दिल्ली यूनिवर्सिटी वुमन्स एसोसिएशन का डायमंड जुबली समारोह आयोजित
Diamond jubilee celebrations of Delhi University Women's Association held
बच्चों के विकास में अहम कड़ी है डीयूडबल्यूए (डुआ) का प्ले स्कूल: प्रो. योगेश सिंह

नई दिल्ली। दिल्ली यूनिवर्सिटी वुमन्स एसोसिएशन का डायमंड जुबली समारोह मंगलवार को धूमधाम से आयोजित हुआ। छात्र मार्ग स्थित दिल्ली विश्वविद्यालय के डीयूडबल्यूए (डुआ) परिसर में आयोजित इस समारोह में डीयू के कुलपति प्रो. योगेश सिंह बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित रहे। कुलपति ने अपने उद्घाटन संबोधन में डीयूडबल्यूए (डुआ) के 60 वर्ष पूर्ण होने पर बधाई देते हुए कहा कि इस संस्था की स्थापना बहुत ही अच्छे भाव से और अच्छे मन से हुई, इसलिए अच्छे-अच्छे काम किए जा रहे हैं। प्रो. योगेश सिंह ने कहा कि डीयूडबल्यूए (डुआ) द्वारा चलाया जा रहा प्ले स्कूल बहुत ही सराहनीय कदम है। यह स्कूल बच्चों के विकास में अहम कड़ी का काम करता है।
कुलपति ने कहा कि आज शिक्षा में अच्छे मन बनाने पर काम होना चाहिए। उन्होंने कहा कि 5-7 साल के छोटे बच्चों के मन बनाने पर न घर में काम होता है और न स्कूलों में। यही कारण है कि जब 20-22 साल की उम्र में वह बच्चा व्यावहारिक जीवन में उतरता है तो उसे दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। शिक्षकों को इस पर काम करना चाहिए। शिक्षकों से गहराई और समझदारी की अपेक्षा की जाती है। कुलपति ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ के नारे का उदाहरण देते हुए कहा कि ये वाक्य छोटा है पर इसका प्रभाव बहुत ज्यादा है। बेटियों से ही समाज का विकास होता है। प्रो. योगेश सिंह ने कहा कि दिल्ली विश्वविद्यालय ने भी बेटियों के लिए सम्मान प्रकट करते हुए प्रत्येक कक्षा में सिंगल गर्ल चाइल्ड के लिए एक-एक सीट का आरक्षण किया है। कुलपति ने आश्वासन दिया कि बेटियों के लिए डुआ अगर कोई कार्य करना चाहती है तो दिल्ली विश्वविद्यालय की ओर से हरसंभव मदद दी जाएगी।
इस अवसर पर डुआ प्ले स्कूल के छोटे-छोटे बच्चों ने मुंशी प्रेमचंद की कहानी ‘ईदगाह’ के एक हिस्से पर आधारित “हामिद का चिमटा” नामक स्कीट की प्रस्तुत देकर सबका मन मोह लिया। इसके साथ ही डुआ से जुड़ी महिलाओं ने भी अनेकों सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। समारोह के आरंभ में डीयूडबल्यूए (डुआ)अध्यक्ष प्रो. गीता सहारे ने कुलपति एवं अन्य अतिथियों का स्वागत किया। समारोह के समापन पर डीयूडबल्यूए (डुआ) सचिव डॉ. रितुश्री कुकरेती ने धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर डुआ से जुड़ी अनेकों महिलाएं एवं गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
