओं को आगे लाना होगा।
उन्होंने कहा कि देश को आगे बढ़ाने के लिए विदेशी मुद्रा के भंडारण में गति प्रदान करने के लिए एमएसएमई के माध्यम से ज्यादा से ज्यादा निर्यात करना होगा। छोटे-छोटे उद्योगों को ऐसे स्थान पर बढ़ावा देना चाहिए जहां पर दूर दराज के इलाके हैं जहां छोटी-छोटी योजनाएं, छोटे-छोटे उद्योग चलाकर वहां के लोगों को रोजगार उपलब्ध करा सकते हैं। भारत सरकार द्वारा लघु उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए 22 प्रकार की योजनाएं चलाई गई हैं जिससे लोग इनका फायदा उठा सकते हैं। उन्होंने कहा कि एमएसएमई के माध्यम से देश के 28 करोड़ लोगों को आज रोजगार उपलब्ध हो रहा है। उन्होंने कहा कि आज भारत का स्थान सकल घरेलू उत्पाद में चौथे स्थान पर है और आने वाले समय में जर्मनी को पीछे छोड़ तीसरा स्थान हासिल करना है।
इस मौके पर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष श्री मोहनलाल कौशिक, विधायक श्री मनमोहन भड़ाना, श्री प्रमोद विज, पूर्व सांसद श्री संजय भाटिया, लघु उद्योग भारती के पदाधिकारी और विविध औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधियों सहित बड़ी संख्या में उद्यमी गण उपस्थित रहे।
