शहरी युद्ध और आतंकवाद से निपटने के लिए भारत-जापान का संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘धर्म गार्डियन’ शुरू

India-Japan joint military exercise 'Dharma Guardian' begins to combat urban warfare and terrorism

 

नई दिल्ली, भारत और जापान का संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘धर्म गार्डियन’ सोमवार को प्रारंभ हो गया। सामरिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा यह संयुक्त सैन्य अभ्यास जापान में किया जा रहा है। इस दौरान दोनों देशों की सेनाएं शहरी युद्ध और आतंकवाद जैसी जटिल परिस्थितियों से निपटने का संयुक्त अभ्यास कर रही हैं। यह भारत और जापान के बीच छठा संयुक्त सैन्य अभ्यास है।‘धर्म गार्डियन’ सैन्य अभ्यास 9 मार्च तक जापान के पूर्वी फूजी युद्धाभ्यास प्रशिक्षण क्षेत्र में जारी रहेगा। इस संयुक्त सैन्य अभ्यास में भारत के 120 सैन्यकर्मी शिरकत कर रहे हैं। जापान पहुंची भारतीय सैन्य टुकड़ी में मुख्य रूप से मद्रास रेजिमेंट की एक बटालियन के सैनिक हैं। इनके अलावा अन्य सैन्य टुकड़ियों और सैन्य सहायता इकाइयों के सैनिक भी भारतीय दल में शामिल हैं।जापान की ग्राउंड सेल्फ डिफेंस फोर्स (जेजीएसडीएफ) का प्रतिनिधित्व 34वीं इन्फेंट्री रेजिमेंट कर रही है। भारत के समान ही जापानी सैनिकों की संख्या भी रखी गई है। दोनों देशों के बीच होने वाला ‘धर्म गार्डियन’ एक वार्षिक सैन्य अभ्यास है। यह सैन्य अभ्यास भारत और जापान में बारी-बारी से होता है। पिछली बार फरवरी-मार्च 2024 में इसका आयोजन भारत के राजस्थान में किया गया था।सोमवार से प्रारंभ हुए इस सैन्य अभ्यास का उद्देश्य संयुक्त राष्ट्र के अधिदेश के तहत संयुक्त शहरी युद्ध और आतंकवाद विरोधी अभियानों को अंजाम देना है। इन अभियानों को अंजाम देते हुए भारत और जापान की सेनाएं आपसी अंतर-संचालन को बढ़ाने का प्रयास कर रही हैं। इस अभ्यास में उच्च स्तर की शारीरिक फिटनेस, संयुक्त योजना और संयुक्त सामरिक अभ्यास पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है।इस अभ्यास में सामरिक अभ्यास, संयुक्त अभ्यास और विभिन्न आपदाओं के समय सेना के रिस्पांस की रणनीति शामिल है। भारत और जापान की सेनाओं ने इन अभियानों को परिचालन क्षमताओं को बढ़ाने और युद्ध कौशल में सुधार के लिए डिजाइन किया है।

14 से 17 अक्टूबर 2024 तक सेना प्रमुख की जापान की सफल यात्रा हुई थी। इसके बाद यह सैन्य अभ्यास ‘धर्म गार्डियन’ द्विपक्षीय रक्षा सहयोग को और मजबूत करेगा। यह अभ्यास क्षेत्रीय सुरक्षा, शांति और स्थिरता के प्रति भारत और जापान की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इसके साथ ही यह एक स्वतंत्र, खुले और समावेशी हिंद-प्रशांत के उनके साझा दृष्टिकोण को आगे बढ़ाता है।रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि ‘धर्म गार्डियन’ सैन्य अभ्यास न केवल दो सेनाओं के बीच किया जाने वाला एक अभ्यास है, बल्कि यह भारत-जापान संबंधों और सहयोग को मजबूत करता है। यह परस्पर सैन्य संबंधों को मजबूत करता है और सांस्कृतिक समझ को भी बढ़ावा देता है।

 

 

 

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