राष्ट्र सर्वोपरि है, पार्टी सिर्फ राष्ट्र को बेहतर बनाने का एक माध्यम: थरुर
Nation is supreme, party is just a medium to improve the nation: Tharoor

नई दिल्ली, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व सांसद शशि थरूर ने हाल ही में कोच्चि में एक कार्यक्रम में कांग्रेस पार्टी के साथ अपनी असहमति और देश के प्रति अपनी प्रतिबद्धता पर खुलकर बात की। कार्यक्रमें एक एक छात्र द्वारा पूछे गए सवाल के जवाब में थरुर ने कहा कि उनकी पहली वफादारी पार्टी नहीं बल्कि देश की है। इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई है क्योंकि यह कांग्रेस के अंदर चल रही विवाद की गूंज है।छात्र ने सवाल किया कि क्या वह अपनी पार्टी के साथ असहज महसूस करते हैं। इस पर थरूर ने कहा कि उनकी सबसे बड़ी निष्ठा देश के प्रति है। राजनीति में मतभेद होना स्वाभाविक है लेकिन देश की सुरक्षा और भलाई सर्वोपरि होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों को अपने-अपने मतभेद हो सकते हैं। कोई ज्यादा पूंजीवाद का समर्थन करता है तो कोई समाजवाद का। कुछ लोग ज्यादा नियामक नियंत्रणों के पक्ष में होते हैं और कुछ इसके खिलाफ, लेकिन यह सब मतभेद होते हुए भी अंततः सभी दलों का उद्देश्य एक बेहतर, सुरक्षित और समृद्ध भारत बनाना होना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि “राष्ट्र सर्वोपरि है” और पार्टी सिर्फ राष्ट्र को बेहतर बनाने का एक माध्यम है।
थरूर का यह बयान उस समय आया जब पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत के जवाबी कार्रवाई ऑपरेशन सिंदूर पर कांग्रेस के भीतर अंदर थे। थरूर ने इस ऑपरेशन और राष्ट्रीय सुरक्षा के मसलों पर केंद्र सरकार का समर्थन किया, जबकि कांग्रेस के कुछ नेताओं ने सरकार के रुख पर सवाल उठाए हैं। इस पर पार्टी के अंदर तनाव बढ़ गया और थरूर की आलोचना होने लगी। इसके बावजूद थरूर ने अपना रुख मजबूत रखा।थरूर ने कहा कि जब देश संकट में हो तो राजनीतिक मतभेदों को दरकिनार कर देना चाहिए। उनकी यह बात सिर्फ कांग्रेस के लिए नहीं बल्कि सभी राजनीतिक दलों के लिए थी। उन्होंने कहा कि भारत की संसद में 46 राजनीतिक दल हैं और कुछ मामलों पर सभी का एकजुट होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि देश के हित में सभी दलों को साथ आना होगा ताकि सीमाएं सुरक्षित रहें और देश सुरक्षित रहे।कांग्रेस नेता थरूर ने भारत के पहले पीएम जवाहरलाल नेहरू की एक प्रसिद्ध पंक्ति का उल्लेख किया- “अगर भारत मर गया तो कौन बचेगा।” उन्होंने कहा कि यह बात राजनीति में भी याद रखनी चाहिए। भारत पहले आएगा तभी सभी जीवित रह सकेंगे। थरुर ने इस बयान से संकेत दिया है कि देश का हित सबसे ऊपर होना चाहिए न कि किसी पार्टी या व्यक्तिगत राजनीति का।थरूर के इस बयान के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कांग्रेस के लिए “देश पहले” है लेकिन कुछ लोग मोदी को पहले रखते हैं। यह टिप्पणी थरूर द्वारा पीएम मोदी की प्रशंसा के बाद आई थी, जिससे पार्टी के अंदर मतभेद उभरने लगे। थरूर ने एक्स पर एक पोस्ट किया जिसमें उन्होंने लिखा- उड़ने की इजाज़त मत मांगो। पंख तुम्हारे हैं और आसमान किसी का नहीं। इस संदेश से उन्होंने अपनी स्वतंत्र सोच और फैसले लेने की आज़ादी पर जोर दिया।
