मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार उत्थान योजना के तहत लाडवा में लगा अंत्योदय मेला
Antyodaya Mela held in Ladawa under Chief Minister Antyodaya Parivar Upthan Yojana
अंत्योदय मेला में 1183 नागरिकों में से 623 नागरिकों ने विभिन्न योजनाओं का लाभ लेने के लिए किया आवेदन : अनुभव मेहता
19 विभागों की स्टॉलों पर मिली सरकारी योजनाओं की जानकारी और सेवाएं

लाडवा, 26 जुलाई। एसडीएम अनुभव मेहता ने कहा कि हरियाणा सरकार के निर्देशानुसार रविवार को प्रशासन द्वारा आईजीएन कॉलेज लाडवा में मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार उत्थान योजना के अंतर्गत अंत्योदय मेले का आयोजन किया गया। सरकार का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को योजनाओं से जोड़कर उन्हें सशक्त, आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार उत्थान योजना मेला लाडवा में 1183 लोगों ने विजिट किया। इन नागरिकों ने 19 विभागों की 47 योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त की, इनमें से 623 नागरिकों ने विभिन्न योजनाओं का लाभ लेने के लिए आवेदन किया। पशुपालन विभाग के पास सबसे अधिक 421 आवेदन आए। मौके पर ही स्वनिधि सहित अन्य कई योजनाओं के स्वीकृति पत्र लाभार्थियों को मौके पर ही दिए गए।
उन्होंने कहा कि मेले में एक लाख रुपये से कम वार्षिक आय वाले परिवारों को फोन के माध्यम से सूचना देकर आमंत्रित किया गया। लोगों की सुविधा के लिए प्रशासन ने हेल्प डेस्क स्थापित किए थे। काउंसलिंग टीम ने लाभार्थियों की आवश्यकता के अनुसार उन्हें संबंधित विभागों के काउंटरों पर भेजा तथा उनके दस्तावेज पूरे करवाए, ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे।
*इन विभागों ने लगाए स्टॉल*
एसडीएम अनुभव मेहता ने कहा कि अंत्योदय मेले में हरियाणा अनुसूचित जातियां वित्तीय एवं विकास निगम, हरियाणा पिछड़े एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग कल्याण निगम, पशुपालन एवं डेयरी विभाग, हरियाणा डेयरी विकास सहकारी प्रसंग लिमिटेड, हरियाणा महिला विकास निगम, हरियाणा राज्य बाल कल्याण परिषद, हरियाणा कौशल विकास निगम, रोजगार विभाग, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम निदेशालय, हरियाणा एग्रो इंडस्ट्रीज कॉरपोरेशन लिमिटेड, उद्यान विभाग, मत्स्य पालन विभाग, हरियाणा राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन, ग्रामीण विकास विभाग, हरियाणा रेडक्रॉस सोसाइटी, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग, शहरी स्थानीय निकाय विभाग, विकास एवं पंचायत विभाग तथा उद्योग एवं वाणिज्य विभाग ने अपने-अपने स्टॉल लगाए।
