समाज सेवा के क्षेत्र में सय्यद अब्बास रिजवी को मिलेगा ‘विश्व कीर्ति भूषण सम्मान-2026’

Syed Abbas Rizvi will get 'Vishwa Kirti Bhushan Samman-2026' in the field of social service

अंतरराष्ट्रीय एवं राष्ट्रीय मानद डॉक्टरेट समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में होंगे शामिल, 30 अगस्त को नई दिल्ली में होगा भव्य आयोजन


नई दिल्ली। समाज सेवा, जनकल्याण और राष्ट्र निर्माण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले सय्यद अब्बास रिजवी को प्रतिष्ठित ‘विश्व कीर्ति भूषण सम्मान-2026’ से सम्मानित किया जाएगा। यह सम्मान उन्हें सामाजिक सरोकारों, जनहित के कार्यों, जनकल्याण और समाज के कमजोर वर्गों के प्रति उनके निरंतर प्रयासों के लिए प्रदान किया जा रहा है।
यह सम्मान अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संरक्षण ब्यूरो (भारत) की ओर से आयोजित होने वाले ‘विश्व कीर्ति भूषण सम्मान-2026’ समारोह में प्रदान किया जाएगा। आयोजन 30 अगस्त 2026, रविवार को नई दिल्ली स्थित एनडीएमसी कन्वेंशन सेंटर, जंतर-मंतर, संसद भवन मार्ग में आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक चलेगा।
सय्यद अब्बास रिजवी का चयन समाज सेवा के क्षेत्र में उनके विशेष और उल्लेखनीय योगदान को देखते हुए किया गया है। सम्मान पत्र में उनके कार्यों की सराहना करते हुए कहा गया है कि समाज के प्रति उनकी सेवा, जनहित के कार्यों में सक्रिय भागीदारी और राष्ट्र निर्माण के प्रति समर्पण सराहनीय है।
सम्मान समारोह के आमंत्रण पत्र में बताया गया है कि रिजवी ने सामाजिक विकास, जनकल्याण, शांति एवं सामाजिक सद्भाव, युवाओं के प्रोत्साहन और नागरिक अधिकारों के प्रति उल्लेखनीय कार्य किए हैं। समाज के कमजोर और जरूरतमंद तबकों के उत्थान के लिए उनके प्रयासों को भी विशेष रूप से सराहा गया है।
जनसेवा और समाज के प्रति समर्पण बना सम्मान का आधार
सम्मान के लिए जारी विवरण के अनुसार, सय्यद अब्बास रिजवी ने सामाजिक विकास और जनकल्याण के क्षेत्र में निरंतर प्रयास किए हैं। स्थानीय विकास, स्वच्छता, शिक्षा और स्वास्थ्य के प्रति योगदान के साथ ही युवाओं को रोजगार एवं कौशल विकास से जोड़ने के प्रयास भी उनके सामाजिक कार्यों का महत्वपूर्ण हिस्सा रहे हैं।
इसके अलावा सामाजिक सद्भाव और शांति स्थापना में उनकी सक्रिय भूमिका, जनसमस्याओं के समाधान के लिए सकारात्मक पहल और समाज के कमजोर वर्गों के उत्थान के प्रति समर्पण को भी सम्मान के चयन का प्रमुख आधार माना गया है।
अंतरराष्ट्रीय मंच पर होगा सम्मान समारोह
अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संरक्षण ब्यूरो (भारत) की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में अंतरराष्ट्रीय एवं राष्ट्रीय मानद डॉक्टरेट दीक्षांत समारोह का भी आयोजन किया जाएगा। समारोह में शिक्षा, साहित्य, चिकित्सा, मानवाधिकार, कला, संस्कृति, सामाजिक सेवा और राष्ट्र निर्माण सहित विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाली प्रतिष्ठित हस्तियों को सम्मानित किया जाएगा।
आयोजन समिति की ओर से सय्यद अब्बास रिजवी को इस प्रतिष्ठित समारोह में मुख्य अतिथि/विशिष्ट अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है। माना जा रहा है कि देश के विभिन्न हिस्सों से सामाजिक कार्यकर्ता, शिक्षाविद, बुद्धिजीवी और अन्य प्रतिष्ठित हस्तियां इस आयोजन में शामिल होंगी।
‘मानवता ही सर्वोच्च धर्म’ के संदेश के साथ आयोजन
समारोह का मुख्य संदेश “मानवता ही सर्वोच्च धर्म है—सेवा, समर्पण और सम्मान ही हमारी पहचान है” रखा गया है। कार्यक्रम के माध्यम से समाज में सेवा, भाईचारे, सामाजिक सद्भाव और मानव मूल्यों को मजबूत करने का संदेश दिया जाएगा।
सय्यद अब्बास रिजवी ने कहा कि किसी भी व्यक्ति के लिए समाज की सेवा से बढ़कर कोई कार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि यह सम्मान केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि उन सभी लोगों के प्रति सम्मान है जो समाज और जरूरतमंदों की सेवा के लिए लगातार कार्य कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि समाज के विकास के लिए युवाओं, कमजोर वर्गों और जरूरतमंद लोगों को मुख्यधारा से जोड़ना बेहद आवश्यक है। समाज सेवा और जनकल्याण के प्रति उनकी प्रतिबद्धता आगे भी पूरी निष्ठा के साथ जारी रहेगी।

सम्मान से बढ़ेगा उत्साह
‘विश्व कीर्ति भूषण सम्मान-2026’ के लिए सय्यद अब्बास रिजवी के चयन से उनके समर्थकों और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोगों में खुशी का माहौल है। लोगों ने इसे उनके सामाजिक कार्यों और जनसेवा के प्रति समर्पण का सम्मान बताया है।
आयोजन से जुड़े लोगों का कहना है कि सय्यद अब्बास रिजवी का जीवन और उनका सामाजिक कार्य अन्य लोगों के लिए प्रेरणास्रोत है। समाज के प्रति उनकी जिम्मेदारी और सेवा भावना ही उन्हें इस प्रतिष्ठित सम्मान तक लेकर आई है।
30 अगस्त को नई दिल्ली में होने वाले इस भव्य समारोह में सय्यद अब्बास रिजवी को ‘विश्व कीर्ति भूषण सम्मान-2026’ से सम्मानित किया जाएगा।

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