डीयू में 27 को कार्यकारी परिषद की बैठक होगी
Executive Council meeting will be held on 27th in DU

नई दिल्ली,दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) ने उर्दू से परास्नातक के पाठ्यक्रम में कबीर को शामिल करने का प्रस्ताव दिया है। यदि यह प्रस्ताव पारित हो जाता है तो उर्दू के छात्र परास्नातक में कबीर के दोहे और उनके जीवन से जुड़े प्रसंग पढ़ पाएंगे। डीयू में कार्यकारी परिषद के एक सदस्य का कहना है कि कला संकाय की ओर से प्रस्तावित संशोधन को यदि मंजूरी मिलती है तो एमए उर्दू के पहले सेमेस्टर के विद्यार्थियों को ‘कबीर वाणी के दोहे पढ़ाए जाएंगे। उन्होंने बताया कि इस उद्देश्य से कला संकाय ने एमए उर्दू के प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों के पाठ्यक्रम में दो पाठ्यपुस्तकें शामिल करने का प्रस्ताव किया है। इन पाठ्यपुस्तकों में अली सरदार जाफरी द्वारा लिखित कबीर वाणी और प्रभाकर माचवे द्वारा लिखित कबीर शामिल हैं। उन्होंने बताया कि अगर पाठ्यक्रम में बदलाव की मंजूरी मिल जाती है तो अगस्त में शुरू होने वाले 2024-25 शैक्षणिक सत्र से ही इसे लागू किया जा सकता है। ज्ञात हो कि कार्यकारी परिषद विश्वविद्यालय का शीर्ष निर्णय निकाय है जिसकी बैठक 27 जुलाई को होगी। इससे पहले विद्यार्थियों को पहले खंड के तहत मुल्ला वजही द्वारा रचित ‘सब-रस (पहला भाग) पढ़ाया जाता था।
