सिल्वर सिटी थीम्स में तीसरे वर्ष भी रामलीला का भव्य मंचन, बच्चों की अनूठी प्रस्तुति ने मोहा मन
Grand staging of Ramleela in the third year also in Silver City Themes, children's unique presentation Moha Man

सिल्वर सिटी थीम्स में लगातार तीसरे वर्ष रामलीला का भव्य आयोजन किया गया। इस वर्ष की रामलीला पिछले दो वर्षों की प्रस्तुतियों से अलग और विशेष रही। इस बार रामायण के पात्रों ने मंच पर स्वयं अपना परिचय देकर दर्शकों को कथा से जोड़ने का अनूठा प्रयास किया। इसके साथ ही रामायण के प्रमुख प्रसंगों पर आधारित छोटे-छोटे एक्ट प्रस्तुत किए गए, जिन्होंने दर्शकों को भावविभोर कर दिया।
यह कार्यक्रम सिल्वर सिटी थीम्स की RWA (रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन) के सहयोग से आयोजित किया गया। RWA के सहयोग और सामुदायिक सहभागिता ने इस सांस्कृतिक आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
इस विशेष प्रस्तुति का निर्देशन अरुणा मल्होत्रा ने किया, जबकि बच्चों को अभिनय एवं मंच प्रस्तुति के लिए हेमा और विक्रांत ने प्रशिक्षण दिया। उनके मार्गदर्शन में बच्चों ने अपने अभिनय, संवाद अदायगी और भाव-भंगिमाओं से रामायण के विभिन्न पात्रों को जीवंत कर दिया।
कार्यक्रम में रामायण के कई महत्वपूर्ण प्रसंगों को सुंदर ढंग से मंचित किया गया। राम-सीता विवाह के मंगलमय दृश्य ने दर्शकों को आनंदित किया, जबकि अहिल्या उद्धार के प्रसंग ने भगवान श्रीराम की करुणा और कृपा का संदेश दिया।
शबरी और श्रीराम के मिलन ने भक्ति, प्रेम और समर्पण की महत्ता को दर्शाया। हनुमान जी और श्रीराम के मिलन ने प्रभु के प्रति अटूट निष्ठा एवं सेवा भाव को प्रस्तुत किया। वहीं, अंगद-रावण संवाद में अंगद के साहस, आत्मविश्वास और श्रीराम के प्रति समर्पण को प्रभावशाली ढंग से दिखाया गया।
रामलीला का समापन रावण वध के साथ हुआ। इसके पश्चात रावण द्वारा लक्ष्मण को दिए गए अंतिम उपदेश और भगवान श्रीराम द्वारा रावण को मुक्ति प्रदान किए जाने का दृश्य प्रस्तुत किया गया। इस प्रसंग ने दर्शकों को यह संदेश दिया कि ज्ञान और सामर्थ्य होने के बावजूद अहंकार व्यक्ति के पतन का कारण बन सकता है तथा जीवन में विनम्रता, विवेक और सदाचार का विशेष महत्व है।
सिल्वर सिटी थीम्स के बच्चों ने पूरे उत्साह और समर्पण के साथ रामायण के विभिन्न पात्रों को निभाया।
दशरथ — विराज
कौशल्या — वंशिका
सुमित्रा — यशिका
कैकेयी — इशु
श्रीराम — प्राची
लक्ष्मण — अरमान
भरत — शिवांश
शत्रुघ्न — रुद्राक्ष
जनक — रजत
सीता — आरोही
मंथरा — शनाया
केवट — भार्गवी
शूर्पणखा — शनाया
हनुमान — वेओम
सुग्रीव — रेयांश
बाली — उदित
अंगद — जयांश
निषादराज — आरव
अहिल्या — सर्गुन
शबरी — अन्वेषा
रावण — मनरूप
मंदोदरी — सृजा
विभीषण — अंशुमन
मेघनाद — रिदम
कुंभकर्ण — आकर्ष
जामवंत — कबीर
उर्मिला — नियति
संस्कृति, संस्कार और सामुदायिक एकता का संदेश
इस रामलीला का उद्देश्य केवल रामायण की कथा का मंचन करना नहीं, बल्कि बच्चों को भारतीय संस्कृति, पारिवारिक मूल्यों, भक्ति, कर्तव्यनिष्ठा और सत्य की विजय जैसे आदर्शों से परिचित कराना भी था। पात्रों द्वारा स्वयं अपना परिचय देने की नई शैली ने प्रस्तुति को रोचक बनाया और दर्शकों को प्रत्येक चरित्र की भूमिका एवं महत्व समझने का अवसर दिया।
निर्देशक अरुणा मल्होत्रा तथा प्रशिक्षक हेमा और विक्रांत के मार्गदर्शन में बच्चों ने जिस आत्मविश्वास और मेहनत के साथ अपनी भूमिकाएँ निभाईं, वह सराहनीय रहा। सिल्वर सिटी थीम्स की RWA के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम ने सांस्कृतिक विरासत को सहेजने, बच्चों की प्रतिभा को मंच देने और निवासियों के बीच सामुदायिक एकता को मजबूत करने का सुंदर उदाहरण प्रस्तुत किया।
रामायण के आदर्शों से प्रेरित इस आयोजन ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि बुराई पर अच्छाई की विजय केवल एक कथा नहीं, बल्कि जीवन में अपनाने योग्य शाश्वत मूल्य है।
विशेष आभार
रामलीला की निर्देशक अरुणा मल्होत्रा ने सिल्वर सिटी थीम्स RWA एवं पूरी टीम का हार्दिक आभार व्यक्त किया। उन्होंने विशेष रूप से RWA की प्रेसिडेंट मैडम लूसी बर्गेस, जनरल सेक्रेटरी नितिन गावरी और अजय शर्मा सर का अपने मूक और पर्दे के पीछे रहकर सहयोग देने के लिए धन्यवाद किया।
इसके साथ ही मंदिर कमेटी के सदस्यों अखिलेश बंसल, श्री राकेश भार्गव और श्रीमती वीना भार्गव के सहयोग एवं योगदान के लिए भी विशेष आभार व्यक्त किया।
अरुणा मल्होत्रा ने कहा कि सभी के सहयोग, प्रोत्साहन और सामूहिक प्रयासों से ही यह सांस्कृतिक आयोजन सफल हो पाया।
