पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री ने शहीद पुलिस जवानों को दी श्रद्धांजलि
Chief Minister pays tributes to martyred police personnel on the occasion of Police Commemoration Day

कुलदीप कुमार देहरादून। आज पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर पुलिस लाईन देहरादून स्थित शहीद स्मारक स्थल पर श्रृद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें मुख्य अतिथि के रुप में मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड पुष्कर सिंह धामी ने प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री, पुलिस महानिदेशक सहित उपस्थित गणमान्य अतिथियों एवं पुलिस अधिकारियों ने पुलिस एवं अर्द्ध सैनिक बलों के शहीदों को पुष्प चक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री द्वारा शहीद पुलिस कर्मियों के परिवारजनों को शॉल प्रदान कर सम्मानित भी किया गया।बइस अवसर पर मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री ने पुलिस व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण और पुलिसकर्मियों के कल्याण के लिए आठ महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने उत्तराखण्ड पुलिस की विभिन्न इकाइयों में करीब 1,600 रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया जल्द शुरू करने, थानों एवं चौकियों में कार्मिकों की आवश्यकता के अनुसार पदों की संख्या और व्यवस्था की समीक्षा करने तथा विवेचकों को आधुनिक जांच किट उपलब्ध कराने की घोषणा की। साथ ही थानों के आवश्यक कार्यों के लिए वार्षिक बजट 4 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 8 करोड़ रुपये किया जाएगा। उन्होंने प्रदेश के सभी पुलिस मॉडर्न स्कूलों को बेहतर बनाने, देहरादून में पुलिसकर्मियों के लिए ट्रांजिट हॉस्टल और मल्टी स्टोरी बैरक का निर्माण कराने तथा देहरादून स्थित पुलिस अस्पताल के उच्चीकरण की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि सरकार पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री का उद्धबोधन
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की आंतरिक सुरक्षा में पुलिस एवं अर्धसैनिक बलों की महत्वपूर्ण भूमिका है। पिछले एक वर्ष में देशभर में 154 जवानों ने कर्तव्य पालन के दौरान सर्वोच्च बलिदान दिया, जिनमें उत्तराखण्ड पुलिस के उपनिरीक्षक स्वर्गीय विनोद कुमार भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि शहीद पूरे देश का गौरव होते हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में नई दिल्ली में राष्ट्र को समर्पित राष्ट्रीय पुलिस स्मारक वीर जवानों के त्याग और साहस का प्रतीक है।उन्होंने कहा कि खाकी वर्दी साहस, अनुशासन और राष्ट्रसेवा का प्रतीक है। पुलिसकर्मी त्योहारों पर भी परिवारों से दूर रहकर जनता की सुरक्षा करते हैं। उत्तराखण्ड की भौगोलिक परिस्थितियों और आपदाओं के बीच उनकी भूमिका अधिक महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नशा और साइबर अपराध आज गंभीर चुनौतियां हैं। नशे की रोकथाम के लिए त्रिस्तरीय एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स गठित की गई है। ड्रग फ्री उत्तराखण्ड के संकल्प को साकार करने के लिए नशा तस्करों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि इंटरनेट और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के दौर में पुलिस को आधुनिक तकनीक, बेहतर प्रशिक्षण और अन्य एजेंसियों के समन्वय से साइबर अपराधियों से दो कदम आगे रहना होगा। करीब 32 करोड़ रुपये की लागत से स्टेट साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर का निर्माण गतिमान है। महिलाओं की सुरक्षा के लिए प्रत्येक थाने में महिला हेल्प डेस्क के अंतर्गत क्विक रिस्पॉन्स टीम गठित की गई है। मुख्यमंत्री ने इस वर्ष लगभग 5 करोड़ कांवड़ यात्रियों तथा चारधाम यात्रा में अब तक 60 लाख से अधिक श्रद्धालुओं की सुरक्षित एवं सुगम यात्रा सुनिश्चित करने में उत्तराखण्ड पुलिस के योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस वर्ष उत्कृष्ट सेवाओं के लिए 319 पुलिसकर्मियों को विभिन्न पदकों एवं सम्मान चिह्नों से अलंकृत किया गया है। उत्तराखण्ड पुलिस का प्रतिष्ठित ‘प्रेसिडेंट्स पुलिस कलर्स’ के लिए नामित होना प्रदेश के लिए गौरव की बात है। उन्होंने कहा कि पुलिस आवास संतुष्टि दर 18 प्रतिशत से बढ़कर 22 प्रतिशत हुई है और लक्ष्य इसे 30 प्रतिशत तक पहुंचाने का है। इस वर्ष 785 पुलिसकर्मियों को पदोन्नति दी गई, नागरिक पुलिस में 1,573 तथा पीएसी में 370 आरक्षियों की सीधी भर्ती हुई। उपनिरीक्षक, प्लाटून कमांडर एवं अग्निशमन द्वितीय अधिकारी के 222 पदों की भर्ती प्रक्रिया पूरी हुई है। दिवंगत पुलिसकर्मियों के 24 आश्रितों को नियुक्तियां दी गई हैं। इस वित्तीय वर्ष में थानों, अग्निशमन केंद्रों, बैरकों, मैस तथा अन्य कार्यस्थलों के लिए 58 करोड़ रुपये से अधिक जारी किए गए हैं। पुलिसकर्मियों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। माननीय मुख्यमंत्री जी ने पुलिसकर्मियों के तनाव प्रबंधन के लिए नियमित कार्यक्रम आयोजित करने पर भी जोर दिया।
पुलिस महानिदेशक, उत्तराखण्ड का उद्धबोधन
आज, 21 अक्टूबर, पूरे देश के लिए एक अत्यंत भावनात्मक दिन है। यह दिन हमें पुलिस एवं अर्द्धसैनिक बलों के उन वीर जवानों के सर्वोच्च बलिदान का स्मरण कराता है, जिन्होंने देश की आंतरिक सुरक्षा और सीमाओं की रक्षा करते हुए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए। सन् 1959 में आज ही के दिन लद्दाख के हॉट-स्प्रिंग क्षेत्र में लगभग 16,000 फीट की ऊँचाई पर CRPF के दस वीर जवानों ने उपनिरीक्षक करन सिंह के नेतृत्व में असाधारण साहस का परिचय देते हुए मातृभूमि की रक्षा में अपने प्राणों की आहुति दी थी। उन्हीं की स्मृति में प्रत्येक वर्ष आज का दिन ‘पुलिस स्मृति दिवस’ के रूप में पूरे देश में मनाया जाता है।
आजादी के बाद से अब तक देशभर में 35 हजार से अधिक पुलिसकर्मियों ने कर्तव्य पालन के दौरान अपना सर्वोच्च बलिदान दिया है । विगत एक वर्ष में देशभर के राज्य पुलिस बलों, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों एवं पुलिस संगठनों के 154 कर्मियों ने कर्तव्य के प्रति समर्पण की मिसाल पेश करते हुए अपने प्राणों की आहूति दी हैं। जिनका विवरण इस प्रकार हैः-
राज्य का नाम शहीदों की संख्या
आन्ध्र प्रदेश 1
अरुणाचल प्रदेश 1
असम 6
बिहार 12
छत्तीसगढ़ 6
गुजरात 2
हरियाणा 4
झारखण्ड 3
कर्नाटक 5
केरल 1
मध्य प्रदेश 9
महाराष्ट्र 2
मणिपुर 1
पंजाब 2
राजस्थान 5
तमिलनाडू 6
तेलंगाना 4
उत्तर प्रदेश 6
उत्तराखण्ड 1
पश्चिम बंगाल 5
दिल्ली 3
जम्मू एवं कश्मीर 9
असम राइफल्स 6
बीएसएफ 25
सीआई.एस.एफ. 4
सीआरपीएफ 2
आईटीबीपी 9
एसएसबी 5
फायर सर्विस, सिविल डिफेंस एवं होमगार्ड 1
आरपीएफ। 8
कुल योग 154
इन अमर शहीदों में उत्तराखण्ड पुलिस के उपनिरीक्षक स्व. विनोद कुमार भी सम्मिलित हैं । ड्यूटी के दौरान इस वर्ष हमने अपने दो अन्य साथियों को भी खोया है- निरीक्षक अभिसूचना स्व. मनोज मनराल एवं मुख्य आरक्षी आईआरबी स्व. तारा सिंह। राज्य गठन से लेकर अब तक उत्तराखण्ड पुलिस के 206 वीर कार्मिकों ने कर्तव्य-पथ पर अपने प्राणों को न्यौछावर किया है । हम, इन सभी अमर शहीदों को शत्-शत् नमन करते हैं तथा उनके परिजनों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं।शहीदों का यह सर्वोच्च बलिदान हमें यह स्मरण कराता है कि हमारा कर्तव्य केवल सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना ही नहीं, बल्कि उस वर्दी और उस परिवार की गरिमा को सुरक्षित रखना भी है, जिसके लिए हमारे साथियों ने अपने प्राणों की आहूति दी। शहीदों के प्रति हमारा दायित्व उनकी स्मृति को संजोने के साथ-साथ उनके परिवारों को सम्मान, सहयोग और संबल प्रदान करना भी है। इसी भावना से पुलिस शहीद कोष के माध्यम से इस वर्ष अब तक आश्रित परिवारों को लगभग 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई है। इसी क्रम में विभिन्न बैंको के साथ पुलिस सैलरी पैकेज योजना के अंतर्गत अब तक लगभग 31 करोड़ रुपये की अनुग्रह राशि दिवंगत कार्मिकों के परिवारों को दी जा चुकी है। हमारे पुलिसकर्मी दिन-रात जनता की सुरक्षा में जुटे रहते हैं। अनेकों बार उन्हें विषम परिस्तिथियों में अपने परिवार से दूर रहकर त्यौहारों और विशेष अवसरों पर कर्तव्य का निर्वहन करना पड़ता है। ऐसी स्थिति में पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों का मनोबल बनाये रखना हमारी शीर्ष प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से, राज्य सरकार के सहयोग से हमारे कार्मिकों एवं उनके परिजनों के हित एवं कल्याण हेतु बेहतर चिकित्सा, शिक्षा तथा आवासीय सुविधाओं हेतु निरंतर समर्पित भाव से कार्य किया जा रहा है। इसी क्रम में पुलिसकर्मियों और उनके परिजनों को उच्चस्तरीय, आधुनिक एवं सुलभ चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए AIIMS ऋषिकेश में एक 24×7 पुलिस हेल्प डेस्क की स्थापना की जा रही है । इसके अतिरिक्त देहरादून, हरिद्वार, चमोली, पिथौरागढ़ सहित विभिन्न वाहिनियों में पुलिस अस्पताल संचालित किए जा रहे हैं । इस वर्ष 25 कर्मियों को आपात स्थिति में इलाज के लिए ‘जीवन रक्षक निधि’ से 1 करोड़ 16 लाख की अग्रिम सहायता दी गई।पुलिसकर्मियों के बच्चों की शिक्षा भी हमारे कल्याणकारी प्रयासों का महत्वपूर्ण हिस्सा है, इसी उद्देश्य से राज्य में 05 पुलिस मॉडर्न स्कूल संचालित किये जा रहे हैं, जिनमे 3 हजार से अधिक बच्चे अध्ययनरत् है। इस वर्ष पुलिस कर्मियों के 446 मेधावी बच्चों को उच्च शिक्षा, मेडिकल और इंजीनियरिंग जैसे तकनीकी क्षेत्रों में आगे बढ़ने के लिए ₹34 लाख की छात्रवृत्ति दी गई है। इसके साथ ही पुलिस मॉडर्न स्कूलों में आधुनिक सुविधाएं बढ़ाए जाने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस कर्मियों का मनोबल और कार्यक्षमता सीधे तौर पर उनके कल्याण और कार्यस्थल पर मिलने वाली सुविधाओं से जुड़ा है। कल्याण निधि के तहत प्रदेशभर में पुलिस बैरकों और मैस सहित अन्य बुनियादी सुविधाओं को और बेहतर बनाया जा रहा है। आवासीय आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए नए भवनों का निर्माण किया जा रहा है। मुख्यमंत्र, आप स्वंय एक सैन्य परिवार का हिस्सा हैं, आप वर्दीधारी बलों की आवश्यकताओं तथा भावनाओं को भली-भांति समझते हैं। आपके मार्गदर्शन में पुलिसकर्मियों एवं उनके परिवारों के कल्याण के लिए राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों हेतु मैं सम्पूर्ण उत्तराखण्ड पुलिस परिवार की ओर से आपका हार्दिक आभार व्यक्त करता हूँ।आपके सहयोग से पुलिस बल की कार्यक्षमता और मनोबल को सुदृढ़ करने के साथ-साथ जनसेवा के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को भी नई शक्ति प्राप्त हुई है। अंत में, मैं उत्तराखण्ड पुलिस के सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों से अपेक्षा करता हूँ कि वे हमारे शहीद साथियों के आदर्शों से प्रेरणा लेकर पूरी निष्ठा, ईमानदारी, साहस और संवेदनशीलता के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करेंगे।इस अवसर पर इस अवसर पर माननीय सांसद एवं पूर्व मुख्यमंत्री- श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत, माननीय कैबिनेट मंत्री- श्री खजान दास, माननीय राज्यसभा सांसद- श्री नरेश बंसल, माननीय विधायक- श्रीमती सविता कपूर, जिला पंचायत अध्यक्ष देहरादून- श्रीमती सुखविंदर कौर, महापौर ऋषिकेश- श्री शंभू पासवान, अध्यक्ष राज्य महिला आयोग- श्रीमती कुसुम कंडवाल, मुख्य सचिव उत्तराखण्ड शासन- श्री आनन्द बर्द्धन, मुख्य सूचना आयुक्त- श्रीमती राधा रतूड़ी, सचिव गृह उत्तराखण्ड शासन- श्री शैलेश बगोली, से.नि. पुलिस महानिदेशक- श्री अनिल रतूड़ी, श्री राम सिंह मीणा- से.नि. महानिदेशक सहित श्री पी वी के प्रसाद, महानिदेशक होमगार्ड, श्री अभिनव कुमार, महानिदेशक कारागार / अभिसूचना एवं सुरक्षा, श्री वी0 मुरूगेशन, अपर पुलिस महानिदेशक, अपराध एवं कानून व्यवस्था, श्री ए पी अंशुमान, अपर पुलिस महानिदेशक, प्रशासन, समस्त पुलिस महानिरीक्षक, पुलिस उपमहानिरीक्षक सहित अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारी एवं गणमान्य महानुभाव भी उपस्थित रहे और शहीद हुए पुलिस कर्मियों को याद कर उन्हें भावभीनी श्रृद्धांजलि अर्पित की।
