पत्रकारिता के इतिहास को संजोने का सराहनीय प्रयास : सुभाष बराला

Commendable effort to preserve the history of journalism: Subhash Barala

वरिष्ठ पत्रकार रणदीप घनगस की पुस्तक ‘पुरखे पत्रकार’ का दिल्ली में हुआ विमोचन

नई दिल्ली, 18 जून। हरियाणा की पत्रकारिता के शुरुआती दौर और उसके अग्रदूतों के योगदान को सामने लाने वाली पुस्तक ‘पुरखे पत्रकार’ का विमोचन भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं राज्यसभा सांसद सुभाष बराला ने अपने दिल्ली स्थित कार्यालय में किया। यह पुस्तक वरिष्ठ पत्रकार एवं हरियाणा के मुख्यमंत्री के पूर्व मीडिया कोऑर्डिनेटर रणदीप घनगस द्वारा लिखी गई है।
पुस्तक में हरियाणा के प्रारंभिक पत्रकारों के जीवन, संघर्ष, कार्यशैली और पत्रकारिता के क्षेत्र में उनके योगदान को विस्तार से प्रस्तुत किया गया है। लेखक ने उन पत्रकारों की भूमिका को रेखांकित करने का प्रयास किया है, जिन्होंने सीमित संसाधनों के बावजूद समाज और लोकतंत्र को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
इस अवसर पर राज्यसभा सांसद सुभाष बराला ने रणदीप घनगस के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि पत्रकारिता केवल समाचारों का संकलन नहीं, बल्कि समाज के इतिहास और विचारों को संरक्षित करने का माध्यम भी है। उन्होंने कहा कि ‘पुरखे पत्रकार’ जैसी पुस्तकें पत्रकारिता के इतिहास का एक महत्वपूर्ण झरोखा खोलती हैं और नई पीढ़ी को अपने पूर्वज पत्रकारों के संघर्ष एवं योगदान से परिचित कराती हैं। बराला ने कहा कि ऐसे शोधपरक कार्य पत्रकारिता के क्षेत्र में दस्तावेजीकरण की कमी को दूर करने में सहायक सिद्ध होंगे। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह पुस्तक पत्रकारिता के विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं तथा मीडिया जगत से जुड़े लोगों के लिए उपयोगी संदर्भ सामग्री साबित होगी।
लेखक रणदीप घनगस ने कहा कि पुस्तक लिखने का उद्देश्य हरियाणा की पत्रकारिता की उस विरासत को सामने लाना है, जिसके बारे में आज की पीढ़ी अपेक्षाकृत कम जानकारी रखती है। उन्होंने बताया कि पुस्तक तैयार करने के दौरान विभिन्न स्रोतों से जानकारी एकत्र कर शुरुआती पत्रकारों के जीवन और कार्यों का अध्ययन किया गया।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने भी पुस्तक को पत्रकारिता के इतिहास को संरक्षित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया और लेखक को शुभकामनाएं दीं। पुस्तक विमोचन समारोह में मीडिया, सामाजिक और सार्वजनिक जीवन से जुड़े कई गणमान्य व्यक्ति भी मौजूद रहे।

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