अपने जीवन को आनंद से भरेः प्रेम रावत
Fill your life with joy: Prem Rawat

पानीपत, 10 मार्च। अंतर्राष्ट्रीय वक्ता, लेखक एवं शांति दूत प्रेम रावत ने आज देहरादून के परेड ग्राउंड में हजारों श्रोताओं को सम्बोधित किया। प्रेम रावत जी ने देहरादून में पिछले कुछ वर्षों में आये बदलावों का उदाहरण देते हुए समझाया कि “इस संसार में सब कुछ बदल जाता है परन्तु जब तक तुम जीवित हो, तब तक स्वांसों का आना-जाना कभी नहीं बदलेगा। स्वांस का आना जाना ही बनाने वाले की कृपा है। इसलिए तुम इस स्वांस के साथ जुड़ना सीखो, तब तुम्हारी जिंदगी बदल जाएगी, अच्छी हो जाएगी।
राजविधा केंद्र की प्रवक्ता तनुजा वशिष्ठ ने बताया कि प्रेम रावत ने अपने संबोधन में एक कहानी के माध्यम से समझाया कि “स्वर्ग और नरक यहीं हैं। जब तुम क्रोध और अहंकार में होते हो, तब तुम नरक में होते हो। जब तुम्हारा हृदय आभार और प्रेम से भरा होता है, तब तुम स्वर्ग में होते हो। अपने जीवन में स्वर्ग का अनुभव करो। उन्होंने आगे समझाया “एक होता है बाहर की आँखें खोलना और एक होता है अंदर की आँखें खोलना। जब अंदर की आँखें खोलोगे, तो वह दिखाई देगा जो अंदर है और हृदय आनंद से भर जाएगा। जो अविनाशी तुम्हारे अंदर है उसको समझो, उसको जानो और अपनी जिंदगी को सफल करो। यह है हमारा संदेश, ये सिर्फ शब्द ही नहीं हैं। उसका अनुभव करने की विधि भी हमारे पास है। उसे हम ज्ञान कहते हैं। श्री प्रेम रावत ने यह भी बताया कि उनके सन्देश पर आधारित “पीस एजुकेशन प्रोग्राम” पूरी दुनिया में पाँच लाख से अधिक लोगों के जीवन में एक सुन्दर परिवर्तन लेकर आया है और कहा “आज वही संदेश हम तुम्हारे लिए लाए हैं ताकि तुम्हारे जीवन में भी वह बदलाव आए और तुम अपने जीवन का आनंद ले सको।”
राजविधा केद्र की जोनल प्रवक्ता तनुजा वशिष्ठ ने बताया कि वर्ष 1970 के दशक में एक बाल प्रतिभा और युवा आइकन के रूप में शुरुआत करने वाले प्रेम रावत ने लोगों को स्पष्टता, प्रेरणा और जीवन के प्रति गहरी समझ दी है। एक विश्व शांतिदूत की भूमिका के रूप में उन्होंने करोड़ों लोगों को प्रभावित किया है। आज उनका संदेश 110 से अधिक देशों में सुना जाता है, जहाँ वे हर व्यक्ति को आशा और शांति का संदेश देकर आंतरिक सुख और शांति का व्यावहारिक मार्ग दिखा रहे हैं। उनके कार्यों को दुनिया भर में सराहना मिली है, जिसमें (1) एक लेखक द्वारा अपनी पुस्तक (“स्वयं की आवाज”) पढ़ने में सबसे अधिक उपस्थिति (114,704 लोग) के लिए, (2) एक सम्बोधन में सबसे अधिक दर्शको की संख्या (375,603 लोग) के लिए और (3) ‘एक से अधिक लेखक पुस्तक वाचन’ में सर्वाधिक दर्शको की संख्या (1,33,234 लोग) के लिए, तीन गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड शामिल हैं। ये तीनों रिकॉर्ड 2023-24 में स्थापित किए गए। उन्हें 20 से अधिक प्रमुख शहरों की सम्मान चाबियां और कई पुरस्कार मिले हैं, जिनमें 2012 का प्रतिष्ठित ‘एशिया पैसिफिक ब्रांड लॉरिएट लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड’ शामिल है। उन्होंने बताकि इससे पहले यह अवॉर्ड नोबेल पीस प्राइज विजेता नेल्सन मंडेला और स्टीव जॉब्स को प्रदान किया गया है। एक लेखक होने के अलावा, प्रेम रावत “द प्रेम रावत फाउंडेशन” के संस्थापक भी हैं। यह संस्था भोजन, पानी और शांति जैसी बुनियादी मानवीय आवश्यकताओं को पूरा करने का कार्य करती है। इसकी “जन भोजन” पहल भारत, नेपाल, घाना और दक्षिण अफ्रीका में प्रतिदिन जरूरतमंद बच्चों और बीमार वयस्कों को पौष्टिक भोजन प्रदान करती है। जोनल प्रवक्ता ने बताया कि प्रेम रावत जी के व्याख्यानों पर आधारित “पीस एजुकेशन प्रोग्राम” 1,400 से अधिक शैक्षिक एवं अन्य संस्थानों में दिखाया जाता है, जिससे 5 लाख से अधिक लोगों को प्रभावित किया है। यह कार्यक्रम 1,000 से अधिक जेलों में भी चल रहा है, जिसके प्रभाव से कैदियों में दोबारा अपराध करने की संभावना कम पायी गई है।
