देश की 77 साल में पूरी तरह बदल गई है शिक्षण प्रणाली: सीईजीआर
The country's education system has completely changed in 77 years: CEGAR

1975 में 6 वर्ष तक के बच्चों के उचित विकास के लिए समेकित बाल विकास सेवा योजना की शुरुआत हुई. 1986 नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति को अपनाया गया जिसे 1992 में आचार्य राममूर्ति समिति द्वारा समीक्षा के आधार पर राष्ट्रीय शिक्षा नीति में कुछ बदलाव किए गए. विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) एक वैधानिक निकाय है जो
भारत में विश्वविद्यालयों को मान्यता प्रदान करता है. यह पात्र विश्वविद्यालयों और कॉलेजों को वित्तीय सहायता भी प्रदान करता है. यूजीसी की स्थापना 1956 में हुई. नवंबर 2000 से केंद्र सरकार द्वारा ‘सर्व शिक्षा अभियान’ की शुरुआत हुई. इस अभियान में 6 से 14 वर्ष तक के सभी बच्चों को प्राथमिक शिक्षा उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा
गया था. साल 2009 में इसे मौलिक अधिकार (शिक्षा का अधिकार) बना दिया गया, जिससे हर बच्चे को पढ़ने का हक मिला. आजादी के बाद उच्च शिक्षा के क्षेत्र में भी कई बदलाव हुए. आईआईटी, एम्स और आईआईएम जैसे महत्वपूर्ण संस्थानों की स्थापना की गई. आजादी के बाद ही 6 भारतीय प्रबंध संस्थान व 9 भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान को स्थापित किया गया. 2020 में एक नई शिक्षा नीति (एनईपी) लाई गई. इसे राष्ट्रीय शिक्षा नीति कहा गया. इस नीति के तहत स्कूलों में क्षेत्रीय भाषाओं में पढ़ाई पर फोकस रहने के साथ 5+3+3+4 मॉडल को अपनाया गया है. आजादी के बाद के वर्षों में उच्च शिक्षा क्षेत्र की संस्थागत क्षमता में अत्यधिक वृद्धि हुई है. विश्वविद्यालयों की संख्या वर्ष 1950 में 20 थी, जोकि बढ़कर 2018 में 850 हो गई. 14 नवंबर 2023 तक, यूजीसी द्वारा प्रकाशित केंद्रीय विश्वविद्यालयों की सूची में 56 केंद्रीय विश्वविद्यालय शामिल हैं. देश में मेडिकल कॉलजों की संख्या बढ़कर 731 हो गई है. वहीं देश में आईआईटी की संख्या 23 है.
