आयकर विधेयक संबंधी प्रवर समिति की पहली बैठक, वित्त मंत्रालय ने दी विभिन्न पहलुओं की जानकारी
First meeting of the Select Committee on Income Tax Bill, Finance Ministry gave information on various aspects

नई दिल्ली, वित्त मंत्रालय ने सोमवार को लोकसभा की एक प्रवर समिति के सदस्यों को आयकर संशोधन विधेयक के विभिन्न पहलुओं के बारे में जानकारी दी।भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद बैजयंत ‘जय’ पांडा की अध्यक्षता वाली इस समिति की सोमवार को पहली बैठक हुई।सूत्रों ने बताया कि वित्त सचिव ने सांसदों को जानकारी दी कि यह विधेयक छह दशक पहले बने मौजूदा कानून को सरल बनाएगा और इसे अधिक उपयोगकर्ता-अनुकूल बनाएगा।संसद के बजट सत्र के पहले हिस्से में इसे पेश किए जाने के बाद लोकसभा ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के अनुरोध पर विधेयक को विचार के लिए समिति को भेज दिया था।सीतारमण ने कहा था कि नया आईटी विधेयक ‘‘पहले विश्वास, बाद में जांच’’ की अवधारणा के आधार पर न्याय की भावना को आगे बढ़ाएगा।लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने 14 फरवरी को 31 सदस्यीय प्रवर समिति का गठन किया था।इस समिति में भाजपा के 14, कांग्रेस के छह, समाजवादी पार्टी (सपा) के दो, तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी), द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक), तेलगु देशम पार्टी (तेदेपा), जनता दल-यूनाइटेड (जदयू), शिवसेना-उद्धव बालासाहेब ठाकरे (शिवसेना-उबाठा) और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी-शरदचंद्र पवार (राकांपा एसपी) के एक-एक सदस्य को शामिल किया गया है।कुछ अन्य छोटे दलों को भी इस महत्वपूर्व समिति का हिस्सा बनाया गया है।समिति में भाजपा की ओर से पांडा के अलावा निशिकांत दुबे, जगदीश शेट्टार, सुधीर गुप्ता, पीपी चौधरी और नवीन जिंदल समेत 14 नेताओं को जगह दी गई है। वहीं, कांग्रेस की तरफ से दीपेंद्र हुड्डा, अमर सिंह समेत छह सांसद इस समिति में शामिल किए गए हैं।
समिति को मानसून सत्र के पहले दिन तक अपनी रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया गया है। बजट सत्र 4 अप्रैल को समाप्त होगा और मानसून सत्र जुलाई के तीसरे सप्ताह में शुरू हो सकता है।विधेयक, जो आयकर अधिनियम, 1961 की जगह लेगा, का उद्देश्य भारत की कर प्रणाली को सरल और आधुनिक बनाना है। यह कानूनी भाषा को भी सरल बनाएगा, ताकि करदाता प्रावधानों को आसानी से समझ सकें।विधेयक के अंतर्गत नए कर नहीं लगाए जाएंगे। इसके बजाय, यह विधेयक कर कानूनों को सरल बनाने, कानूनी जटिलताओं को कम करने और करदाताओं के लिए अनुपालन को आसान बनाने पर ध्यान केंद्रित करेगा।
