छात्रों के लिए फायदेमंद होगा साल में दो बोर्ड एग्जाम: सीईजीआर
Two board exams in a year will be beneficial for students: CEGAR

नई दिल्ली. स्टूडेंट्स के लिए बड़ी खबर है. सीबीएसई 2025 के बोर्ड एग्जाम में बड़ा बदलाव हो सकता है. शिक्षा मंत्रालय ने साल में दो बार सीबीएसई बोर्ड एग्जाम की पॉलिसी लागू करने की कवायद तेज कर दी है. सीबीएसई बोर्ड परीक्षा का पैटर्न तैयार करने के लिए केंद्र सरकार ने देशभर के प्रिंसिपल्स से सुझाव मांगे हैं. देश में शिक्षा के क्षेत्र में एक अग्रणी थिंक टैंक सेंटर फॉर एजुकेशन ग्रोथ एंड रिसर्च (सीईजीआर) के डायरेक्टर रविश रोशन कहते हैं कि नई शिक्षा नीति (2020 की) सिफारिशों को ध्यान में रखते हुए शिक्षा मंत्रालय का स्कूली शिक्षा विभाग अब बोर्ड परीक्षा सुधार, ड्रॉपआउट स्टूडेंट्स को मेनस्ट्रीम के साथ जोड़ने समेत कई मिशन पर काम कर रहा है. शिक्षा मंत्रालय ने शिक्षा नीति, नैशनल करिकुलम फ्रेमवर्क (एनसीएफ), ऑटोमेटेड परमानेंट अकैडमिक अकाउंट रजिस्ट्री साल में दो बार बोर्ड परीक्षा और अन्य मुद्दों को लेकर सीबीएसई स्कूलों के प्रिंसिपल्स के साथ महत्वपूर्ण बैठक की है. करीब 10 हजार प्रिंसिपल्स से ऑफलाइन और वर्चुअल बैठक हुई है. उनसे साल में दो बार एग्जाम करवाने के मुद्दे पर भी चर्चा हुई. स्कूल प्रिंसिपल्स से अपने सुझाव और राय लिखित रूप में देने को कहा गया है ताकि उनके सार्थक सुझावों की भी स्टडी हो सके. बोर्ड एग्जाम से जुड़े फैसले में उनकी राय को भी अहमियत मिलेगी. सीबीएसई भी अपने स्तर पर काम कर रहा है.
डायरेक्टर, सीईजीआर कहते हैं कि वर्ष में दो बार बोर्ड परीक्षा कब-कब करवाई जा सकती है? इस पर भी स्कूल प्रिंसिपल्स अपनी राय रखेंगे. अभी हाल ही में यूजीसी ने एक वर्ष में दो बार एडमिशन के नियम को मंजूरी दी है. छात्रों का तनाव कम करने के लिए छात्रों को ज्यादा से ज्यादा विकल्प दिए जाने को प्राथमिकता दी जा रही है. एक वर्ष में दो बार बोर्ड परीक्षा का फैसला छात्रों के लिए काफी फायदेमंद होगा और दोनों परीक्षाओं में से बेस्ट स्कोर को चुन सकेंगे.
