देश के सात और हवाई अड्डों पर आव्रजन मंजूरी कार्यक्रम जल्द ही शुरू किया जायेगा
Immigration Clearance Programme to be launched soon at seven more airports in the country

नई दिल्ली,पूर्व-सत्यापित भारतीय नागरिकों और ओसीआई कार्डधारकों के लिए आव्रजन प्रक्रिया को तेज करने के वास्ते एक विशेष कार्यक्रम जल्द ही मुंबई, चेन्नई, कोलकाता और देश के चार अन्य प्रमुख हवाई अड्डों पर शुरू किया जायेगा। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी।‘फास्ट ट्रैक इमिग्रेशन-ट्रस्टेड ट्रेवलर प्रोगाम’ (एफटीआई-टीटीपी) की शुरुआत पहली बार 22 जून को दिल्ली के आईजीआई हवाई अड्डे पर की गई थी। अब तक 18,400 लोगों (भारतीय और ओसीआई कार्ड धारक) ने इस सेवा के लिए अपना पंजीकरण कराया है।अधिकारी ने कहा कि सात और प्रमुख हवाई अड्डों मुंबई, चेन्नई, कोलकाता, बेंगलुरु, हैदराबाद, कोचीन और अहमदाबाद में एफटीआई-टीटीपी शुरू करने के लिए काम प्रगति पर है। उन्होंने मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल के पहले 100 दिन में केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा शुरू की गई कई योजनाओं का भी उल्लेख किया।इस कार्यक्रम के तहत तेजी से आव्रजन मंजूरी सुनिश्चित की जाती है और अब तक दिल्ली में ई-गेट्स के माध्यम से 1,500 यात्रियों को मंजूरी दी गई है।
अधिकारियों ने कहा कि एफटीआई-टीटीपी का उद्देश्य लोगों की यात्रा को सुगम करना तथा उसे अधिक तीव्र, आसान और सुरक्षित बनाना है।एक अन्य अधिकारी ने बताया कि एफटीआई-टीटीपी, अमेरिका द्वारा पेश किये गये ‘ग्लोबल एंट्री प्रोग्राम’ के समान है जिसके तहत चुनिंदा हवाई अड्डों पर अमेरिका पहुंचने पर पूर्व-अनुमोदित, कम जोखिम वाले यात्रियों को शीघ्र मंजूरी प्रदान की जाती है।एफटीआई-टीटीपी को अंततः देश के 21 प्रमुख हवाई अड्डों पर शुरू किया जायेगा।उन्होंने बताया कि पात्र व्यक्तियों को ऑनलाइन आवेदन करना होगा और आवेदन पत्र में निर्दिष्ट अन्य आवश्यक जानकारी के साथ-साथ अपना बायोमेट्रिक्स (उंगलियों के निशान आदि) देना होगा।अधिकारी ने बताया कि एफटीआई पंजीकरण अधिकतम पांच वर्ष या पासपोर्ट की वैधता की अवधि तक, जो भी पहले हो, वैध होगा।आवेदन प्रक्रिया पूरी करने के लिए ‘बायोमेट्रिक्स’ अनिवार्य है।एफटीआई-टीटीपी के लिए आवेदन करते समय आवेदक कम से कम छह महीने की पासपोर्ट वैधता सुनिश्चित कर सकते हैं।इसे दो चरणों में लागू किया जाएगा। पहले चरण में भारतीय नागरिकों और ओसीआई (ओवरसीज सिटीजन ऑफ इंडिया) कार्ड धारकों को शामिल किया जायेगा और दूसरे चरण में विदेशी यात्रियों को शामिल किया जायेगा।
