सरकार ने मेघालय के उग्रवादी समूह पर प्रतिबंध के संबंध में निर्णय के लिए न्यायाधिकरण का गठन किया
Government forms tribunal to decide on ban on Meghalaya insurgent group

नई दिल्ली, केंद्रीय गृह मंत्रालय ने मेघालय के उग्रवादी समूह ‘हिनीवट्रेप नेशनल लिबरेशन काउंसिल’ (एचएनएलसी) पर लगाए गए प्रतिबंध के संबंध में निर्णय के लिए एक न्यायाधिकरण का गठन किया है।चौदह नवंबर को केंद्र सरकार ने हिंसक घटनाओं में संलिप्तता और भारत की संप्रभुता एवं अखंडता के लिए हानिकारक गतिविधियों को अंजाम देने के कारण एचएनएलसी पर पांच साल का प्रतिबंध लगा दिया था। शुक्रवार को जारी एक अधिसूचना में गृह मंत्रालय ने कहा कि गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम, 1967 की धारा 5 की उपधारा (1) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए केंद्र सरकार ने गुवाहाटी उच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति सौमित्र सैकिया की अगुवाई वाले न्यायाधिकरण का गठन किया है, जो यह निर्णय करेगा कि एचएनएलसी को उसके सभी गुटों, शाखाओं और अग्रिम संगठनों के साथ गैरकानूनी संघ घोषित करने के लिए पर्याप्त कारण हैं या नहीं। संगठन पर प्रतिबंध लगाते समय गृह मंत्रालय ने कहा था कि एचएनएलसी का घोषित उद्देश्य मेघालय के उन क्षेत्रों को अलग करना है, जहां मुख्य रूप से खासी और जैंतिया जनजातियां निवास करती हैं।
