ट्रेड शो में यूपी की महिला उद्यमियों ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर सजाए अपने उत्पाद

Women entrepreneurs of UP decorated their products on the international stage in the trade show

ग्रेटर नोएडा, 26 सितंबर। कभी शौक के तौर पर शुरू हुआ काम आज कारोबार बन चुका है। किसी ने चित्रकारी को कपड़ों पर उतारकर अपना उद्यम खड़ा किया तो किसी ने स्वयं सहायता समूह से जुड़कर अपने साथ दूसरी महिलाओं को भी आत्मनिर्भरता की राह दिखाई। यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में प्रदेश के अलग-अलग जिलों से पहुंची महिला उद्यमियों की कहानियां महिला सशक्तीकरण की नई तस्वीर पेश कर रही हैं। उनके उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार मिल रहा है और महिलाएं अब उत्पाद बनाने के साथ उनकी ब्रांडिंग, बिक्री और बाजार विस्तार की जिम्मेदारी भी संभाल रहीं हैं।

मेरठ के कंकरखेड़ा से आईं हरप्रीत कौर अपनी फर्म सॉल फॉर अर्थ के माध्यम से पीतल से बनी विभिन्न कलाकृतियां और ट्रॉफी लेकर ट्रेड शो में पहुंची हैं। उनका कहना है कि योगी सरकार ने महिलाओं को अपनी प्रतिभा और उत्पादों को बड़े मंच पर प्रदर्शित करने का अवसर दिया है। उन्होंने कहा कि उनके उत्पाद अब दूसरे देशों के बाजार तक पहुंच बना रहे हैं। उनके अनुसार यह विस्तार प्रदेश सरकार की नीतियों से मिले अवसरों के कारण संभव हुआ है।

*शौक को बनाया कारोबार, सात महिलाओं को दिया रोजगार*
गाजियाबाद के बजरिया से आईं अंजली अंजली क्रिएशन के माध्यम से कपड़ों पर की गई चित्रकारी के उत्पाद लेकर पहुंची हैं। उन्हें चित्रकारी का शौक था, जिसे उन्होंने उद्यम का रूप दिया। जिला ग्रामोद्योग विकास से ऋण लेकर उन्होंने सादे कपड़ों पर चित्रकारी का काम शुरू किया। आज उनके तैयार किए गए सूट, दुपट्टे, जींस और ट्राउजर 10 हजार रुपये तक की कीमत में बिक रहे हैं। अंजली के मुताबिक उनका कारोबार बढ़ने के साथ अब वह सात अन्य महिलाओं को नियमित रोजगार भी दे रही हैं।

गाजियाबाद के वसुंधरा से आईं प्रतिभा त्यागी प्रतिभा डिजाइनर हब के जरिए हैंडमेड सूट, दुपट्टे, लहंगे और जूट से बने विभिन्न तरह के बैग लेकर ट्रेड शो में पहुंची हैं। उनका कारोबार हस्तनिर्मित उत्पादों को बाजार से जोड़ने पर केंद्रित है। ट्रेड शो में उन्हें नए ग्राहकों और बाजार से जुड़ने का अवसर मिल रहा है।

*स्वयं सहायता समूहों ने बदली महिलाओं की आर्थिक तस्वीर*
बुलंदशहर के नंगला गोविंदपुर की सितारा बेडशीट लेकर ट्रेड शो में आई हैं। वह आजीविका स्वयं सहायता समूह का संचालन करती हैं। उनके समूह में 13 महिलाएं जुड़ी हैं। सितारा का कहना है कि समूह की महिलाएं योगी सरकार की योजनाओं का लाभ लेकर अपने काम को आगे बढ़ा रही हैं और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन रही हैं। उनके लिए समूह केवल उत्पाद तैयार करने का माध्यम नहीं, बल्कि महिलाओं को आय का स्थायी जरिया देने का मंच भी बन रहा है।

सहारनपुर के नांगल क्षेत्र से आईं सुधा सैनी विभिन्न हस्तशिल्प उत्पादों के साथ ट्रेड शो में पहुंची हैं। वह चलोरी स्वयं सहायता समूह का संचालन करती हैं और लगातार चौथी बार नोएडा में आयोजित ट्रेड शो में हिस्सा ले रही हैं। सुधा के मुताबिक इस मंच ने उनके उत्पादों को स्थानीय बाजार से बाहर निकालकर व्यापक और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

महिला उद्यमियों और स्वयं सहायता समूहों की इन कहानियों में एक समान बदलाव दिखाई देता है—महिलाएं अब केवल उत्पाद तैयार करने तक सीमित नहीं हैं। वे कारोबार चला रही हैं, बाजार तलाश रही हैं और दूसरी महिलाओं के लिए रोजगार के अवसर भी तैयार कर रही हैं। यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो उनके लिए बिक्री का मंच होने के साथ अपने उत्पादों को देश-दुनिया के खरीदारों तक पहुंचाने और नए बाजार से जुड़ने का अवसर भी बन रहा है। प्रदेश सरकार की योजनाओं और ऐसे बाजार उपलब्ध कराने वाले मंचों के साथ महिलाओं की आर्थिक भागीदारी का दायरा लगातार बढ़ रहा है।

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