राष्ट्रीय शिक्षा नीति में भारतीय भाषाओं को अभूतपूर्व महत्व दिया गया है – प्रो निरंजन कुमार
Unprecedented importance has been given to Indian languages in the National Education Policy - Prof Niranjan Kumar




आज जानकी देवी मेमोरियल कॉलेज की भारतीय भाषा समितिऔर दिल्ली विश्वविद्यालय की भारतीय भाषा समिति के संयुक्त तत्वावधान में ‘ अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा महोत्सव’ का आयोजन किया गया, जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में भारत विकास परिषद के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री श्री सुरेश जैन और दिल्ली विश्वविद्यालय की भारतीय भाषा समिति के अध्यक्ष प्रो. निरंजन कुमार जी अध्यक्ष के रूप में मंच पर सुशोभित थे। इस कार्यक्रम की संयोजक कॉलेज की उप-प्राचार्य प्रो. संध्या गर्ग थी। सभी चिंतकों ने अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस पर अपने विचार साझा किए।
इस अवसर पर माननीय सुरेश जैन ने बताया कि हमें भाषा को विकसित ही नहीं करना अपितु संस्कार के साथ विकसित करना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि घरों में अपनी भाषा की जगह अन्य भाषा अंग्रेजी में बोलने का प्रचलन खतरनाक है। उन्होंने स्पष्ट किया की मातृभाषा से ही हमें आत्मिक बल मिलता है।
प्रो. निरंजन कुमार ने कहा कि हिंदी भाषा केवल अस्मिता ही नहीं हमारे गौरव, आजीविका और रचनात्मकता की भाषा है। आज राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में बहुभाषा पर बल दिया गया है। उन्होंने लिपि को मरने से बचने के लिए भी चिंता जताई। उन्होंने स्पष्ट किया कि चीन आदि विभिन्न देश अपनी मातृभाषा के कारण ही विश्व में वर्चस्व बनाए हुए हैं। कार्यक्रम में विभिन्न प्राध्यापकों ने अपनी मातृभाषा में व्याख्यान दिया साथ ही छात्राओं ने लोकगीत प्रतियोगिता और स्लोगन लेखन प्रतियोगिता में प्रतिभागिता की। इस अवसर पर कॉलेज में मातृभाषा में हस्ताक्षर अभियान भी चलाया गया ।
