प्रदेश में हर्षोल्लास और धूमधाम के साथ मनाया जाएगा सरस्वती महोत्सव

Saraswati Mahotsav will be celebrated with enthusiasm and pomp in the state

यमुनानगर, कुरुक्षेत्र और रोहतक में होंगे 11 फरवरी से 14 फरवरी तक कार्यक्रम, आदि बद्री से होगा महोत्सव का शुभारंभ, समापन समारोह पर पिहोवा सरस्वती तीर्थ पर होंगे कार्यक्रम
कुरुक्षेत्र 2 फरवरी हरियाणा सरस्वती धरोहर विकास बोर्ड के उपाध्यक्ष धुमन सिंह किरमच ने कहा कि हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी सरस्वती महोत्सव का आयोजन प्रदेशभर में हर्षोल्लास और धूमधाम के साथ किया जाएगा। इस महोत्सव को लेकर यमुनानगर, कुरुक्षेत्र व रोहतक सहित अन्य जगहों पर 11 फरवरी से 14 फरवरी 2024 तक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।
बोर्ड के उपाध्यक्ष धुमन सिंह किरमच ने शुक्रवार को देर सायं पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि हरियाणा सरस्वती धरोहर विकास बोर्ड द्वारा इस वर्ष 11 से 14 फरवरी तक सरस्वती महोत्सव-2024 का आयोजन किया जा रहा है। इस महोत्सव का शुभारंभ आदि बद्री यमुनानगर से होगा और समापन समारोह में 14 फरवरी को पिहोवा सरस्वती तीर्थ पर कार्यक्रमों का आयोजन होगा। इन कार्यक्रमों के साथ प्रदेश भर के लोगों को जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है और सरस्वती नदी के किनारे बसे गांवों में भी कार्यक्रमों का आयोजन करने की योजना बनाई गई है। सभी सरपंचों से अनुरोध किया जा रहा है कि इस निर्धारित कार्यक्रमों के अनुसार भंडारों के साथ-साथ धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन करके लोगों को साथ जोड़ा जाए। यह महोत्सव प्रदेश के हर नागरिक का महोत्सव है।
उन्होंने कहा कि सरस्वती महोत्सव का शुभारंभ आदि बद्री से 11 फरवरी को होगा। उद्घाटन अवसर पर आदि बद्री में सुबह 10 बजे सरस्वती कुंड पर 31 कुंडीय हवन, श्लोकोच्चारण, सरस्वती आरती/वंदना का आयोजन किया जाएगा, दोपहर 12 बजे स्थानीय बच्चों द्वारा सरस्वती थीम पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति होगी, 12 फरवरी को महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय रोहतक में सरस्वती नदी पर एक सेमिनार का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि 13 फरवरी को सुबह 10 बजे पिहोवा व यमुनानगर में हवन यज्ञ, श्लोकाच्चार, सरस्वती वंदना के कार्यक्रम होंगे और दोपहर 1 बजे के बाद स्थानीय प्रशासन द्वारा संस्थाओं के सहयोग से भंडारों का आयोजन किया जाएगा। इसी तरह 14 फरवरी को समापन समारोह का आयोजन सरस्वती तीर्थ पिहोवा में किया जाएगा। इस समापन समारोह में सुबह 10 बजे 31 कुंडीय हवन यज्ञ, दोपहर 1 बजे भंडारा और बसंत पंचमी पर्व को परंपरा अनुसार मनाया जाएगा तथा सायं 4 बजे सरस्वती वंदना का आयोजन किया जाएगा
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